सूचना और प्रसारण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

आकाशवाणी ने अपने 90 वर्ष पूरे होने के उत्सव के रूप में 'स्वर प्रेरणा वीथिका' का अनावरण किया


पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने महान संगीतकारों के सम्मान में फोटो गैलरी का उद्घाटन किया

प्रविष्टि तिथि: 01 JUL 2026 6:23PM by PIB Delhi

आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर और 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष पूरे होने की तैयारी के तहत, आकाशवाणी ने आज आकाशवाणी और भारत के महान संगीतकारों के बीच अटूट संबंधों को समर्पित एक फोटो गैलरी 'स्वर प्रेरणा वीथिका' का अनावरण किया। इसका उद्घाटन पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन के आकाशवाणी रंग भवन सभागार में किया।

 

/center>

 

लगभग नौ दशकों से, आकाशवाणी देश के प्रमुख लोक सेवा प्रसारक के रूप में काम कर रहा है। इसने देश भर के लाखों श्रोताओं तक महान कलाकारों की प्रस्तुतियां पहुंचाकर भारत की समृद्ध संगीत विरासत को संजोया और बढ़ावा दिया है। इसी शानदार विरासत के सम्मान में 'स्वर प्रेरणा वीथिका' की शुरुआत की गई है। यह उन प्रख्यात कलाकारों को सम्मानित करती है जो आकाशवाणी से गहराई से जुड़े रहे और जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय संगीत में उनके अमूल्य योगदान को संजोये रखना और साथ ही कलाकारों व संगीत प्रेमियों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करना है।

पहल के पहले चरण में, 20 प्रतिष्ठित संगीत दिग्गजों के चित्रों का अनावरण किया गया। इस गैलरी में भारत रत्न से सम्मानित विदुषी एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी (कर्नाटक गायन), पं. रविशंकर (सितार), विदुषी लता मंगेशकर (पार्श्व गायन), उस्ताद बिस्मिल्लाह खान (शहनाई), पं. भीमसेन जोशी (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन) और डॉ. भूपेन हजारिका (लोक संगीत) के चित्र शामिल हैं। साथ ही पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं पंडित हरिप्रसाद चौरसिया (बांसुरी), उस्ताद अमजद अली खान (सरोद) और उस्ताद अलाउद्दीन खान (सरोद), पं. बिरजू महाराज (कथक) और  पद्म भूषण पुरस्कार विजेताओं उस्ताद हाफिज अली खान (सरोद)उस्ताद अहमद जान थिरकवा (तबला), पं. कृष्णराव शंकर पंडित (हिन्दुस्तानी गायन), विदुषी शन्नो खुराना (गायन), पं. देबू चौधरी (सितार), विदुषी शरण रानी बैकलीवाल (सरोद), उस्ताद साबरी खान (सारंगी), पं. राजन मिश्र एवं पं. साजन मिश्रा (हिंदुस्तानी गायन), उस्ताद असद अली खान (रुद्र वीणा) और उस्ताद मुश्ताक हुसैन खान (हिंदुस्तानी गायन) के चित्र भी शामिल है।

इस अवसर पर प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गौरव द्विवेदी ने कहा कि 'स्वर प्रेरणा वीथिका' का उद्घाटन आकाशवाणी की उन महान कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करने की कोशिशों का पहला चरण है, जिनके अमूल्य योगदान ने आकाशवाणी को देश के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों में से एक के रूप में स्थापित करने में मदद की। उन्होंने कहा कि बाद के चरणों में गैलरी में और भी मशहूर कलाकारों के चित्र शामिल किए जाएंगे तथा देश भर के आकाशवाणी केंद्रों पर खास स्थानीय संगीतकारों को समर्पित ऐसी ही गैलरी भी बनाई जाएंगी।

भारतीय संगीत के प्रति आकाशवाणी की दृढ़ प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस लोक प्रसारक ने अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच देकर और श्रोताओं की विविध पसंद का ध्यान रखते हुए, संगीत की विभिन्न परंपराओं को लगातार बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के समर्पित डिजिटल चैनल– हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए ‘रागम्’ और भक्ति संगीत के लिए ‘आराधना’– यूट्यूब, न्यूज ऑन एयर ऐप और वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के कलाकारों ने भारत की समृद्ध संगीत विरासत को देश और दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने इस अवसर को "घर वापसी" जैसा बताया। उन्होंने याद किया कि आकाशवाणी के साथ उनका संगीत का सफ़र बच्चों के कार्यक्रम से शुरू हुआ था। आकाशवाणी को कलाकारों की कई पीढ़ियों को संवारने वाला एक परिवार बताते हुए, उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा आगे भी फलती-फूलती रहेगी और संस्थान को देश भर के श्रोताओं का प्यार और स्नेह मिलता रहेगा।

इस कार्यक्रम को पंडित रूपक कुलकर्णी के मनमोहक बांसुरी वादन ने और समृद्ध किया। पंडित रूपक कुलकर्णी, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के सबसे खास शिष्यों में से एक हैं। मैहर घराने के जाने-माने कलाकार पंडित कुलकर्णी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर बांसुरी वादक हैं, जिन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिले हैं और वे आकाशवाणी के शीर्ष श्रेणी के कलाकार हैं। अपने सम्मानित गुरु की उपस्थिति में दी गई उनकी दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा।

'स्वर प्रेरणा वीथिका' का उद्घाटन आकाशवाणी की उन निरंतर प्रयासों में एक और अहम पड़ाव है, जिनका उद्देश्य भारत की समृद्ध संगीत विरासत को संजोना और उन महान कलाकारों का सम्मान करना है, जिन्होंने देश की लोक सेवा प्रसारण परंपरा को समृद्ध किया है।

****

पीके/केसी/एसके/ डीए


(रिलीज़ आईडी: 2280119) आगंतुक पटल : 155
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Telugu , English , Urdu , Marathi , Assamese , Gujarati , Tamil , Kannada , Malayalam