सूचना और प्रसारण मंत्रालय
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए
राष्ट्रपति ने फिल्म जगत से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और हानिकारक पदार्थों का विज्ञापन न करने का आग्रह किया, क्योंकि वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता अनंत नाग ने देश के अनगिनत लोगों से मिले अपार प्यार के लिए आभार व्यक्त किया
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों को प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित कर भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा: श्री अश्विनी वैष्णव
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने वेव्स के अगले संस्करण को अक्टूबर 2027 में आयोजित करने की घोषणा की
प्रविष्टि तिथि:
22 SEP 2026 8:34PM by PIB Delhi
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए और सभी पुरस्कार विजेताओं को उनकी प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं से अपनी-अपनी टीम के हर उस सदस्य का आभार व्यक्त करने का आग्रह किया, जिसकी मेहनत और योगदान से ये फिल्में संभव हो पाईं।

राष्ट्रपति ने थिएटर और सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित श्री अनंत नाग को बधाई दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सिनेमा देश की विविध भाषाओं, परंपराओं, आकांक्षाओं और संघर्षों को दर्शाता है। उन्होंने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन स्थल के रूप में एकता नगर के चयन की सराहना की, जो भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
क्रिएटिव इकोनॉमी में सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का आह्वान करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि क्रिएटिव कम्युनिटी के वर्कर, छोटे कलाकार, सहायक और संघर्ष कर रहे सदस्य सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के हकदार हैं। उन्होंने एक व्यापक मानवीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए सभी जूरी में महिलाओं की भागीदारी की भी बात कही।

राष्ट्रपति ने बच्चों और युवाओं पर लोकप्रिय कलाकारों के गहरे प्रभाव को रेखांकित करते हुए, सफल कलाकारों से अनुशासित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देने और सेहत के लिए हानिकारक चीजों का विज्ञापन न करने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश में बन रही फिल्मों की बेहतरीन क्वालिटी देखकर उन्हें पूरा भरोसा है कि भारतीय सिनेमा दुनिया के सामने एक नया मानक तय कर सकता है।

कहानियों से सजा जीवन, सिनेमा की जीवंत विरासत: श्री अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया
जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री अनंत नाग को प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (2024) से सम्मानित किया, तो वह क्षण कहानियों, रंगमंच और सिनेमा के प्रति उनके जीवनभर के समर्पण का उत्सव बन गया। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में दशकों से दिए गए उनके यादगार अभिनय और अमूल्य योगदान को समर्पित है।

श्री अनंत नाग ने बेहद सादगी के साथ यह सम्मान स्वीकार किया और अपनी इस पूरी यात्रा में साथ देने वाले लोगों और मिले अनुभवों का सहृदय धन्यवाद किया।

श्री अनंत नाग ने अपने शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि आश्रम में बचपन बिताने के बाद वे मुंबई पहुँचे, जहाँ नाटक के मंच से उनके अभिनय की शुरुआत हुई। थिएटर ही उनके करियर का मुख्य आधार बना, जहाँ उन्होंने फिल्मों में पर्दापण से पहले करीब 50 नाटकों में काम किया। बाद में उन्हें मशहूर फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल जैसे दिग्गजों के साथ फिल्मों में काम करने का मौका मिला।
श्री अनंत नाग ने बताया कि उन्होंने स्वेच्छा से कन्नड़ सिनेमा को चुना और बेंगलुरु को अपनी कर्मभूमि बनाया। पिछले वर्ष माननीय राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने का स्मरण करते हुए, उन्होंने इस वर्ष भी राष्ट्रपति के कर-कमलों से दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त होने पर अपना गहरा आभार व्यक्त किया।

गुजरात ने किया राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का भव्य स्वागत
गुजरात में आयोजित इस समारोह ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत की।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजित करने की नई परंपरा शुरू करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और सामर्थ्य से जुड़े केवड़िया स्थित एकता नगर में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह की मेजबानी करना गुजरात के लिए गर्व की बात है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने देश की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने तथा प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को मजबूत करने के लिए सिनेमा का उपयोग करें।

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अवसर पर माननीय राष्ट्रपति और विशिष्ट अतिथियों का गुजरात में स्वागत किया और एकता नगर में इस समारोह की मेजबानी को राज्य के लिए गर्व की बात बताया।

उन्होंने सिनेमा को समाज का दर्पण, संस्कृति का संवाहक और मानवीय भावनाओं को जोड़ने वाला एक शक्तिशाली माध्यम बताया, जिसमें भारत की वैश्विक पहचान और 'सॉफ्ट पावर' (सांस्कृतिक प्रभाव) को मजबूत करने की असीम क्षमता है।
गुजरात की समृद्ध विरासत, विविध परिदृश्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को रेखांकित करते हुए, उन्होंने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए गुजरात चुनने का निमंत्रण दिया तथा इस प्रतिष्ठित समारोह का आयोजन राज्य में करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आभार जताया।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने एकता नगर (केवड़िया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए माननीय राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फिल्म बनाना पूरी टीम की मेहनत का नतीजा होता है। यह राष्ट्रीय पुरस्कार पर्दे पर दिखने वाले कलाकारों के साथ-साथ पर्दे के पीछे मेहनत करने वाले तकनीशियन और कलाकारों का भी सम्मान करता है। उन्होंने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले श्री अनंत नाग के भारतीय सिनेमा में दिए गए शानदार योगदान की प्रशंसा की।

श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य इस समारोह को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाना है, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के भविष्य के संस्करणों के आयोजन स्थल के तौर पर अपने पर्यटन स्थलों का प्रस्ताव रखें।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (आईआईसीटी) को नए हुनर का बड़ा केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए 13 पाठ्यक्रमों में लगभग 380 छात्र दाखिला ले चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि माननीय प्रधानमंत्री ने देशभर में 15,000 क्रिएटिव लैब स्थापित करने की मंजूरी दे दी है, जिससे युवाओं को नई तकनीकों को सीखने और भारत की विविध संस्कृति को प्रदर्शित करने के नए अवसर मिलेंगे।
श्री वैष्णव ने प्रसार भारती के चेयरमैन श्री प्रसून जोशी के नेतृत्व में फिल्म मेकर्स और पूरी फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि वे छोटे कस्बों और शहरों के छुपे हुए हुनर को ढूँढने, उन्हें संवारने और आगे बढ़ाने के काम में सहयोग करें।
उन्होंने इस बात को दोहराया कि सरकार और क्रिएटिव जगत के साझा प्रयासों से भारत की असीम रचनात्मक क्षमता को निखारा जा सकता है और भारतीय प्रतिभाओं को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचाया जा सकता है।
उन्होंने अगले वर्ष अक्टूबर में आयोजित होने वाले वेव्स 2027 के लिए सुझाव और विचार भी आमंत्रित किए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार ने बताया कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में 34 भाषाओं की 400 फीचर फिल्मों और 24 भाषाओं की 161 नॉन-फीचर फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें से 22 फीचर फिल्म और 23 नॉन-फीचर फिल्म श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और ग्लोबल स्टोरीटेलिंग के एक सशक्त माध्यम के रूप में लगातार समृद्ध हो रहा है।
सचिव श्री चंचल कुमार ने कहा कि दिल्ली से बाहर एकता नगर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजित करना एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की राष्ट्रीय एकता की दृष्टि और प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में इस समारोह को अन्य शहरों में भी आयोजित करने की परिकल्पना की गई है।

उत्कृष्टता का उत्सव: भारतीय सिनेमा की कहानियाँ, अभिनय और विविध रंग
ब्रह्मयुगम के लिए ममूटी और चंदू चैंपियन के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल का अवॉर्ड मिला, जबकि आर्टिकल 370 के लिए यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस इन ए लीडिंग रोल का पुरस्कार मिला।

सपोर्टिंग रोल (सहायक भूमिका) की श्रेणी में, संजय मिश्रा को फिल्म भक्षक के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर चुना गया। वहीं, बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड फिल्म महाराजा के लिए सचना नामिदास और मिथ्या के लिए रूपाश्री वरकडी को संयुक्त रूप से मिला।

आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि रणदीप हुड्डा को उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए सराहा गया। कल्कि 2898 एडी को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म घोषित किया गया, वहीं कैप्टन मिलर को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। राजकुमार पेरियासामी को फिल्म अमरन के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार प्राप्त हुआ।

अनेक भाषाओं की गूँज, एक राष्ट्रीय मंच
इन पुरस्कारों ने भारतीय सिनेमा की भाषाई विविधता को भी रेखांकित किया। संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के अलावा, गढ़वाली और तुलु सिनेमा को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
एससी फार्माकेम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित और दिनेश पी. भोंसले द्वारा निर्देशित ढोली को सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि पिक्चर स्टूडियो द्वारा निर्मित और शिवध्वज शेट्टी द्वारा निर्देशित इम्बू को सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म के रूप में सम्मानित किया गया।

रवि राज मुर्मू द्वारा निर्देशित संथाली फिल्म आंगेन को किसी निर्देशक की पहली सर्वश्रेष्ठ फिल्म (बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर) का पुरस्कार प्रदान किया गया।
गढ़वाली, तुलु से लेकर संथाली जैसी भाषाओं की गूँज ने इस शाम देश की विविध सिनेमाई प्रतिभाओं को एक ही मंच पर एकत्र कर दिया। इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि हर भाषा भारतीय सिनेमा के इस खूबसूरत कैनवास में एक नई कहानी और रंग भरती है।
भारतीय सिनेमा का उत्सव
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के मंच पर सिनेमा के जाने-माने कलाकारों से लेकर नई प्रतिभाओं और क्षेत्रीय कहानियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। एकता नगर में यह शाम भारतीय सिनेमा की आत्मा का एक उत्सव बन गई—जहाँ अलग-अलग भाषाएँ, अनगिनत कहानियाँ और विविध संस्कृतियां सिनेमा की एक साझी भाषा के माध्यम एक साथ नजर आईं।

पुरस्कार विजेताओं की पूरी सूची और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें: विजेताओं की पूरी सूची
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(रिलीज़ आईडी: 2313683)
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