गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय सक्रियता से देश भर में मॉनसून की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रस मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय भारी बारिश से उत्पथन्नद चुनौतियों से निपटने में प्रभावित राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को हर संभव सहायता उपलब्धर करा रहा है
गृह मंत्रालय का एकीकृत नियंत्रण कक्ष मौसम विभाग, केन्द्रीय जल आयोग और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र जैसी दूसरी केन्द्रीय एजेंसियों के समन्वमय से संचालित है ताकि राज्य और ज़िला आपात अभियान केन्द्रों को समय पर अलर्ट भेजे जा सकें
एकीकृत नियंत्रण कक्ष राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और ज़िलों तक आरंभिक चेतावनी पहुंचाने के साथ ही चौबीस घंटे बचाव कार्यों की निगरानी में लगा है
पिछले एक सप्ताैह में प्रभावित राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में 52 लोगों को बचाया गया और 2206 को सुरक्षित स्था नों पर पहुंचाया गया
केन्द्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय दलों ने नुकसान के आकलन और राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष से इन राज्यों को आवश्य्क आर्थिक मदद के लिए 7 से 10 जुलाई, 2026 के बीच अरुणाचल प्रदेश और असम के प्रभावित इलाकों का दौरा किया
लगातार बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जायज़ा लेने के लिए एक और अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय दल 25 जुलाई, 2026 से असम के प्रभावित इलाकों का दौरा करेगा
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2026 6:08PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह मंत्रालय पूरे देश में मॉनसून की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मंत्रालय भारी वर्षा से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावित राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है।
जुलाई 2026 के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव तथा जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई।
गृह मंत्रालय का एकीकृत नियंत्रण कक्ष (ICT), भारत मौसम विज्ञान विभाग, केंद्रीय जल आयोग तथा भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र, इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज़ सहित अन्य केन्द्रीय एजेंसियों के समन्वय से राज्य और ज़िला आपातस्थिति संचालन केन्द्रों को समय पर अलर्ट भेज रहा है। राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेशों और ज़िलों तक शुरुआती चेतावनी पहुंचाने के साथ ही कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सभी बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) राज्य की एजेंसियों, राज्य पुलिस तथा राज्य आपदा मोचन बल के साथ मिलकर लोगों की जान बचाने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में लगा है। त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ ने संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही अपनी टीमें तैनात कर रखी हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 52 नागरिकों को बचाया है, और 2,206 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।
गृह मंत्रालय के साथ तालमेल रखते हुए रक्षा मंत्रालय ने भी कम से कम समय में अपने संसाधन जुटाकर बाढ़ और संकट में फंसे लोगों के बचाव तथा लोगों एवं सामग्री के परिवहन में बचाव एजेंसियों को सहयोग तथा राहत सामग्री वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इससे पहले 10 मई, 2026 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में भीषण गर्म हवा की लहर-लू तथा मॉनसून पूर्व संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर एक समीक्षा बैठक हुई थी। इसके बाद 3 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारियों की समीक्षा हेतु एक अन्य बैठक आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, चार धाम यात्रा मार्ग की तैयारियों की भी गृह मंत्रालय द्वारा नियमित समीक्षा की जाती रही।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशों के अनुरूप अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने 7 से 10 जुलाई, 2026 के दौरान अरुणाचल प्रदेश और असम के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायज़ा लिया, ताकि राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष से इन राज्यों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसी सिलसिले में एक अन्य अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय टीम 25 जुलाई, 2026 से असम के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लगातार वर्षा और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेगी।
हाल की भारी वर्षा से कुछ राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, किंतु समग्र रूप से इस बारिश ने पहले अनुमानित लगभग 30 प्रतिशत वर्षा की कमी घटाकर लगभग 15 प्रतिशत तक ला दी है।
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पीके/केसी/एकेवी/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2288439)
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