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ई-सरस:बढ़ता बाजार, ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण

प्रविष्टि तिथि: 01 JUL 2026 12:02PM by PIB Delhi

   

बुनकरों और कुम्हारों से लेकर महिला-नेतृत्व वाले सहकारी समितियों तक, ग्रामीण शिल्पकार भारत की समावेशी विकास गाथा को नई गति प्रदान कर रहे हैं। ई-सरस (eSARAS) प्लेटफॉर्म के माध्यम से, हजारों स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय बाजारों, डिजिटल बुनियादी ढांचे और संस्थागत सहायता तक सीधे पहुंच मिल रही है। बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर तथा प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकरण के माध्यम से, ई-सरस ग्रामीण हस्तशिल्प को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के तरीके में परिवर्तन ला रहा है। देश भर के ब्लॉकों और जिलों में इस प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में इसके बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। ई-सरस जैसी पहलें महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

जमीनी स्तर से बदलाव की बुनाई

पिछले ग्यारह वर्षों में, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने शासन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता में व्यापक परिवर्तन किया है—जिससे वे अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बन गए हैं। यह परिवर्तन शहरों से आगे बढ़कर ग्रामीण भारत तक पहुँच चुका है, जहाँ तकनीक अब आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका को मजबूती प्रदान करने और समुदाय-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

इस पूरे परिदृश्य में, ई-सरस (सरस आजीविका) सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक बनकर उभरा है। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनॉ (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत विकसित किया गया है। यह इस बात का एक प्रमुख उदाहरण है कि किस प्रकार डिजिटल अवसंरचना का उपयोग जमीनी स्तर पर आर्थिक परिवर्तन को गति देने के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

ई-सरस क्या है?

ई-सरस डीएवाई-एनआरएलएम का आधिकारिक ऑनलाइन बाज़ार है, जिसे विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और उनके महासंघों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए विकसित किया गया है। यहाँ उपलब्ध बेहतरीन और चुनिंदा हस्तशिल्प उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों से आते हैं—जैसे मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध चंदेरी साड़ियों के बुनकरों से लेकर राजस्थान के संगमरमर शिल्पकारों तक, तथा जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में बसे पश्मीना उत्पाद तैयार करने वाले कारीगरों तक। ई-सरस पर उपलब्ध प्रत्येक उत्पाद अपने साथ एक अनूठी कहानी समेटे हुए है, और आपकी हरेक खरीदारी सीधे उस शिल्पकार से जुड़ने का एक माध्यम है जिसने इसे तैयार किया है।

यह प्लेटफॉर्म निम्नलिखित प्रमुख श्रेणियों में स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराता है—

  • घर एवं गृह-सज्जा
  • महिलाओं के परिधान एवं सहायक सामग्री
  • पुरुषों के परिधान एवं सहायक सामग्री
  • व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद
  • खाद्य उत्पाद
  • बच्चों के खिलौने एवं सहायक सामग्री

ई-सरस के माध्यम से 8.62 करोड़ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों के पास एक डिजिटल स्टोरफ्रंट है, जिनमें से 85% सीधे ग्रामीण विकास मंत्रालय के नेटवर्क से जुड़े हैं(फरवरी 2024 तक)। यह प्लेटफॉर्म उन्हें न सिर्फ एक बाज़ार उपलब्ध कराता है, बल्कि विपणन, ब्रांडिंग और परिवहन व आपूर्ति के लिए संस्थागत सहायता भी प्रदान करता है।

डीएवाई-एनआरएलएम देश भर के 7,627 ब्लॉकों तक अपनी पहुँच बना चुका है तथा जमीनी स्तर पर इन उद्यमों को सहायता प्रदान करने के लिए 1.51 करोड़ समुदाय के सदस्यों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है।

 

पोर्टल से ई-कॉमर्स इकोसिस्टम तक: प्रमुख उपलब्धियाँ

कुछ वर्ष पूर्व एक साधारण वेब पोर्टल के रूप में शुरू हुई यह पहल आज एक पूर्ण विकसित ई-कॉमर्स इकोसिस्टम का रूप ले चुकी है। अब इसमें मोबाइल ऐप, भौतिक प्रदर्शनी गैलरी, राष्ट्रीय मेले, लॉजिस्टिक्स पूर्ति केंद्र तथा भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।

प्लेटफ़ॉर्म का विकास

विस्तृत विवरण

ई-सरस पोर्टल का शुभारंभ

सरस उत्पादों के बेहतर और अधिक प्रभावी विपणन के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल https://www.esaras.in/ का शुभारंभ किया गया

ई-सरस मोबाइल ऐप की शुरुआत

ई-सरस सुविधा केंद्र के साथ ही मोबाइल ऐप की शुरूआत की गई। इसका उपयोग उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और भेजने के लिए किया जाता है।

ओएनडीसी

महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद 11 से अधिक खरीदार ऐप्स पर उपलब्ध कराए गए हैं। ओएनडीसी प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े 20 करोड़ से अधिक संभावित खरीदारों तक इनकी पहुँच है तथा इस पर 800 से अधिक हस्तशिल्प उत्पाद सूचीबद्ध किए गए हैं।

उमंग

ई-सरस को उमंग प्लेटफ़ॉर्म पर भी सूचीबद्ध किया गया है। जून 2026 तक उमंग 2,572 सेवाएँ प्रदान कर रहा है और इसके माध्यम से 796.69 करोड़ रूपए से अधिक लेन-देन संपन्न हो चुके हैं।

सरस शक्ति संग्रह

संस्थागत और कॉर्पोरेट बाज़ारों के लिए 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026' में खास तौर पर चुने गए उपहारों के कलेक्शन का शुभारंभ किया गया।

सरस आजीविका प्रदर्शनी

नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर महिला स्वयं सहायता समूहों के चयनित उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थायी रिटेल गैलरी की स्थापना की गई।

आगे की राह: शिल्प, वाणिज्य और समुदाय

ओएनडीसी, उमंग और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ लगातार बढ़ते एकीकरण के माध्यम सेई-सरस ग्रामीण उत्पादकों को भारत की शिल्प विरासत को संरक्षित रखते हुए बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार कर रहा है। जैसे-जैसे यह इकोसिस्टम आगे बढ़ रहा है, इसके स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

ऐसा करके, ई-सरस इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे 'डिजिटल इंडिया' महिलाओं को सशक्त बना रहा है, भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को संरक्षित कर रहा है और महिला-नेतृत्व वाले समावेशी ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।

संदर्भ

Ministry of Rural Development (ग्रामीण विकास मंत्रालय)

https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s3d69116f8b0140cdeb1f99a4d5096ffe4/uploads/2026/04/202604211510022943.pdf

https://sansad.in/getFile/loksabhaquestions/annex/184/AU2884_xtODlC.pdf?source=pqals

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2278288&reg=48&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1871641&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1937055&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2278288&reg=3&lang=1

Ministry of Electronics and Information Technology (MEITy) {इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई)}

https://en.vikaspedia.in/viewcontent/social-welfare/entrepreneurship/important-days/esaras-portal-for-handicrafts?lgn=en

https://negd.gov.in/

https://www.facebook.com/OfficialUmangApp/posts/to-promote-local-artisans-and-self-help-groups-esaras-on-umang-facilitates-citiz/1313461524124692/

Ministry of Commerce & Industry (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय)

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2146920&ref=official-press.com&reg=48&lang=2

PIB Archives (पीआईबी अभिलेखागार)

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2267960&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?NoteId=159055&ModuleId=3&reg=48&lang=2

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PIB Research (पीआईबी शोध)

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