रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री  श्री मनसुख मंडाविया ने गुजरात के अंकलेश्वर में निर्मित कोवैक्सिन  का पहला वाणिज्यिक बैच जारी किया


अंकलेश्वर संयंत्र की उत्पादन क्षमता आज से प्रति माह एक करोड़ से अधिक खुराक की है : श्री मनसुख मंडाविया

माननीय प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता  के कारण भारत अपना पहला स्वदेशी टीका विकसित करने में सक्षम: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

भारत बायोटेक विशेष जैव सुरक्षा नियंत्रण सुविधाओं के साथ हैदराबाद, मलूर, अंकलेश्वर और पुणे में एक  अरब खुराक की वार्षिक क्षमता के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है


Posted On: 29 AUG 2021 1:09PM by PIB Delhi

 

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा  रसायन और उर्वरक मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने आज अंकलेश्वर, गुजरात में भारत बायोटेक की चिरोन बेहरिंग वैक्सीन सुविधा से कोवैक्सिन का पहला वाणिज्यिक बैच जारी किया। इस अवसर पर नवसारी के सांसद श्री सी आर पाटिल,  अंकलेश्वर के विधायक श्री ईश्वरसिंह पटेल, भरूच के विधायक दुष्यंत पटेल और भारत बायोटेक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. भी उपस्थित थे।

 

 

उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए श्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता  के कारण भारत अपनी पहली स्वदेशी वैक्सीन विकसित करने में सक्षम है। उन्होंने टिप्पणी की कि भारत दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक चला रहा है और यह इन स्वदेशी टीकों के विकास के कारण संभव हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी, 2021 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक चल रहा है।

 

अंकलेश्वर सुविधाओं से कोवैक्सिन के पहले बैच को राष्ट्र को समर्पित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कोविड -19 के खिलाफ भारत की लड़ाई की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है। कोविड -19 टीकों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि से भारत में टीकाकरण की गति और तेज होगी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि दोनों कंपनियों -भारत बायोटेक और ज़ायडस कैडिला के टीकों का अनुसंधान और उत्पादन भारत में हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि आज से ही  अंकलेश्वर संयंत्र की प्रति माह 1 करोड़ से अधिक खुराक की उत्पादन  क्षमता है ।

 

वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत के योगदान के बारे में बात करते हुए, उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे भारत हमेशा कोविड की  स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं के साथ अन्य देशों की मदद करने में सबसे आगे रहा है।


भारत में कोवैक्सिन उत्पादन की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए  केंद्रीय मंत्री ने कहा  कि भारत बायोटेक ने पहले ही अपने हैदराबाद, मलूर, बेंगलुरु और पुणे परिसरों में कई उत्पादन लाइनें तैनात कर दी हैं, और  अब चिरोन बेहरिंग, अंकलेश्वर को इनके साथ जोड़ने से अब इसकी कोवैक्सिन उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी। वर्ष 2020 के दौरान निर्मित एक नई फाइलिंग सुविधा का उपयोग अब कोवैक्सिन के उत्पादन के लिए किया जा रहा है। इस टीके का उत्पादन इसी वर्ष जून की शुरुआत में किया गया था I इससे पहले टीम ने सुविधा में उपकरणों  की कार्यक्षमता का अध्ययन करने के लिए इंजीनियरिंग बैचों को काम पर लगाया  था। उन्होंने आगे कहा कि अंकलेश्वर संयंत्र से निर्मित उत्पाद सितंबर 2021 से आपूर्ति के लिए उपलब्ध होंगे।

 

 भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ कृष्णा एला ने कहा कि  "वैश्विक सुरक्षा और प्रभावकारिता मानकों के साथ एक टीका विकसित करने का हमारा लक्ष्य अब हासिल कर लिया गया हैI अब हम ~ 1.0 अरब खुराक की वार्षिक क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।"

 

 उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक अन्य देशों में अपने उन भागीदारों के साथ विनिर्माण साझेदारी की भी तलाश कर रहा है, जिन्हें उत्पादन को और आगे बढ़ाने के लिए जैव सुरक्षा नियंत्रण के अंतर्गत  निष्क्रिय वायरल टीकों का  वाणिज्यिक पैमाने पर उत्पादन करने की  पूर्व विशेषज्ञता प्राप्त है।

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