सूचना और प्रसारण मंत्रालय
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मुख्य सचिवों और आपदा प्रबंधन विभागों से संवेदनशील क्षेत्रों में नए सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया; बाढ़, भूकंप और बिजली गिरने से प्रभावित स्टेशनों के लिए 11.50 लाख रुपये का आपातकालीन अनुदान उपलब्ध है

प्रविष्टि तिथि: 07 AUG 2026 3:31PM by PIB Delhi

देश में सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने के लिए नीतिगत दिशानिर्देशों के अनुसार, सामुदायिक रेडियो ब्रॉडकास्टिंग का मुख्य मकसद सामुदायिक रेडियो स्टेशन के सेवा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सेवा करना है।

इन नीतिगत दिशानिर्देशों के तहत, सरकार के पास सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को कोई भी खास संदेश प्रसारित करने का निर्देश देने का अधिकार है, जिसे प्राकृतिक आपदाओं, लोगों के हित या ऐसी ही स्थितियों से पैदा होने वाली मुश्किलों से निपटने के लिए जरूरी समझा जाता है। सामुदायिक रेडियो स्टेशन इन निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य हैं।

ये नीतिगत दिशानिर्देश सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को नागरिक सुविधाओं, प्राकृतिक आपदाओं, हेल्थ अलर्ट और स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई दूसरी जानकारी से जुड़े सार्वजनिक घोषणा प्रसारित करने की भी अनुमति देती हैं।

सामुदायिक रेडियो स्टेशन प्राकृतिक आपदाओं और दूसरी संकट के दौरान स्थानीय भाषाओं में समय पर और विश्वसनीय जानकारी देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इसके अलावा, स्थानीय समुदाय, खासकर बाढ़ की आशंका वाले, तटीय और दूसरे आपदा के खतरे वाले इलाकों में जानकारी प्रसारित करने की आवश्यकताओं को पूरा करने में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के फायदे को देखते हुए, मंत्रालय ने संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के मुख्य सचिव और प्रशासनिक सचिव को पत्र लिखकर उनसे आपदा से जुड़ी जानकारी फैलाने के लिए इस प्रभावी माध्यम का इस्तेमाल करने और ऐसे इलाकों में नए सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की पहचान करने और उन्हें शुरू करने का अनुरोध किया।   

कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों को "सपोर्टिंग कम्युनिटी रेडियो मूवमेंट इन इंडिया" के तहत समर्थन दिया जाता है, जिसे 2026-27 से 2030-31 के लिए 50 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य नए और मौजूदा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को सशक्त बनाना है। इसके लिए सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को स्थापित करने और चलाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदने या बदलने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है, जिसमें यूपीएस, जनरेटर सेट और सोलर पावर सिस्टम जैसे बैकअप पावर उपकरण शामिल हैं ताकि आपातकालीन स्थिति के दौरान भी प्रसारण जारी रहे।

इस योजना में बाढ़, बिजली गिरने, भूकंप वगैरह जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में चल रहे सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को 11.50 लाख रुपए का आपातकालीन अनुदान भी दिया जाता है।

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्य सभा में श्री कणाद पुरकायस्थ, श्री मनन कुमार मिश्रा, श्रीमती सीमा द्विवेदी, श्री शंभू शरण पटेल, श्रीमती साधना सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/बीयू/जीआरएस


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