संस्कृति मंत्रालय
भोपाल में 11 ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक संपन्न हुई; भोपाल घोषणापत्र को अपनाया
प्रविष्टि तिथि:
08 AUG 2026 1:54PM by PIB Delhi
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आज भोपाल में 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई और इसका समापन भोपाल घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ, जो ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक व्यावहारिक और दूरदर्शी ढांचा प्रदान करता है।

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स संस्कृति ट्रैक ने तीन संस्कृति कार्य समूह बैठकों के माध्यम से प्रगति की। पहली बैठक 29-30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित की गई, इसके बाद दूसरी बैठक 4-5 जून 2026 को वाराणसी में और तीसरी बैठक 5-6 अगस्त 2026 को भोपाल में हुई। आज आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत सहित 14 देशों ने भाग लिया, जिनमें 10 ब्रिक्स सदस्य देश और 4 भागीदार देश शामिल थे। भाग लेने वाले ब्रिक्स सदस्य देश ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात थे, जबकि मिस्र ने मंत्रिस्तरीय बैठक में ऑनलाइन भाग लिया। भागीदार देश बेलारूस, क्यूबा, कजाकिस्तान और थाईलैंड थे। इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्रियों ने भी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया, जो संस्कृति ट्रैक में उच्च स्तरीय भागीदारी को दर्शाता है। बैठकों में कुल 55 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विचार-विमर्श भारत के ब्रिक्स के व्यापक विषय, "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" द्वारा निर्देशित था, जिसमें संवाद को व्यावहारिक पहलों में बदलने और संस्कृति के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को सूदृढ़ करने पर जोर दिया गया था।

आज अपनाई गई भोपाल घोषणा, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सहयोग को बढ़ावा देती है, जिसमें कार्यप्रणालियों, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, रचनाकारों के लिए समर्थन, नेटवर्किंग और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बाजार तक पहुंच के विस्तारित अवसर शामिल हैं। यह यूनेस्को बहुराष्ट्रीय नामांकन, उत्पत्ति अनुसंधान और सांस्कृतिक संपदा की वापसी एवं बहाली पर बेहतर सहयोग का भी प्रावधान करती है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सक्षम ट्रेसिंग उपकरणों की खोज; पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की सुरक्षा; दस्तावेजी विरासत, डिजिटलीकरण और संरक्षण में संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों के बीच सहयोग; और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों में कॉपीराइट कार्यों के उपयोग के संबंध में रचनाकारों के अधिकारों की सुरक्षा, पारदर्शिता और उचित एवं न्यायसंगत पारिश्रमिक का प्रावधान है।
संस्कृति संबंधी पहल के अंर्तगत एक ठोस कदम के रूप में, भारत ने स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री विकसित करने की एक प्रायोगिक पहल की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुगम बनाना, पेशेवर नेटवर्क को मजबूत करना और ब्रिक्स देशों के कलाकारों और रचनात्मक पेशेवरों के लिए अधिक अवसर सृजित करना है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का एक प्रमुख सांस्कृतिक घटक 6-7 अगस्त 2026 को भोपाल में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति महोत्सव था। इस महोत्सव में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों ने भाग लिया, जिनमें बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे। इनके सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने अपनी समृद्ध और विविध कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित किया। शाश्वत भारतीय आदर्श वाक्य "सर्वे भर्वन्तु सुखिनः" पर केंद्रित इस महोत्सव ने सांस्कृतिक संवाद, कलात्मक आदान-प्रदान और जन-संपर्क के लिए एक जीवंत मंच प्रदान किया। दूसरे दिन, ब्रिक्स देशों की विभिन्न भाषाओं में एक सामूहिक प्रस्तुति ने सांस्कृतिक विविधता के माध्यम से एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया।

संस्कृति ट्रैक ने द्विपक्षीय सहयोग का अवसर भी प्रदान किया। सहभागी देशों के साथ संस्कृति मंत्री और संस्कृति मंत्रालय के सचिव के स्तर पर द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं, जिससे द्विपक्षीय सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने और पारस्परिक हित के क्षेत्रों का पता लगाने पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।
इस कार्यक्रम ने अतिथि प्रतिनिधिमंडलों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का अनुभव करने का अवसर प्रदान किया। 5 अगस्त को प्रतिनिधिमंडलों ने भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आईजीआरएमएस) का दौरा किया। मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद, प्रतिनिधिमंडलों को आज सांची ले जाया जा रहा है ताकि वे वहां की महत्वपूर्ण बौद्ध विरासत का अनुभव कर सकें। 9 अगस्त की सुबह भीमबेटका की यात्रा निर्धारित है, जिससे भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों को भारत की प्रागैतिहासिक शिला गुफाओं और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान रचनात्मक सहयोग और सक्रिय भागीदारी के लिए सभी भाग लेने वाले ब्रिक्स सदस्य देशों और भागीदार देशों के प्रति अपनी सराहना जताई और ब्रिक्स के भीतर अधिक जुड़े हुए, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार सांस्कृतिक साझेदारी की दिशा में निरंतर सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
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पीके/केसी/केएल/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2296557)
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