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कोविड-19 पर पीआईबी का दैनिक बुलेटिन

Posted On: 14 SEP 2020 6:19PM by PIB Delhi

 

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(पिछले 24 घंटों में जारी कोविड-19 से संबंधित प्रेस विज्ञप्तियां, पीआईबी के क्षेत्रीय कार्यालयों से मिली जानकारियां और पीआईबी द्वारा जांचे गए तथ्य शामिल हैं)

 

  • भारत में मरीजों के ठीक होने की दर 78 फीसदी पहुंची, सक्रिय मामलों की तुलना में 28 लाख से अधिक रोगी स्वस्थ हुए
  • 5 सर्वाधिक प्रभावित राज्यों का कुल सक्रिय मामलों में 60 फीसदी का योगदान
  • कोविड-19 के बाद मरीजों के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए आयुष परम्‍पराओं को प्रबंधन प्रोटोकॉल में शामिल किया गया
  • प्रधानमंत्री ने कहा  कि  एक ओर कोरोना महामारी है, दूसरी और कार्य करने का कर्तव्‍य भी है और सभी सांसदों ने कर्तव्‍य का रास्‍ता चुना है।
  • 7 बड़े राज्यों से सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह
  • स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निजी अस्पतालों मे राष्ट्रीय नैदानिक उपचार प्रोटोकॉल और सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुपालन पर बल दिया गया

 

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मरीजों के ठीक होने की दर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी, रिकवरी दर 78 फीसदी पहुंची, सक्रिय मामलों की तुलना में 28 लाख से अधिक रोगी ठीक हो चुके, 5 सर्वाधिक प्रभावित राज्यों का कुल सक्रिय मामलों में 60 फीसदी का योगदान

निरंतर ऊपर की तरफ बढ़ रही रिकवरी दर अब 78 फीसदी तक तक पहुंच गई है जो प्रति दिन ठीक होने वाले रोगियों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है। पिछले 24 घंटों के दौरान 77,512 रोगियों को छुट्टी दे दी गई है। कुल ठीक होने वाले रोगियों की संख्या 37,80,107 हैं। ठीक होने वाले मामलों और सक्रिय मामलों के बीच का फासला लगातार बढ़ रहा है। यह आज लगभग 28 लाख (27,93,509) तक पहुंच गई है। देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 9,86,598 है। 60 फीसदी से अधिक सक्रिय मामले 5 राज्यों से सामने आए हैं जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु शामिल हैं। इन्ही राज्यों से ठीक होने वाले रोगियों की संख्या 60 फीसदी पहुंच गई है। देश में पिछले 24 घंटों में 92,071 नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र का इस सूची में सबसे अधिक का योगदान जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान यहां से 22,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए हैं। आंध्र प्रदेश ने 9,800 से अधिक नए मामलों में योगदान दिया है। कुल मामलों में से लगभग 60% का योगदान पांच राज्यों द्वारा दिया जा रहा है जिनमें महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में 1,136 मौतें हुई हैं। नई मौतों में से, लगभग 53% महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे तीन राज्यों में केंद्रित हैं। इसके बाद तमिलनाडु, पंजाब और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। कल दर्ज की गई 36 फीसदी से अधिक मौतें महाराष्ट्र (416 मौतें) से हुई हैं।

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कोविड महामारी और भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का 14 सितम्बर 2020 को लोकसभा और राज्यसभा में स्वतः संज्ञान वक्तव्य

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कोविड-19 के बाद मरीजों के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए आयुष परम्‍पराओं को प्रबंधन प्रोटोकॉल में शामिल किया गया

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्‍ल्‍यू) ने कोविड के बाद प्रबंधन पर एक प्रोटोकॉल जारी किया है। प्रोटोकॉल कोविड रोगियों की घर पर देखभाल के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है और यह रोकथाम/उपचारात्मक चिकित्सा के रूप में उपयोग के लिए नहीं है। इसमें यह भी कहा गया है कि स्‍वस्‍थ होने की अवधि उन रोगियों के लिए लंबी हो सकती है जो बीमारी के अधिक गंभीर रूप से पीड़ित थे और जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित थे। प्रोटोकॉल स्‍वास्‍थ्‍य सेवा की अनेक आयुष परम्‍पराओं को शामिल करने की दृष्टि से भी विशिष्‍ट है ताकि कोविड-19 मरीज तेजी से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ कर सकें। कोविड के बाद, व्यक्तिगत स्तर परमास्क का इस्‍तेमाल, हाथ और सांस संबंधी स्वच्छता, एक दूसरे से दूरी बनाकर रखना आदि के अलावा गर्म पानी का पर्याप्त सेवन और आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने वाली प्रतिरक्षा को आयुष के योग्य चिकित्सक द्वारा निर्धारित किए जाने के बाद सलाह दी जाती है। योगासन, प्राणायाम, मेडिटेशन जैसे हल्के/ मध्यम अभ्यास प्रतिदिन करने के साथ-साथ सुबह या शाम को आराम से टहलना शामिल है। इसके अलावा, प्रोटोकॉल में एक संतुलित पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी गई है जो पचाने में आसान हो और ताज़ा तैयार किया गया हो। इनमें गुनगुने पानी के सा‍थ आयुष क्वाथ, समशमनीवटी, गिलोय पाउडर लेना, अश्वगंधा और च्यवनप्राश का सेवन शामिल है। अन्य अनुशंसाओं में आंवला फल, मुलेठी पाउडर और हल्दी दूध शामिल हैं।

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संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

एक विशिष्‍ट वातावरण में संसद का सत्र आज प्रारंभ हो रहा है। कोरोना भी है, कर्तव्‍य भी है और सभी सांसदों ने कर्तव्‍य का रास्‍ता चुना है। मैं सभी सांसदों को इस पहल के लिए बधाई देता हूं, अभिनंदन करता हूं और धन्‍यवाद भी करता हूं। इस सत्र में कई महत्‍वपूर्ण निर्णय होंगे, अनेक विषयों पर चर्चा होगी और हम सबका अनुभव है कि लोकसभा में जितनी ज्‍यादा चर्चा होती है जितनी गहन चर्चा होती है, जितनी विविधताओं से भरी चर्चा होती है उतना सदन को भी, विषय-वस्‍तु को भी और देश को भी बहुत लाभ होता है। इस बार भी उस महान परम्‍परा में हम सभी सांसद मिल करके value addition करेंगे, ऐसा मेरा विश्‍वास है। कोरोना से बनी जो परिस्थिति है उसमें जिन सतर्कताओं के विषय में सूचित किया गया है, उन सतर्कताओं का पालन हम सबको करना ही करना है। और ये भी साफ है जब तक दवाई नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं। हम चाहते हैं कि बहुत ही जल्‍द से जल्‍द दुनिया के किसी भी कोने से वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो, हमारे वैज्ञानिक जल्‍द से जल्‍द सफल हों और दुनिया में हर किसी को इस संकट में से बाहर निकालने में हम कामयाब हों।

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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, उद्योग और आंतरिक व्यापार सचिव तथा औषध सचिव ने 7 बड़े राज्यों से सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कल एक वर्चुअल बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव और औषध विभाग सचिव ने भाग लिया। इस बैठक में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्य स्वास्थ्य सचिवों तथा उद्योग सचिवों ने भी भाग लिया। इस वर्चुअल बैठक का उद्देश्य इन राज्यों में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता प्रदान करना और ऑक्सीजन की अंतरराज्यीय आवाजाही के साथ-साथ अप्रतिबंधित आवागमन सुनिश्चित करना था। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी बैठक को संबोधित किया। राज्यों को विशेष रूप से ये सलाह दी गईं कि सुविधाओं के अनुसार और अस्पताल की ज़रूरत पर ऑक्सीजन के स्टॉक का प्रबंधन तथा समय पर पुनःपूर्ति के लिए अग्रिम योजना सुनिश्चित करना जिससे ऑक्सीजन की कोई कमी न हो। सुनिश्चित किया जाए कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। शहरों के भीतर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) टैंकरों के लिए "ग्रीन कॉरिडोर" का प्रावधान हो। निर्माताओं और आपूर्तिकर्ता को ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए देय बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाये।

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डॉ. हर्षवर्धन ने 'संडे संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से अपने सोशल मीडिया फॉलोवर्स के साथ बातचीत की

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कल 'संडे संवाद' कार्यक्रम के ज़रिये अपने सोशल मीडिया फॉलोवर्स से बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। डॉ. हर्षवर्धन से पूछे गए सवालों में न केवल कोविड की वर्तमान स्थिति के बारे में चर्चा हुई, बल्कि इस सम्बन्ध में सरकार के दृष्टिकोण के बारे में जाना गया। संभावना है कि कोविड के बाद की दुनिया और सरकार द्वारा इस बारे में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही हो। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फ़िलहाल वैक्सीन लॉन्च होने के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है, फिर भी संभव है कि यह 2021 की पहली तिमाही तक तैयार हो सकती है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार वैक्सीन के मानव पर परीक्षणों के संचालन में पूरी सावधानी बरत रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि टीका सबसे पहले उन लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी। इसके लिए टीके की कीमत नहीं देखी जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के वास्ते कोविड-19 टीकाकरण के लिए आपातकालीन प्राधिकरण बनाने पर विचार कर रही है। टीके के सुरक्षात्मक पहलू के बारे में सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए, उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों में विश्वास की कमी है, तो मैं कोविड का टीका लगवाने के लिए सबसे पहले खुद को प्रस्तुत करूंगा।

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प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने कोविड-19 पर विस्तृत समीक्षा बैठक की, विभिन्न मंत्रालयों व विभागों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की सराहना की

कोविड-19 को लेकर तैयारियों और कार्रवाई की व्यापक समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। देशभर के विभिन्न जिलों और राज्यों में आए मामलों और उनके प्रबंधन के अनुभवों से आगे की दिशा तय करना बैठक का प्रमुख बिन्दु रहा। वैक्सीन के विकास और इसके वितरण योजना पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के विभिन्न पहलुओं के दीर्घावधि प्रबंधन के लिए जिला स्वास्थ्य कार्य योजना की आवश्यकता महसूस की गई। बैठक में कैबिनेट सचिव, नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और विभिन्न सम्बद्ध कार्य समूहों के संयोजक और संबद्ध विभागों के सचिवों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में यह रेखांकित किया गया कि सभी अधिकार प्राप्त समूहों ने कोविड-19 से निपटने की दिशा में अथक प्रयास किए हैं जिससे उल्लेखनीय लक्ष्य हासिल हुए हैं। प्रधान सचिव ने सभी संबद्ध विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोविड-19 से निपटने के लिए की जाने वाली तैयारियों में अब तक प्राप्त अनुभवों और सभी जिलों व राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि प्रभावी परिणाम सामने आ सकें।

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केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्यों से कोविड-19 के  प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग देने का आह्वान किया

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने शुक्रवार को एक वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से आठ पूर्वोत्तर राज्यों में कोविड-19 के लिए किए गए प्रबंधन रणनीतियों और उठाए गए कदमों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सचिव और उन राज्यों के अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए। इन 8 पूर्वोत्तर राज्यों में कुल मिलकर, देश के कुल सक्रिय मामलों के 5% से भी कम मामले हैं। बैठक में राज्यों को रोग नियंत्रण के लिए कठोर उपायों को लागू करके और सामाजिक दूरी के उपायों का पालन करके, नियंत्रण का सख्त पैमाना अपनाकर और घर-घर जाकर मामलों का पता लगाकर संक्रमण के प्रसार को सीमित करने, राज्यों, जिलों में जांच करके, आरटी-पीसीआर जांच क्षमता का विवेकपूर्ण और पूर्ण रूप से उपयोग करके रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान करने के लिए कहा गया।

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तेल के आयात पर कोविड-19 का प्रभाव

तेल और गैस क्षेत्र के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने बताया है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरुप मांग में अप्रत्याशित कमी आई है और लॉकडाउन के चलते राजस्व में कमी आई है। अनलॉक प्रक्रिया चलते देश में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की मांग बढ़ी है। दुनिया भर में कोविड-19 के कारण और राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने के कारण भारतीय रिफाइनरी कम क्षमता के साथ कार्यरत हैं। यह सूचना केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

 

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कोविड-19 से निपटने के राज्यो को धन आवंटित

कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को इस महामारी से निपटने के लिए 3 अप्रैल,2020 को राज्य आपदा अनुक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के अंतर्गत पहली किस्त के रूप में 11,092 करोड़ रूपए जारी किए थे। केंद्रीय वित्त और कार्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। श्री ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 2 प्रतिशत तक के अतिरिक्त ऋण सीमा की अनुमति दी गई है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 2 प्रतिशत तक के अतिरिक्त ऋण सीमा के सापेक्ष वर्ष 2020-20 के लिए राज्यों को खुले बाजार से ऋण (ओएमबी) लेने के लिए जीएसडीपी के 0.50 प्रतिशत अर्थात 1,06,830 करोड़ की अनुमति जारी की जा चुकी है।

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कोविड-19 से लड़ने के लिए लॉकडाउन की अवधि में कंपनियों/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) को छूट और रियायत

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन की अवधि में कंपनियों/एलएलपी को राहत देने के लिए कई छूट और रियायत संबंधी कदम उठाए हैं। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। इसमें अतिरिक्त शुल्क के बिना दस्तावेज दाखिल करने के लिए कंपनी फ्रेस स्टार्ट योजना 2020( सीएफएसएस) और कानूनी प्रक्रिया आदि शामिल हैं। सीएफएसएस 2020 के समान लाभ एलएलपी को लाभ के लिए  समाधान योजना 2020, वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिग के द्वारा बोर्ड और जनरल मीटिंग आयोजित करने के लिए विशेष प्रावधानों की शुरुआत, 31 दिसंबर,2019 को वित्तीय वर्ष की समाप्ति कर रही कंपनियों के लिए आम सभा के आयोजन के लिए विशेष राहत और कॉर्पोरेट को सीएसआर निधि को स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन में खर्च करने की अनुमति शामिल है।

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प्रधानमंत्री ने बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी तीन प्रमुख परियोजनाएं राष्‍ट्र को समर्पित की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने रविवार को बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी तीन प्रमुख परियोजनाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश को समर्पित किया। परियोजनाओं में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड और दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि गैस आधारित उद्योग और पेट्रो-कनेक्टिविटी का लोगों के जीवन पर, उनके जीवन स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है और लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर वापस आ गए हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी के दौरान भी देश विशेष रूप से बिहार बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन परियोजना भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करने वाली है। उन्होंने सभी से बिहार, पूर्वी भारत को विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए तेजी से काम करने का आग्रह किया।

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स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निजी अस्पतालों के साथ हुए एक वर्चुअल संगोष्ठी में राष्ट्रीय नैदानिक उपचार प्रोटोकॉल और सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुपालन पर बल दिया गया

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को फिक्की और एम्स, नई दिल्ली के सहयोग से देश में कोविड-19 के उपचार की सुविधा प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों के साथ एक वर्चुअल संगोष्ठी का आयोजन किया। इसके माध्यम से, कोविड-19 के कारण होने वाली मौतों की दर में कमी लाने के लिए कोविड-19 के प्रबंधन में नैदानिक ​​प्रोटोकॉल और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया। इस संगोष्ठी का आयोजन, देश में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अस्पतालों द्वारा लागू किए जा रहे सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रभावी उपचार पद्धतियों को साझा करने के लिए किया गया। मंत्रालय ने अस्पताल के प्रतिनिधियों को उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं में कोविड-19 का प्रबंधन करते समय होने वाली प्रमुख चिंताओं और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सरकार के इस संकल्प को फिर से दोहराया कि कोविड-19 के रोगियों को बिस्तरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और उनका त्वरित इलाज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य निश्चित रूप से एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण होना चाहिए है जो सभी के लिए उपलब्ध, सस्ता और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ मिलकर मृत्यु दर को 1% से कम रखने का प्रयास करना है। सर्वोत्तम प्रथाओं में विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आईसीयू के डॉक्टरों की नैदानिक ​​प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए ई-आईसीयू, उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) और नैदानिक ग्रैंड राउंड के माध्यम से, एम्स, नई दिल्ली द्वारा आयोजित टेली-परामर्श सत्रों पर चर्चा शामिल की गई। यह रोकथाम, बचाव, प्रारंभिक पहचान के लिए विभिन्न केंद्रित रणनीतियों का पूरक है, जिसके परिणामस्वरूप ठीक होने की दर में वृद्धि और मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें- https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1653682

 

आईपीएफटी ने सब्जियों और फलों को सूक्ष्म कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए नया कीटाणुनाशक स्प्रे विकसित किया

भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन व पेट्रोरसायन विभाग के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त संस्थान कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईपीएफटी) ने सतह और फल एवं सब्जियों को कीटाणु मुक्त करने के लिए दो नए कीटाणुनाशक स्प्रे सफलतापूर्वक विकसित किए हैं। आईपीएफटी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि दरवाजों के हैंडल, कुर्सियों पर हाथ रखने वाले स्थान, कंप्यूटर के साथ इस्तेमाल होने वाले की-बोर्ड और माउस इत्यादि से सूक्ष्म विषाणु और जीवाणु के संक्रमण अप्रत्यक्ष संपर्क के जरिए भी फैल सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए आईपीएफटी ने अल्कोहल आधारित कीटाणु नाशक स्प्रे विकसित किया है जो वनस्पतिक आधारित विषाणु और जीवाणु रोधी है और यह सूक्ष्म जीवाणुओं-विषाणुओं द्वारा विभिन्न संक्रामक रोगों के नियंत्रण में प्रभावी उपाय हो सकता है।

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भारतीय वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के अनुक्रमों (सीक्वेंस) का ऑनलाइन अनुमान लगाने के लिए वेब-आधारित कोविड प्रिडिक्टर तैयार किया

भारत में वैज्ञानिकों का एक समूह देश और पूरे विश्व में सार्स-कोव-2 के जीन संबंधी अनुक्रमों (जीनोमिक सीक्वेंसेज) पर काम कर रहा है, ताकि जीन संबंधी परिवर्तनीयता (वेरीएबिलिटी) और वायरस व इंसानों में संभावित मॉलिक्यूलर टारगेट्स की पहचान करके कोविड-19 वायरस को रोकने के सबसे अच्छे उपाय को खोजा जा सके। नोवेल कोरोना वायरस चुनौती की जड़ में जाने और इसे अलग-अलग दिशाओं से देखने के लिए कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इंद्रजीत साहा और उनकी टीम ने एक वेब-आधारित कोविड-भविष्यदर्शी (प्रिडिक्टर) बनाया है। इसके जरिए मशीन लर्निंग के आधार पर वायरसों के अनुक्रमों (सीक्वेंसेज) का ऑनलाइन अनुमान करने और प्वाइंट म्यूटेशन और सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलीमार्फिज्म (एसएनपी) के संदर्भ में जीन संबंधी परिवर्तनीयता का पता लगाने के लिए 566 भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोम्स का विश्लेषण करने का लक्ष्य है।

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 पत्र सूचना कार्यालय के क्षेत्रीय कार्यालयों से मिली जानकारियां

चंडीगढ़ : केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक ने चंडीगढ़ में जांच बढ़ाने के लिए 10 हजार अतिरिक्त एंटीजन किट खरीदने का निर्देश दिया है। उन्होंने इसके साथ ही कोविड रोगियों के लिए अतिरिक्त 200 बेड बढ़ाने के लिए इंफोसिस सराय को पीजीआईएमईआर के सौंपने का निर्देश भी दिया। अगले आदेश तक इंफोसिस सराय को संक्रामक रोग अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जाएगा

हरियाणा :  राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा है कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1.44 लाख लोगों के इलाज के लिए 169.4 करोड़ रूपए खर्च किए हैं। इस योजना के तहत राज्य के लोगों को उत्कृष्ट अस्पताल में 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कोविड-19 के रोगियों को भी शामिल किया है।

अरूणाचल प्रदेश :  मुख्यमंत्री ने ईटानगर स्थित आर के मिशन अस्पताल में काम करने के दौरान कोविड-19 से स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती सलामी संगदीगोरिया (38 वर्षीय) के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

असम : राज्य में कल 1292 ओर व्यक्ति कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए और 2251 लोगों को उपचार के बाद घर भेजा गया। राज्य में अब कोरोना के कुल 1,41,736 मामले हैं। 1,13,133 लोगो को उपचार के बाद घर भेजा गया है। 28,158 सक्रिय मामले हैं और 469 लोगों की  मृत्यु हो चुकी है

मणिपुर : राज्य में कोरोना के 144 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में अब 1638 सक्रिय मामले हैं। बीते चौबीस घंटे में 78 प्रतिशत की रिकवरी दर से 89 लोग स्वस्थ हुए और 1 रोगी की मृत्यु हुई

मेघालय : राज्य में अब 1623 सक्रिय मामले हैं और 2075 स्वस्थ हो चुके हैं।

मिजोरम :  राज्य में कल कोरोना के 14 नए मामले सामने आए। राज्य में अब कोरोना के कुल 1428 मामले और 598 सक्रिय मामले हैं।

नगालैंड : राज्य में रविवार को 563 नमूनों की जांच हुई और इनमें से 19 मामलों में कोरोना की पुष्टि हुई। 61 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हुए।

केरल : राज्य लोक प्रशासन विभाग ने लॉकडाउन रोक के तहत राज्य सरकार के कार्यालय में लागू शनिवार के अवकाश को रद्द करने की सिफारिश की है। इससे साथ ही सभी कार्यालय में 22 सितंबर से पूर्ण रूप से कार्य करने का निर्देश भी दिया है। इस बारे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा कोविड मूल्यांकन बैठक में लिया जाएगा। केरल में कल कोविड-19 के 3,139 नए मामले सामने आए। राज्य में इस समय 30,072 लोग उपचार प्राप्त कर रहे हैं और 2,04,489 लोग निगरानी में हैं। आज कोरोना से एक ओर व्यक्ति की मृत्यु के बाद मरने वाले लोगो की संख्या 440 हो गई है।

तमिलनाडु :  पुडुचेरी में सोमवार को कोविड-19 के 414 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामले 20 हजार से अधिक हो गए। राज्य में कोरोना से 9 और लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में कोरोना के 20,226 कुल मामले, 4805 सक्रिय मामले, उपचार के बाद स्वस्थ हुए 15027 मामले हैं और 394 लोगों की मृत्यु हुई है। तमिलनाडु में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राज्य के स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज के संकायाध्यक्ष को सभी पराचिकित्सीय छात्रों को वापिस बुलाने और उन्हें अस्पताल में कोविड-19 संबंधी कार्य में प्रयोग करने के लिए लिखा है। तमिलनाडु में कोविड-19 संबंधी रोक के बावजूद 1 लाख से अधिक अभ्यर्थी नीट-2020 परीक्षा में शामिल हुए।

कर्नाटक :  मैसूरु जिला प्रशासन ने जिले में वरिष्ठ नागरिकों के कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित होने को ध्यान में रखते हुए हुन्सुर रोड़ स्थित बसापा मेमोरियल अस्पताल (बीएमएच) को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कोविड अस्पताल में परिवर्तित करने का फैसला लिया है। कर्नाटक में सुरक्षात्मक उपाय के साथ 1.2 लाख परीक्षार्थी नीट परीक्षा में शामिल हुए। राज्य में रविवार को एक दिन में अब तक के सबसे ज्यादा 9,894 मामले सामने आए। इससे पहले 2 सितंबर को सबसे ज्यादा 9,860 मामले सामने आए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 के नाजुक रोगियों को बैंगलुरू में सरकारी कोटे के तहत आईसीयू बेड मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

आंध्रप्रदेश  : उच्चतम न्यायालय ने स्वर्ण पैलेस कोविड देखभाल केंद्र में आग लगने की घटना के मामले में आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में जांच की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने डॉ रमेश से जांच के दौरान सहयोग करने के लिए कहा। 9 अगस्त, 2020 को विजयवाड़ा में रमेश अस्पताल द्वारा संचालित कोविड केंद्र स्वर्ण पैलेस में आग लगने से कोविड-19 के 10 रोगियों की मृत्यु हो गई थी और 20 घायल हो गए थे। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में कोविड के उपचार के लिए निजी अस्पताल द्वारा अधिक शुल्क लेने के मुद्दे पर दाखिल याचिका पर सुनवाई राज्य सरकार द्वारा जबाव दाखिल करने के लिए समय मांगने पर अगले सप्ताह के लिए स्थगित हो गई। 

तेलंगाना : राज्य में बीते 24 घंटो में कोरोना के 1417 नए मामले सामने आए, 2479 लोग स्वस्थ हुए और 13 लोगों की मृत्यु हुई। 1417 मामलों में से 264 मामले जीएचएमसी में सामने आए। राज्य में अब कोरोना के 1,58,513 कुल मामले 30,532 सक्रिय मामले और 974 लोगों की मृत्यु हुई है। 1,27,007 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई है। राज्य में कोरोना वायरस के लगातार सक्रिय होने और नए लोगों को संक्रमित करने के बाद भी स्वस्थ होने वाले लोगो की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री श्री किशन रेड्डी ने कहा है कि राज्य सरकार ने कोविड से लड़ने में केंद्र सरकार द्वारा दी गई सहायता की भूमिका स्वीकार नहीं की है।

महाराष्ट्र : मुंबई में कोविड-19 के मामले बढ़ने के पीछे एमसीजीएम ने कोरोना की अधिक जांच होने को ठहराया है। वृहद मुंबई नगर निगम के अनुसार मिशन बिगेन अगेन के अंतर्गत रोक हटने और इस माह 10 दिवसीय गणेश उत्सव समाप्त होने के बाद संक्रमण में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। मुंबई जिले में रिकवरी दर 77 प्रतिशत है और बीते एक सप्ताह से कोरोना के मामले 1.24 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं। कोविड-19 के 30,316 सक्रिय मामले और बीते कुछ दिनों से प्रतिदिन लगभग 2 हजार मामले आने के बाद मुंबई देश के सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में एक बना हुआ है।

गुजरात : अहमदाबाद पुलिस ने अनिवार्य रूप से मास्क न पहनने के नियम का उल्लंघन करने वाले लोगो के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है। गत माह मास्क न पहनने पर दंड 500 रूपए से बढ़ाकर 1 हजार रूपए करने के बाद भी अहमदाबाद में कई लोग इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस ने बीते एक सप्ताह से इस मामले में एक अभियान की शुरुआत की है। गुजरात में अब कोविड-19 के 16,439 सक्रिय मामले हैं।

राजस्थान : अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों को सांस लेने में तकलीफ़ होने और ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता को देखते हुए राज्य के सरकारी मेडिकल कालेज और जिला अस्पतालों से संबद्ध 38 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। 38 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों में से 17 की क्षमता 90 ऑक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन,14 की क्षमता 30 से 40 और 7 की क्षमता 24 सिलेंडर उत्पादन करने की होगी।

मध्य प्रदेश  : कोविड-19 के मामले बढ़ने के बाद ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार प्रतिदिन 50 टन आक्सीजन की आपूर्ति करेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 महामारी के संकट ग्रस्त समय के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल का राज्य को सहयोग देने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। राज्य में अब 20,487 सक्रिय मामले हैं।

गोवा  : मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 50 लाख रूपए का बीमा कराया गया है। यह बीमा केंद्र सरकार के अहम कार्यक्रम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदान किया गया है। राज्य में कोविड रोगियों का उपचार ईएसआई अस्पताल मारगांव (दक्षिण गोवा), पणजी (उत्तरी गोवा) के निकट गोवा मेडिकल कालेज और अस्पताल (जीएमसीएच) और पोंडा (दक्षिण गोवा) के उप-जिला अस्पताल में चल रहा है। 

FACT CHECK

 

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