वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारत और रवांडा ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त व्यापार समिति की पहली बैठक आयोजित की


भारत और रवांडा ने द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई

भारत और रवांडा ने महत्वपूर्ण खनिजों, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2026 12:19PM by PIB Delhi

भारत-रवांडा संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का पहला सत्र 30 और 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित कुमार ने किया जबकि रवांडा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रवांडा गणराज्य के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के एशिया, प्रशांत और मध्य पूर्व मामलों के महानिदेशक श्री वर्जिल रवान्यागाटारे ने किया।

वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री यशवीर सिंह ने उद्घाटन भाषण देते हुए कहा कि उद्घाटन सत्र द्विपक्षीय व्यापार की समीक्षा करने, व्यापार में विविधता लाने, दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने और रसद संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए एक स्थायी, संरचित और आवधिक शीर्ष तंत्र की स्थापना करता है।

दोनों पक्षों ने वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। भारत से रवांडा को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में औषधि निर्माण और जैविक उत्पाद, दोपहिया और तिपहिया वाहन, औद्योगिक और विद्युत मशीनरी, तेल खली और लोहा एवं इस्पात उत्पाद शामिल हैं जबकि रवांडा से भारत को निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में सीसा, मसाले, आवश्यक तेल, तांबा, बहुमूल्य और अर्ध-बहुमूल्य पत्थर, प्रसंस्कृत कृषि उत्पाद और खनिज शामिल हैं। दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने, व्यापारिक संबंधों को सुगम बनाने और बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमत हुए।

भारत ने भारी इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद, वस्त्र, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, खेल सामग्री और खिलौने, रत्न और आभूषण तथा वैज्ञानिक उपकरणों के निर्यात में विस्तार की संभावनाओं के बारे में बताया। यह बताया गया कि भारत रवांडा के फार्मास्यूटिकल आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। यह देश के फार्मास्यूटिकल आयात का लगभग 24.5 प्रतिशत है। रवांडा ने मिर्च, मैकाडामिया, फ्रेंच बीन्स, एवोकाडो, आवश्यक तेल, चाय, कॉफी, अन्य बागवानी उत्पाद, खनिज और कीमती पत्थरों को भारत को प्राथमिकता के आधार पर निर्यात करने योग्य वस्तुओं के रूप में पहचाना। दोनों पक्षों ने मानकों के सामंजस्य पर सहयोग पर भी चर्चा की, जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो और रवांडा मानक बोर्ड के बीच क्षमता विकास शामिल है।

रवांडा ने निवेश के संदर्भ में बताया कि 2025 तक भारत उसका दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है और उसने खनन, कृषि-प्रसंस्करण, किफायती आवास, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और वित्तीय सेवाओं में अवसरों के बारे में बताया। दोनों पक्षों ने जेटीसी ढांचे के तहत इन्वेस्ट इंडिया और रवांडा विकास बोर्ड को निवेश केंद्र के रूप में नामित किया और व्यापार मेलों, व्यापार मंचों और क्रेता-विक्रेता बैठकों के कैलेंडर का आदान-प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की। रवांडा ने पूर्वी अफ्रीकी समुदाय (ईएसी), पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका के साझा बाजार (सीओएमईएसए) और अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (एएफ़सीएफटीए) के प्रवेश द्वार के रूप में अपनी रणनीतिक स्थिति के बारे में भी बताया और भारतीय व्यवसायों को एक व्यापक क्षेत्रीय बाजार तक पहुंच प्रदान करने का प्रस्‍ताव दिया।

दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सहयोग के लिए कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की। भारत ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में रवांडा के टिन, टंगस्टन और टैंटलम संसाधनों में सहयोग को मजबूत करने में रुचि व्यक्त की। इसमें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और रवांडा खान, पेट्रोलियम और गैस बोर्ड के बीच संस्थागत सहयोग शामिल है। फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, दोनों पक्षों ने कहा कि दोनों देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर के लिए अंतिम रूप देने के चरण में है। भारत ने भारतीय औषध संहिता को मान्यता देने और पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा।

चर्चाओं में कृषि और कृषि-प्रसंस्करण में सहयोग के विषय भी शामिल थे, जिनमें एवोकाडो; वस्त्र और चमड़ा; हरित गतिशीलता; डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना; फिनटेक और साइबर सुरक्षा; और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए बाजार पहुंच शामिल थे। भारत ने भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम, 'स्टडी इन इंडिया' पहल और 'स्किल इंडिया मिशन' के माध्यम से क्षमता विकास में निरंतर सहायता प्रदान करने का प्रस्‍ताव रखा। इसमें रवांडा के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए सहयोग भी शामिल है।

यह चर्चा सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने द्विपक्षीय वाणिज्यिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों प्रतिनिधिमंडलों को बधाई दी और सहमति के कार्यवृत्त में दर्ज परिणामों की गहन निगरानी और समयबद्ध कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।

समझौते के कार्यवृत्त पर 31 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्ष राजनयिक चैनलों के माध्यम से आपसी सहमति से तय की गई तिथि पर एक वर्ष बाद रवांडा में भारत-रवांडा संयुक्त व्यापार समिति का दूसरा सत्र आयोजित करने पर सहमत हुए।

 

***

पीके/केसी/पीपी/एमबी


(रिलीज़ आईडी: 2292915) आगंतुक पटल : 210
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Gujarati , Tamil , Telugu , Malayalam