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प्रधानमंत्री ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की झलकियाँ साझा कीं
प्रविष्टि तिथि:
11 JAN 2026 10:04PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमनाथ, गुजरात में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की झलकियाँ साझा कीं।
एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:
“सोमनाथ शाश्वत दिव्यता का प्रतीक है। इसकी पावन उपस्थिति पीढ़ियों से लोगों का मार्गदर्शन करती आ रही है। यहाँ कल हुए कार्यक्रमों की झलकियाँ प्रस्तुत हैं, जिनमें ओंकार मंत्र का जप और ड्रोन शो शामिल हैं। #SomnathSwabhimanParv”
“पावन और दिव्य सोमनाथ धाम में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला। यह अनुभव मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देने वाला रहा। भगवान सोमनाथ की कृपा सभी देशवासियों पर सदा बनी रहे, यही कामना है।”
“सोमनाथ में वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे बर्बरता और हिंसा के दौर में साहस और दृढ़ संकल्प के प्रतीक के रूप में अडिग खड़े दिखाई देते हैं। उनका शौर्य हमारी सभ्यतागत स्मृति में अनंत काल तक अंकित रहेगा। उनके साहस में उन लोगों के लिए कालजयी उत्तर निहित है, जो यह मानते थे कि क्रूर बल हमारी सभ्यता को कुचल सकता है।”
“आज हम जो सोमनाथ मंदिर देखते हैं, उसका महान सरदार पटेल जी के बिना एक वास्तविकता होना संभव नहीं था। सन् 1947 में दीपावली के समय की गई उनकी एक यात्रा ने उन्हें इस हद तक झकझोर कर रख दिया कि उन्होंने वहां एक भव्य मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। मई 1951 में जब मंदिर ने अपने द्वार खोले, तब सरदार पटेल जी वहां उपस्थित नहीं थे, लेकिन उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और दूरदृष्टि इस दिव्य मंदिर परिसर में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।”
“वेगड़ाजी भील का साहस सोमनाथ के इतिहास का एक अविभाज्य अंग है। अमानवीय हिंसा की धमकियों से भयभीत होने से इनकार करते हुए, वे पवित्र धाम की रक्षा में अडिग खड़े रहे। उनका जीवन हमें यह दिखाता है कि सोमनाथ की शक्ति सदैव भारत माता की उन असंख्य संतानों के संकल्प से उपजी है, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित मंदिर की निरंतर रक्षा की।”
“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में शामिल होकर अत्यंत गौरवान्वित हूं। इस अवसर पर मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाली मां भारती की अनगिनत वीर संतानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनका अदम्य साहस और पराक्रम देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
“सोमनाथ में वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे बर्बरता और हिंसा के दौर में साहस और दृढ़ संकल्प के प्रतीक बनकर खड़े रहे। उनकी वीरता देशवासियों की स्मृति में युगों-युगों तक अंकित रहेगी। उनका साहस और पराक्रम बताता है कि भारतवर्ष की संस्कृति को किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से कमजोर नहीं किया जा सकता।”
“देश के पास सरदार पटेल जैसी महान विभूति नहीं होती तो सोमनाथ मंदिर को आज इस रूप में हम नहीं देख पाते। 1947 में दीपावली के दौरान यहां की यात्रा ने उन्हें इतना भावविभोर कर दिया कि उन्होंने एक भव्य मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प ले लिया। मई 1951 में जब मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले, तब सरदार साहब भले ही हमारे बीच नहीं थे, लेकिन उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और दूरदृष्टि इस दिव्य मंदिर परिसर में साफ तौर पर दिखाई पड़ रही थी।”
“वेगडाजी भील जी का पराक्रम सोमनाथ के इतिहास का एक अभिन्न हिस्सा है। हिंसा की धमकियों से विचलित हुए बिना वे इस पवित्र मंदिर की रक्षा में दृढ़ता से डटे रहे। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सोमनाथ की रक्षा के लिए मां भारती की संतानों का संकल्प कितना सशक्त रहा है।”
“सोमनाथ के पावन धाम में जिस प्रकार हमारी मातृशक्ति ने सहभागिता की, वो अभिभूत करने वाला है। सोमनाथ की भव्यता, दिव्यता और अखंडता में उन्होंने सदैव बड़ी भूमिका निभाई है।”
“#सोमनाथस्वाभिमानपर्व आस्था और धैर्य का प्रतीक है। सोमनाथ असंख्य बलिदानों की स्मृति को संजोए हुए है, जो हमें निरंतर प्रेरित करती रहती है। यह उतना ही दिव्यता और सभ्यतागत महानता का प्रतीक भी है। आज के कार्यक्रमों की झलकियाँ प्रस्तुत हैं…”
“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर मैं उन सभी वीर-वीरांगनाओं को नमन करता हूं, जिन्होंने सोमनाथ की रक्षा और मंदिर के पुनर्निर्माण को अपने जीवन का ध्येय बनाया। उन्होंने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपना सब कुछ महादेव को अर्पित कर दिया।
#SomnathSwabhimanParv”
“विदेशी आक्रांताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की लगातार कोशिशें होती रहीं। लेकिन ना सोमनाथ नष्ट हुआ, ना भारत!
#SomnathSwabhimanParv”
“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इतिहास के गौरव का पर्व तो है ही, ये एक कालातीत यात्रा को भविष्य के लिए जीवंत बनाने का माध्यम भी है। हमें इस अवसर को अपने अस्तित्व और पहचान को सशक्त करने के लिए उपयोग करना है।
#SomnathSwabhimanParv”
“भारत ने दुनिया को ये सिखाया कि कैसे दिलों को जीतकर जिया जाता है। सोमनाथ की हजार वर्षों की गाथा पूरी मानवता को यही सीख दे रही है।
#SomnathSwabhimanParv”
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पीके/केसी/पीके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2213606)
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