पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पश्चिम एशिया के नवीनतम घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस-वार्ता


घरेलू गैस सिंलेडर की जमाखोरी और कालाबाजारी के विरूद्ध कार्रवाई में 12 हजार से अधिक छापे मारे गए; 15 हजार से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त

शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी आपूर्ति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नगर गैस वितरण पाइपलाइन बिछाने का  अनुमोदन तेज करने को कहा गया

ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 94 प्रतिशत तक बढ़ी

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने को कहा गया

राज्य सरकारों के सहयोग से कई राज्यों में वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति शुरू

नागरिकों से घबराहट में बुकिंग से बचने और एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की अपील की गई

एलपीजी वाहक पोत शिवालिक कल और नंदा देवी पोत आज देश पहुंची, माल उतारने का काम जारी

आर्मेनिया में प्रवेश कर चुके लगभग 130 भारतीय तीर्थयात्रियों के आज स्वदेश पहुंचने की संभावना

भारतीय दूतावास चौबीसों घंटे कार्यरत हैं, संपूर्ण क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता और सहयोग प्रदान कर रहे हैं

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 5:31PM by PIB Delhi

पश्चिम एशिया के नवीनतम घटनाक्रमों पर आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग आयोजित की गई। स्थिति की ताजा जानकारी देने के लिए नियमित रूप से ब्रीफिंग आयोजित की जा रही हैं। आज की प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत-परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय ने ईंधन आपूर्ति, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की स्थिति और जन सूचना प्रयासों की नवीनतम जानकारी साझा की।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित स्थिति को देखते हुए, ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा:

कच्चा तेल और रिफाइनरियां

  • सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्यरत हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। मंत्रालय ने कहा कि भारत पेट्रोल और डीजल उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए इनके आयात की आवश्यकता नहीं है।

रिटेल आउटलेट

  • तेल विपणन कंपनियों द्वारा खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है, और पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
  • लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें क्योंकि पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है।

प्राकृतिक गैस

  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को संरक्षित गैस आपूर्ति मिल रही है, जिसमें पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति शामिल है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत विनियमित की जा रही है।
  • शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, और होटल, रेस्तरां, अस्पताल और छात्रावास जैसे प्रतिष्ठान अधिकृत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं।
  • इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड-आईजीएल, महानगर गैस लिमिटेड -एमजीएल, गेल गैस और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड -बीपीसीएल सहित शहरी गैस वितरण कंपनियां ने घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन राशि की पेशकश की हैं।
  • सरकार शहरी गैस वितरण-सीजीडी नेटवर्क का विस्तार कर रही है और उसने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इसके पाइपलाइन बिछाने के लंबित आवेदनों के अनुमोदन में तेजी लाने और स्वतः स्वीकृत अनुमति जारी करने, सड़क मरम्मत और अनुमति शुल्क माफ करने, कार्य स्थितियों में ढील देने और तेजी से कार्यान्वयन में सहायता के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा है।

रसोई गैस

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए घरेलू गैस सिलेंडर-एलपीजी आपूर्ति की निगरानी लगातार जारी है।
  • एलपीजी वितरकों की आपूर्ति बंद होने की कोई घटना सामने नहीं आई है

तेल शोधन संयंत्रों-रिफाइनरियों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

  • ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 94 प्रतिशत बढ़ी है, इसके अन्य इस्तेमाल को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड कवरेज संकट से पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 76 प्रतिशत हो गया है।
  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
  • बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन आदेश जारी किए हैं, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

केरोसिन-मिट्टी तेल

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 48 हजार किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है और उनसे इन्हें वितरित करने के स्थानों की पहचान करने को कहा गया।
  • बिहार, छत्तीसगढ़, मणिपुर, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक सहित कई राज्यों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत केरोसिन के आवंटन और बिक्री के आदेश जारी किए हैं।  

राज्य सरकारों द्वारा आयोजित बैठकें

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की मुख्य जिम्मेदारी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की निगरानी और विनियमन करने की है।
  • केन्द्र सरकार ने दिनांक 13 मार्च, 2026 का लिखे पत्र में मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे जिला आयुक्तों/कलेक्टरों और प्रवर्तन एजेंसियों को निरीक्षण और औचक जांच का निर्देश दें।
  • 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं और प्रेस-वार्ता आयोजित कर रहे हैं।
  • राजस्थान, तेलंगाना, गोवा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु सहित कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जिला स्तरीय निगरानी समितियां गठित की हैं; अन्य राज्यों से भी इस तरह की समितियां स्थापित करने को कहा गया है।

प्रवर्तन कार्रवाई

  • देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर -एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की कार्रवाई तेज की जा रही है।
  • अब तक 12 हजार से अधिक छापे मारे गए हैं और 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनमें प्रमुख कार्रवाई दिल्ली, गोवा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल और मध्य प्रदेश में हुई हैं।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और अनियमितताएं रोकने के लिए खुदरा दुकानों और एलपीजी वितरकों के यहां 2,500 से अधिक औचक निरीक्षण किए हैं।

सरकार द्वारा किए जा रहे अन्य उपाय

  • सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विशेष रूप से घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
  • एलपीजी आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए, 14 मार्च 2026 के एलपीजी नियंत्रण आदेश संशोधन के तहत पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन छोड़ने को कहा गया है।
  • समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल संशोधित कर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है।
  • एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली बेहतर ढंग से अपनाने के साथ ही घबराहट में की जाने वाली बुकिंग को हतोत्साहित कर रही हैं।
  • कई राज्यों में वहां की सरकारों के सहयोग से वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति आरंभ की गई है।

सार्वजनिक सलाह

  • लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घबराएं नहीं क्योंकि घरों और आवश्यक क्षेत्रों के लिए पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।
  • एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम, एसएमएस, व्हाट्सएप, मोबाइल एप्लिकेशन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा की जा सकती है।
  • लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में बुकिंग न करें, डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
  • उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधन जैसे पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल करने और ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • लोगों को सलाह दी गई है कि वे सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

समुद्री सुरक्षा और पोत परिवहन संचालन

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों की नवीनतम स्थिति और भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए गए उपायों की जानकारी साझा की है। मंत्रालय ने बताया कि:

  • इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी जहाज संबंधी कोई घटना सामने नहीं आई है।
  • अभी पश्चिमी फारस खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। पोत परिवहन महानिदेशालय, जहाज मालिकों, पोत परिवहन महानिदेशालय के साथ पंजीकृत जहाज कंपनियों और भारतीय दूतावासों के समन्वय से स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
  • नौवहन महानिदेशालय कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद से, 3,180 फोन कॉल और 5,875 ईमेल मिले हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री हितधारकों के 150 कॉल और 378 ईमेल शामिल हैं।
  • नौवहन महानिदेशालय ने खाड़ी क्षेत्र के हवाई अड्डों और क्षेत्रीय स्थानों से 447 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है, जिनमें से 161 को पिछले 24 घंटों में वापस लाया गया है।
  • एलपीजी वाहक पोत शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया है और माल उतारने का काम जारी है, जबकि पोत नंदा देवी आज सुबह कांडला पहुंचा और एनोर और हल्दिया सहित पूर्वी तट की ओर आगे भेजने के लिए माल उतारना आरंभ कर दिया है।
  • प्राथमिकता के आधार पर जहाज को ठहराने और शीघ्रता से उतारने को सुनिश्चित करने के लिए सभी दस्तावेजीकरण और आगमन-पूर्व औपचारिकताएं पहले ही पूरी की गई हैं।
  • प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई काम पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और अतिरिक्त भंडारण उपलब्ध कराने सहित आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। चिदंबरानार पत्तन प्राधिकरण ने ट्रांसशिपमेंट कंटेनरों के लिए लगभग 90 हजार वर्ग मीटर का स्थान उपलब्ध कराया है।
  • जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण-जेएनपीए के बाहर सड़कों पर कंटेनर पड़े होने की खबरें गलत हैं। कंटेनर फिलहाल सामान्य संचालन के तहत कंटेनर फ्रेट स्टेशनों, गोदामों या परिसरों में मौजूद हैं।
  • जेएनपीए में भीड़-भाड़ कम हो रही है। वहां खराब होने वाले सामानों के कंटेनरों की संख्या लगभग 2 हजार से घटकर लगभग एक हजार रह गई है।
  • सलालाह और खोर फक्कन जैसे बंदरगाहों के लिए जहाज रवाना हुए हैं। आज एक और जहाज लगभग 200 कंटेनर लेकर रवाना होने वाला है। अगले 24 से 48 घंटों में भारत के फंसे हुए कंटेनरों की संख्या घटकर लगभग 600 होने की संभावना है।
  • पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति को देखते हुए पत्तन, पोत-परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय जहाजरानी गतिविधियों, बंदरगाह संचालन, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निरंतरता पर लगातार निकट निगरानी रख रहा है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

क्षेत्र से संबंधित घटनाक्रमों पर नवीनतम जानकारी साझा की गई, जिसमें भारतीय दूतावासों के माध्यम से जारी सहायता और संपर्क प्रयासों का ब्यौरा शामिल है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि:

  • वह पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा, कल्याण और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विदेश मंत्रालय का एक विशेष नियंत्रण कक्ष कार्यरत है और उसका राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार समन्वय जारी है।
  • यूरोपीय आयोग की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष सुश्री काजा कल्लास के आमंत्रण पर विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद में भाग लेने के लिए बेल्जियम का दौरा किया।
  • बैठक के दौरान, भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों और महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा पर इससे पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा हुई, जिसमें संवाद और कूटनीति पर जोर दिया गया।
  • परिषद की कार्यवाही के दौरान, विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष तथा बेल्जियम, साइप्रस, जर्मनी, नीदरलैंड और स्लोवाकिया के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।
  • ईरान से लगभग 700 भारतीय नागरिक आर्मेनिया (लगभग 600) और अजरबैजान में प्रवेश कर गये हैं, जिनमें कल आर्मेनिया में प्रवेश करने वाले लगभग 50 अतिरिक्त व्यक्ति शामिल हैं।
  • आर्मेनिया में प्रवेश करने वाले 284 भारतीय तीर्थयात्रियों में से लगभग 130 के आज दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
  • विदेश मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए लगातार कार्यरत है। नियंत्रण कक्ष में आने वाली कॉल और ईमेल की संख्या में अब काफी कमी आई है। कल 22 कॉल और 6 ईमेल प्राप्त हुए और उन पर तत्परता से कार्रवाई की गई।
  • पश्चिम एशियाई क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे कार्यरत हैं, निरंतर हेल्पलाइन सेवा प्रदान कर रहे हैं। वे भारतीय सामुदायिक संगठनों से संपर्क बनाए हुए हैं और उन्हें नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं। दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और फंसे हुए भारतीयों, छात्रों, नाविकों और अल्पकालिक आगंतुकों को वीजा सहायता, प्रचालन सहायता और पारगमन सुविधा सहित विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान कर रहे हैं।
  • 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 2,44,000 यात्री भारत लौटे हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरात में आज सुबह हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, जिसे बाद में फिर से खोल दिया गया। सीमित संख्या में गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं, जिनमें 16 मार्च 2026 को लगभग 55 उड़ानें और आज अमीरात के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए लगभग 70 उड़ानें अपेक्षित हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइनों से नवीनतम समय सारिणी की जानकारी लें और सहायता के लिए भारतीय दूतावासों से संपर्क करें।
  • सऊदी अरब और ओमान से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ान जारी हैं।
  • क़तर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है। वहां से 16 मार्च 2026 को भारत के लिए तीन उड़ानें संचालित हुईं और आज भी तीन उड़ानों के संचालन की संभावना है।
  • कुवैत का हवाई क्षेत्र 28 फरवरी 2026 से बंद है। सऊदी अरब के अल कैसुमाह हवाई अड्डे से भारत के लिए जज़ीरा एयरवेज की विशेष गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित होने की संभावना है।
  • बहरीन और इराक में हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए सऊदी अरब के रास्ते पारगमन की सुविधा जारी है।
  • 13 मार्च 2026 को सोहार घटना में जान गंवाने वाले दो भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर जयपुर में उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। भारत सरकार ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
  • भारतीय दूतावास घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति पर नजर रखने के लिए अस्पताल अधिकारियों और संबंधित कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है। इनमें से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है।
  • बसरा में दूतावास की टीम उन 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों की सहायता जारी रखे हुए है जिन्हें सुरक्षित निकाला गया है और जो अभी एक होटल में ठहरे हुए हैं। उनकी शीघ्र भारत वापसी के प्रयास जारी हैं।
  • दूतावास मृतक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर शीघ्र स्वदेश वापस लाने के लिए इराकी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
  • हाल की घटनाओं में पांच भारतीय नागरिक हताहत हुए हैं और एक अभी लापता है। ओमान से दो भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर आज भारत वापस लाए गए।
  • ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास लापता व्यक्ति के बारे में संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शेष पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश वापस भेजने के लिए प्रयासरत हैं।

सरकार ने फिर कहा है कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर सतर्क है और संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच निकट तालमेल बनाए हुए है। साथ ही प्रमुख क्षेत्रों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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पीके/केसी/एकेवी/एमपी

 


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