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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की झलकियां साझा कीं

प्रविष्टि तिथि: 04 JUL 2026 10:02PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा में लगभग ₹1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, उनका उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए, उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित होने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया और इस विशाल जनभागीदारी को वर्तमान सरकार के प्रति जनता के मजबूत समर्थन का स्पष्ट प्रमाण बताया।

एक्स पर कई पोस्ट के माध्यम से झलकियां साझा करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा:

जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करके अत्यंत प्रसन्नता हुई।

यह न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि पूरे राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक अवसरों को भी भी सुदृढ़ करेगा।

भारत का विमानन क्षेत्र अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे और हमारे देश के हर हिस्से को जोड़ने की प्रतिबद्धता के साथ नित्य नई ऊंचाइयां छू रहा है।

आज पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के एक एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन किया। यह मील का पत्थर साबित होने वाली परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगी, रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी और आर्थिक परिवर्तन को गति प्रदान करेगी। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की हमारी यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

राजस्थान के बालोतरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को देखने का सुअवसर मिला। यहां की अत्याधुनिक रिफाइनरी से हमारे ऊर्जा सेक्टर को एक नई मजबूती मिलने वाली है।

शहरों में कनेक्टिविटी के तेज विस्तार के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में आज जयपुर मेट्रो के फेज-2 का शिलान्यास करके बहुत खुशी हुई है।

आज राजस्थान के करीब 54 हजार युवा साथियों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपकर बहुत संतोष का अनुभव हुआ है। मैं उन्हें बधाई देने के साथ ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।

राजस्थान के बालोतरा में अपार संख्या में पधारे मेरे परिवारजनों के जोश और उत्साह से पता चलता है कि वे राज्य में हो रहे चौतरफा विकास कार्यों से कितने खुश हैं।

बीते एक दशक में हमने देश की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर नए भारत की इच्छाशक्ति भारी पड़ी है।

पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से डीजल-पेट्रोल पर आए संकट को देखते हुए कई तरह की अफवाहें फैलाने और डराने-भड़काने के राजनीतिक खेल खेले गए। लेकिन भारत ने अपनी डिप्लोमेसी और दोस्ती से हर संकट पर काबू पाकर सभी गलत इरादों को नाकाम कर दिया।

युद्ध के हालात में किसानों के लिए फर्टिलाइजर की समस्या हो या एमएसएमई से जुड़ी चुनौतियां, हमने इनसे निपटने के लिए सही समय पर सटीक कदम उठाए। इससे वे आज खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

हमारी सरकार ऊर्जा के दूसरे स्रोतों पर भी काम कर रही है। राजस्थान पर सूर्यदेव की कृपा को देखते हुए यहां विश्वस्तरीय सोलर पार्क बनाने के साथ-साथ सौर ऊर्जा से जुड़े कई प्रयास किए जा रहे हैं।

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पीके/केसी/पीकेपी


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