मंत्रिमण्‍डल

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने दोहरे कराधान से बचाव तथा आय पर करों के संबंध में वित्‍तीय अपवंचना की रोकथाम के लिए भारत और श्रीलंका के मध्‍य समझौते में संशोधन करने के प्रोटोकॉल को मंजूरी दी

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2020 3:51PM by PIB Delhi

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दोहरा कराधान बचाव संधि तथा आय पर करों के संबंध में वित्‍तीय चोरी की रोकथाम के लिए भारत और श्रीलंका के मध्‍य समझौते में संशोधन करने वाले प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर करने और पुष्टि करने की मंजूरी दी।

प्रभाव:

     प्रस्‍तावना पाठ को अद्यतन करने तथा मुख्य उद्देश्य परीक्षण (पीपीटी) के समावेश से दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) में सामान्‍य दुरूपयोग रोधी प्रावधान से कर नियमों में खामियों और विसं‍गतियों का लाभ उठाने वाली कर योजना रणनीतियों पर रोकथाम लगाने में मदद मिलेगी।

विवरण:

 

  1. भारत और श्रीलंका के बीच मौजूदा डीटीएए पर 22 जनवरी 2013 को हस्‍ताक्षर हुए थे और यह संधि 22 अक्‍तूबर, 2013 को लागू हुई थी।
  2. भारत और श्रीलंका समावेशी फ्रेमवर्क के सदस्‍य हैं इसलिए इनसे समावेशी फ्रेमवर्क देशों के साथ अपने डीटीएए के संबंध में जी-20 ओईसीडी बीईपीएस एक्‍शन रिपोर्ट के तहत न्‍यूनतम मानकों को लागू करना अपेक्षित है। आधार कर चोरी रोकथाम और लाभ स्थानांतरण (एमएलआई) या द्विपक्षीय अनुबंध के माध्‍यम से कर संधि से संबंधित उपायों को लागू करने के लिए बहुपक्षीय समझौते के माध्‍यम से बीईपीएस एक्‍शन 6 के तहत न्‍यूनतम मानकों को पूरा किया जा सकता है।
  3. भारत एमएलआई पर हस्‍ताक्षरकर्ता देश है। श्रीलंका अभी तक एमएलआई पर हस्‍ताक्षर न करने वाला देश है। इसलिए भारत-श्रीलंका डीटीएए में संशोधन प्रस्‍तावना को अद्यतन करने तथा जी-20 ओईसीडी आधार कर चोरी और लाभ स्थानांतरण (बीईपीएस) परियोजना के एक्‍शन-6 के तहत संधि दुरूपयोग के बारे में न्‍यूनतम मानकों को पूरा करने के लिए मुख्य उद्देश्य परीक्षण (पीपीटी) प्रावधानों को भी शामिल करना द्विपक्षीय रूप से अपेक्षित है।

पृष्‍ठभूमि :

  1.     भारत और श्रीलंका के बीच मौजूदा दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) पर 22 जनवरी 2013 को हस्‍ताक्षर हुए थे और यह 22 अक्‍तूबर 2013 को लागू हुई थी। भारत और श्रीलंका समावेशी फ्रेमवर्क के सदस्‍य हैं इसलिए इनसे समावेशी फ्रेमवर्क देशों के साथ अपने डीटीएए के संबंध में जी-20 ओईसीडी बीईपीएस एक्‍शन रिपोर्ट के तहत न्‍यूनतम मानकों को लागू करना अपेक्षित है। आधार कर चोरी रोकथाम और लाभ स्थानांतरण (एमएलआई) या द्विपक्षीय अनुबंध के माध्‍यम से कर संधि से संबंधित उपायों को लागू करने के लिए बहुपक्षीय समझौते के माध्‍यम से बीईपीएस एक्‍शन 6 के तहत न्‍यूनतम मानकों को पूरा किया जा सकता है। भारत एमएलआई पर हस्‍ताक्षरकर्ता देश है।

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एस.शुक्‍ला/आईपीएस/सीसी5704

 


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