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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा के लिए सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की


कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई

जरूरी सामानों की आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कटौती और बिजली क्षेत्र के उपायों की समीक्षा की गई

आवश्यक सामानों की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं

कीमतों और आवश्यक वस्तु अधिनियम के पालन पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार निगरानी और बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं
उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूरिया का उत्पादन बनाए रखना और डीएपी/एनपीकेएस के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना जैसे कई प्रयास किए जा रहे हैं

प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया

प्रधानमंत्री ने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों में इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए

प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए, जनता तक सही जानकारी समय पर और सुचारू रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया
कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 10:04PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी।

कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। इसी तरह, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी अलग-अलग देशों से प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं, और एलपीजी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए 'एंटी-डायवर्जन' (गलत इस्तेमाल रोकने संबंधी) प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।

पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी पहल की गई है। भारी गर्मियों के महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, 7-8 जीडब्ल्यू क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए रेक की संख्या बढ़ाने जैसे उपाय भी किए गए हैं।

इसके अलावा, कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।

उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, जरूरतों को पूरा करने हेतु यूरिया का उत्पादन बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, ​​छापेमारी और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाएं।

पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कीमतों की लगातार निगरानी करने और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बातचीत करने, तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों की भी निगरानी की जा रही है।

ऊर्जा, उर्वरकों और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए हमारे स्रोतों में वैश्विक स्तर पर विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं; साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहलें और निरंतर कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।

संकट में बढ़ोतरी के बीच प्रभावी जानकारी के प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तरों पर बेहतर समन्वय, रीयल-टाइम संचार और सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।

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पीके/केसी/एमपी 


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