वित्त मंत्रालय
20 राज्यों को 68,825 करोड़ रुपये जुटाने की मिली अनुमति
Posted On:
13 OCT 2020 6:28PM by PIB Delhi
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने आज 20 राज्यों को बाजार से कर्ज के जरिए 68,825 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि जुटाने की अनुमति दी।
अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त ऋण जुटाने की अनुमति उन राज्यों को दी गई है जिन्होंने जीएसटी क्रियान्वयन से हुई राजस्व क्षतिपूर्ति को पूरा करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा सुझाए दो में से पहले विकल्प को चुना था।
27 अगस्त 2020 को आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में इन दो विकल्पों को आगे रखा गया था और बाद में 29 अगस्त 2020 को राज्यों को इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। 20 राज्यों ने विकल्प-1 को चुना है। ये राज्य हैं- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। अभी आठ राज्यों को किसी एक विकल्प का चुनाव करना बाकी है।
विकल्प-1 चुनने वाले राज्यों के लिए कुछ सुविधाएं उपलब्ध हैं :
क. वित्त मंत्रालय के समन्वय के साथ राजस्व में कमी को पूरा करने के लिये ऋण पत्र जारी कर विशेष उधारी खिड़की से राशि जुटाने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस मद में राज्यों के राजस्व में कुल कमी करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।
ख. कोविड महामारी के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत जीएसडीपी के 2 प्रतिशत अतिरिक्त कर्ज में से 0.5 प्रतिशत की अंतिम किस्त को बाजार से जुटाने की अनुमति होगी। उन्हें सुधारों की शर्त से भी छूट होगी।
व्यय विभाग ने 17 मई 2020 को राज्यों को जीएसडीपी के 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त कर्ज सीमा प्रदान की थी। इस 2 प्रतिशत की सीमा में से 0.5 प्रतिशत की अंतिम किस्त को भारत सरकार द्वारा निर्धारित चार सुधारों में से कम से कम तीन को पूरा करने के लिए किया गया था। हालांकि जिन राज्यों ने जीएसटी क्रियान्वयन से हुई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए पहला विकल्प चुना है, उनके लिए जीएसडीपी के 0.5 प्रतिशत की अंतिम किस्त का लाभ उठाने के लिए सुधारों की शर्त से छूट दी गई है। इस प्रकार से 20 राज्य, जिन्होंने पहले विकल्प को चुना है, बाजार से कर्ज के माध्यम से 68,825 करोड़ रुपये की राशि जुटाने के पात्र हो गए हैं। विशेष उधार खिड़की को लेकर अलग से कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्यवार विवरण निम्नानुसार है :
क्रमांक
|
राज्य
|
13.10.2020 को अतिरिक्त कर्ज की अनुमति (रु. करोड़ में)
|
1.
|
आंध्र प्रदेश
|
5,051.00
|
2.
|
अरुणाचल प्रदेश
|
143.00
|
3.
|
असम
|
1,869.00
|
4.
|
बिहार
|
3,231.00
|
5.
|
गोवा
|
446.00
|
6.
|
गुजरात
|
8,704.00
|
7.
|
हरियाणा
|
4,293.00
|
8.
|
हिमाचल प्रदेश
|
877.00
|
9.
|
कर्नाटक
|
9,018.00
|
10.
|
मध्य प्रदेश
|
4,746.00
|
11.
|
महाराष्ट्र
|
15,394.00
|
12.
|
मणिपुर
|
151.00
|
13.
|
मेघालय
|
194.00
|
14.
|
मिजोरम
|
132.00
|
15.
|
नगालैंड
|
157.00
|
16.
|
ओडिशा
|
2,858.00
|
17.
|
सिक्किम
|
156.00
|
18.
|
त्रिपुरा
|
297.00
|
19.
|
उत्तर प्रदेश
|
9,703.00
|
20.
|
उत्तराखंड
|
1,405.00
|
|
कुल
|
68,825.00
|
एसजी/एएम/एएस/डीसी
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