संचार मंत्रालय
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संचार साथी पोर्टल 30 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा, दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ नागरिक जागरूक हुए


14 लाख से अधिक खोए और चोरी हुए हैंडसेट बरामद किए गए

अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिकों के 4 करोड़ से अधिक अनुरोधों का समाधान किया गया

संचार साथी पोर्टल पर नागरिकों की रिपोर्ट वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक में भी योगदान देती है, जिससे 5,000 करोड़ रूपये से अधिक की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिली

प्रविष्टि तिथि: 05 OCT 2026 2:27PM by PIB Delhi

संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) को मई 2023 में शुरुआत के बाद से 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया, जो दूरसंचार संबंधी धोखाधड़ी से बचने के लिए इस पोर्टल पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित यह पोर्टल प्रत्येक मोबाइल उपयोगकर्ता को सरल और आसानी से उपयोग होने वाले टूल प्रदान करता है। इनमें संदिग्ध कॉल या मैसेज की रिपोर्ट करना, यह जानना कि उनके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं, खोए या चोरी हुए हैंडसेट को ब्लॉक करना और हैंडसेट खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना शामिल है।

पोर्टल पर रिपोर्ट की गई हर संदिग्ध जानकारी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है। संचार साथी पर नागरिकों द्वारा साझा की गई जानकारी को उपयोगी खुफिया जानकारी में बदला जाता है, जो दूरसंचार विभाग, बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को धोखेबाजों तक पहुंचने से पहले ही रोकने में मदद करती है। इस प्रकार, संचार साथी साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक ढाल के रूप में कार्य करता है।

सभी नागरिकों के लिए सेवाएं उपलब्ध हैं।

संचार साथी एक ही मंच पर निम्नलिखित नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करता है:

  • चक्षु – इस सुविधा से संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप संदेशों– जैसे कि फर्जी केवाईसी या बिल-भुगतान अलर्ट, सरकारी, पुलिस या बैंक अधिकारियों का प्रतिरूपण और धोखाधड़ी वाले निवेश, नौकरी या ऋण प्रस्ताव आदि संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार और स्पैम रिपोर्ट करने में मदद मिलती है:
  • अपने मोबाइल कनेक्शनों के बारे में जानकारी रखें: अपने सभी मोबाइल कनेक्शनों की जांच करें और उन कनेक्शनों की रिपोर्ट करें जिनका आपने उपयोग नहीं किया है या जिनकी अब आपको आवश्यकता नहीं है, ताकि उनका दुरुपयोग न हो सके।
  • अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करें: हैंडसेट को सभी दूरसंचार ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ब्लॉक करें ताकि इसका उपयोग भारत में कहीं भी न किया जा सके, इसकी ट्रेसिंग करें और मिल जाने पर इसे अनब्लॉक करें।
  • अपने मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता जानें: नया या पुराना फोन खरीदने से पहले उसके आईएमईआई नंबर के माध्यम से हैंडसेट की पुष्टि करें।
  • भारतीय नंबरों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट करें: घरेलू (+91) नंबरों से विदेशों से आने वाली कॉल की रिपोर्ट करें। इससे सरकार को अवैध दूरसंचार सेटअपों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
  • विश्वसनीय संपर्क विवरण: किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले बैंकों और वित्तीय संस्थानों के वास्तविक ग्राहक सेवा नंबर, ईमेल आईडी और वेबसाइट लिंक की पुष्टि करें।
  • खुद को जागरूक रखें: फर्जी ऋण आवेदन, निवेश घोटाले, फर्जी नौकरी के विज्ञापन और फर्जी यातायात चालान जैसे प्रचलित धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूक रहें।

संचार साथी की उपलब्धियां

संचार साथी डैशबोर्ड नागरिकों और दूरसंचार विभाग की उपलब्धियों को दर्शाता है:

  • संचार साथी पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक विजिट;
  • 60.96 लाख गुम या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए, 37.85 लाख का पता लगाया गया और 14 लाख से अधिक बरामद किए गए;
  • नागरिकों से उनके नाम पर मोबाइल कनेक्शन की जांच और रिपोर्ट करने के लिए प्राप्त 4 करोड़ से अधिक अनुरोधों का समाधान किया गया।
  • चक्षु के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी संचार से संबंधित 12.80 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके परिणामस्वरूप 59.82 लाख मामलों में कार्रवाई की गई, जिसमें 50 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट करना भी शामिल है;
  • वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी को रोका गया;

जनभागीदारी: प्रत्येक नागरिक एक साइबर योद्धा

जब कोई नागरिक चक्षु प्लेटफॉर्म पर किसी संदिग्ध कॉल या संदेश की रिपोर्ट करता है या किसी ऐसे मोबाइल कनेक्शन की शिकायत करता है जो उसके नाम पर कभी लिया ही नहीं गया, तो ऐसी प्रत्येक रिपोर्ट से दूरसंचार विभाग को मोबाइल नंबर, डिवाइस या धोखाधड़ी के लिए दुरुपयोग किए जा रहे किसी पैटर्न की जानकारी मिलती है और इससे समय रहते कार्रवाई संभव हो पाती है, जिसमें पुनः सत्यापन और कनेक्शन काटना शामिल है, ताकि और नागरिकों के साथ धोखाधड़ी न की जा सके, ऐसी सूचनाओं के आधार पर 5 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इसलिए संचार साथी का उपयोग करने वाले नागरिक केवल इस प्लेटफॉर्म के लाभार्थी ही नहीं हैं; वे साइबर योद्धा हैं जो अपने परिवार, अपने समुदाय और राष्ट्र की रक्षा करते हैं।

नागरिक रिपोर्टें वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को मजूबत बनाती हैं।

नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी दूरसंचार विभाग के व्यापक धोखाधड़ी रोकथाम ढांचे के लिए महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक है। यह वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक के लिए एक प्रमुख इनपुट है, जो वित्तीय धोखाधड़ी से संभावित रूप से जुड़े मोबाइल नंबरों पर जोखिम-आधारित जानकारी प्रदान करता है। यह जानकारी डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सुरक्षित रूप से साझा की जाती है, जिससे वे अपने साथ धोखाधड़ी का पता लगाने और लेनदेन निगरानी प्रणालियों में दूरसंचार जोखिम संकेतों को शामिल कर सकें और किसी नागरिक के खाते से पैसा निकलने से पहले ही संदिग्ध लेनदेन के बारे में सतर्क हो सकें । वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक ने 5,000 करोड़ रूपये से अधिक के संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी के नुकसान को रोकने में मदद की है। संचार साथी प्रणाली डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जुड़े 1,600 से अधिक हितधारकों को जानकारी प्रदान करती है, जिससे समन्वित कार्रवाई के लिए 'संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण' संभव हो पाता है । इस प्रकार, एक जागरूक नागरिक की एक रिपोर्ट दूरसंचार, वित्तीय और कानून प्रवर्तन प्रणालियों में कई अन्य लोगों की सुरक्षा करती है।

14 लाख से अधिक खोए और चोरी हुए हैंडसेट बरामद किए गए।

मोबाइल खो जाने पर कोई भी नागरिक संचार साथी पर इसकी सूचना दे सकता है और देश के सभी दूरसंचार नेटवर्कों पर इसे ब्लॉक करवा सकता है। यदि कोई भी व्यक्ति ब्लॉक किए गए हैंडसेट का उपयोग करने का प्रयास करता है, तो उसकी ट्रेसबिलिटी जेनरेट की जाती है और पुलिस के साथ साझा की जाती है। निरंतर तकनीकी सुधारों, स्वचालित कार्यप्रणालियों और दूरसंचार विभाग, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस अधिकारियों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से, अब तक 60.96 लाख हैंडसेट ब्लॉक किए जा चुके हैं, 37.85 लाख की ट्रेसबिलिटी की जा चुकी है और 14 लाख से अधिक हैंडसेट बरामद किए जा चुके हैं।

आसान, बहुभाषी और सुलभ

संचार साथी पोर्टल को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल सेवाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिसमें सार्वजनिक डैशबोर्ड और दूरसंचार सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और जिम्मेदार डिजिटल प्रथाओं पर व्यापक जागरूकता जानकारी शामिल है। अंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध संचार साथी मोबाइल ऐप नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में मोबाइल पर सुविधा के साथ वही सेवाएं प्रदान करता है।

विभाग की नागरिकों से अपील

दूरसंचार विभाग सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं से आग्रह करता है कि वे संचार साथी (www.sancharsaathi.gov.in) वेबसाइट पर जाएं या संचार साथी ऐप का उपयोग करके अपने नाम से जारी किए गए मोबाइल कनेक्शनों की जांच करें और किसी भी संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश की रिपोर्ट करें। पोर्टल पर या संचार साथी ऐप का उपयोग धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर या https://www.cybercrime.gov.in पर इसकी सूचना देनी चाहिए।

दूरसंचार विभाग साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2.8 करोड़ से अधिक लोग संचार साथी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। संचार साथी मोबाइल ऐप को यहां से डाउनलोड किया जा सकता है:

अधिक जानकारी के लिए दूरसंचार विभाग के हैंडल्स को फॉलो करें: -

एक्स- https://x.com/DoT_India

इंस्टाग्राम- https://www.instagram.com/department_of_telecom?igsh=MXUxbHFjd3llZTU0YQ​

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