प्रविष्टि तिथि:
22 OCT 2026 2:24PM by PIB Delhi
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज पांचवें काशी तमिल संगमम (केटीएस 5.0) के लिए पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया, जो 28 नवंबर से 12 दिसंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और काशी, दो प्राचीन शिक्षा केंद्रों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों का जश्न मनाएगा, उन्हें पुनः स्थापित करेगा और मजबूत करेगा, साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को भी बल देगा।

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्राचीन काल से ही देश में एक मजबूत सांस्कृतिक एकता रही है। उन्होंने कहा कि अनेक लोग अपनी धार्मिक परंपराओं के अंतर्गत काशी और रामेश्वरम की यात्रा करते हैं, जो भारत के उत्तरी और दक्षिणी भागों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, पेशेवरों, कृषकों, कलाकारों, महिलाओं और आध्यात्मिक विद्वानों को एक साथ लाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि छात्रों को काशी तमिल संगमम के उद्देश्यों से परिचित कराया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि काशी तमिल संगम ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और भारत की साझा सभ्यतागत विरासत का जश्न मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पहला काशी तमिल संगमम 2022 में आयोजित किया गया था और पिछले चार आयोजनों में इसने दोनों क्षेत्रों के बीच ज्ञान, भाषा, परंपराओं और जीवन अनुभवों के सार्थक आदान-प्रदान को सुगम बनाया है। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आईआईटी मद्रास; बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू); केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (सीआईसीटी), चेन्नई; उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के संस्कृति, रेलवे, स्कूल शिक्षा, पर्यटन, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, सूचना एवं प्रसारण, कौशल विकास एवं उद्यमिता आदि विभागों/मंत्रालयों के सहयोग से किया जाता है।
2026 के लिए थीम: "तिरुक्कुरल पेइलवोम - तिरुक्कुरल अभ्यास करें"
केटीएस 5.0 का विषय है “तिरुक्कुरल पायिलवोम – तिरुक्कुरल अभ्यास करें”। पांचवें आयोजन का उद्देश्य तमिल के शास्त्रीय ग्रंथ तिरुक्कुरल की शाश्वत नैतिक शिक्षा को देश भर के युवाओं और शिक्षार्थियों तक पहुंचाना है। शैक्षिक गतिविधियों, बहुभाषी संसाधनों और व्यापक जनसंचार के माध्यम से, यह कार्यक्रम पाठ में निहित सार्वभौमिक मूल्यों को पढ़ने, समझने और दैनिक जीवन में लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है।
सहभागिता और यात्रा कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागी, जिन्हें लगभग 200-200 व्यक्तियों के सात समूहों में संगठित किया गया है, आठ दिवसीय यात्रा करेंगे। इस यात्रा में चार दिन की यात्रा और चार दिन के भ्रमण एवं सुनियोजित कार्यक्रम शामिल होंगे। यात्रा कार्यक्रम में वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या शामिल हैं, जिनमें सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विषय-विशिष्ट और आध्यात्मिक गतिविधियां होंगी। युवाओं की भागीदारी पर जोर देने से नई पीढ़ी भारत की शास्त्रीय ज्ञान परंपराओं से सार्थक रूप से जुड़ सकेगी और उनके मूल्यों को समकालीन शैक्षणिक, व्यावसायिक और सामाजिक जीवन में अपना सकेगी।
पंजीकरण विवरण
इच्छुक आवेदक 22 अक्टूबर, 2026 से आईआईटी मद्रास द्वारा संचालित आधिकारिक पोर्टल https://kashitamil.iitm.ac.in/ के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं । पोर्टल सात श्रेणियों : (i) छात्र, (ii) शिक्षक, (iii) लेखक और मीडिया पेशेवर, (iv) कृषि और संबद्ध क्षेत्र, (v) पेशेवर और कारीगर, (vi) महिलाएं और (vii) आध्यात्मिक गुरु के तहत 13 नवंबर, 2026 तक आवेदन स्वीकार करेगा।
केटीएस 5.0 के अंतर्गत प्रमुख पहलें
- देश भर के 1,000 उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी छात्र सहभागिता कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक विषयों और भाषाई पृष्ठभूमियों के छात्रों के बीच तिरुक्कुरल की व्यापक समझ को बढ़ावा देना है। इस पहल में तिरुक्कुरल की शिक्षाओं और मूल्यों के व्यापक प्रसार के लिए संरचित अध्ययन, अनुसंधान और परिसर-आधारित गतिविधियां शामिल होंगी। विस्तृत जानकारी चेन्नई स्थित केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के पोर्टल www.kts.cict.in पर उपलब्ध है।
- तमिलनाडु के तिरुक्कुरल विशेषज्ञ वाराणसी के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करेंगे और छात्रों को परिचयात्मक मॉड्यूल, संवादात्मक सत्रों, प्रश्नोत्तरी आदि के माध्यम से इस ग्रंथ के मूल मूल्यों से परिचित कराएंगे। राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट, राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के सहयोग से, वाराणसी के स्कूलों में पढ़ने की आदतों, कहानी सुनाने और रचनात्मक गतिविधियों पर संवादात्मक सत्र आयोजित करेगा।
- केटीएस 5.0 प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर तिरुक्कुरल की शिक्षाओं को पूरे भारत में व्यापक दर्शकों तक पहुंचाएगा।
शिक्षा मंत्रालय तमिलनाडु के पात्र आवेदकों, विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को काशी तमिल संगमम 5.0 के लिए पंजीकरण करने और भारत की सांस्कृतिक एकता, भाषायी विविधता और साझा सभ्यतागत विरासत के इस उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है।
मुख्य विवरण संक्षेप में
|
विवरण
|
जानकारी
|
|
पंजीकरण पोर्टल
|
https://kashitamil.iitm.ac.in/
|
|
पोर्टल पर पंजीकरण शुरू
|
22 अक्टूबर, 2026
|
|
पंजीकरण की अंतिम तिथि
|
13 नवंबर, 2026
|
|
कार्यक्रम की तिथियां
|
28 नवंबर – 12 दिसंबर, 2026
|
|
स्थान
|
वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या
|
|
विषय
|
"तिरुक्कुरल पयिलवोम - तिरुक्कुरल अभ्यास करें"
|
|
प्रतिभागियों की संख्या
|
लगभग 1,400 (प्रत्येक में लगभग 200 लोगों के 7 समूह)
|
***
पीके/केसी/आरटी/एसकेएस/एसके