अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
हज नीति 2027 की घोषणा; हज कमेटी ऑफ इंडिया ने संभावित हज यात्रियों से आवेदन आमंत्रित किए
हज कमेटी ऑफ इंडिया पोर्टल और हज सुविधा ऐप के माध्यम से आवेदन खुले हैं
प्रविष्टि तिथि:
22 JUN 2026 7:20PM by PIB Delhi
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आज हज नीति 2027 की घोषणा कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने नीति जारी करते हुए घोषणा की कि हज कमेटी आज से हज-2027 के लिए संभावित हाजियों से आवेदन आमंत्रित करेगी।

हज-2027 के लिए हज पर जाने के इच्छुक लोग, हज कमेटी ऑफ इंडिया के पोर्टल (hajcommittee.gov.in) के साथ ही हज सुविधा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया लचीली, सरल और अधिक सुलभ हो जाएगी। हज कमेटी ऑफ़ इंडिया और निजी क्षेत्र के बीच कोटे का बंटवारा 70:30 के अनुपात में ही रहने की उम्मीद है, जिसमें 'हज कमेटी ऑफ़ इंडिया' के लिए 1,22,518 सीटें और निजी क्षेत्र के लिए 52,507 सीटें होंगी। हालांकि, भारत सरकार भारतीय हज यात्रियों के लिए हज कोटा बढ़ाने का प्रयास करेगी। पिछले वर्ष यह कोटा 1,75,025 था।
यह घोषणा केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में 18 जून 2026 को हुई हज समीक्षा बैठक के बाद की गई है, जिसमें हज-2026 की समीक्षा की गई और हज-2027 के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। नीति की शीघ्र घोषणा करने के साथ ही आवेदन की शुरुआत यह दर्शाता है कि मंत्रालय सऊदी अरब द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन और समय पर तैयारी पर जोर दे रहा है।
हज नीति 2027 प्रत्येक हज यात्री के लिए हज यात्रा को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को आगे बढ़ाती है, जो हज-2026 की हज यात्री-केंद्रित पहलों जैसे मीना में सोफा-सह-बिस्तर, मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन से यात्रा, मक्का में होटल-शैली के आवास और 20-दिवसीय लघु हज पैकेज पर आधारित है। इन प्रयासों को देखते हुए सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने भारतीय हज मिशन को हज 2026 के लिए "सर्वश्रेष्ठ हज समन्वय और संचार" श्रेणी के तहत दो लब्बैतुम पुरस्कार प्रदान किए - यह सम्मान पहली बार प्राप्त हुआ है।
प्रमुख परिवर्तनों में, इस नीति के तहत राज्य हज निरीक्षक का अनुपात हर 150 हज यात्रियों पर एक निरीक्षक से बढ़ा कर हर 135 तीर्थयात्रियों पर एक निरीक्षक कर दिया गया है। प्रतीक्षा सूची में बढ़ती संख्या का उचित तरीके से समाधान करने के लिए, हज-2026 के अंतिम प्रतीक्षा सूची आवेदकों के शीर्ष 20 प्रतिशत को प्राथमिकता दी जाएगी। अपने पहले वर्ष में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने वाले लघु हज पैकेज को जारी रखा जा रहा है। इसके साथ ही, इस क्षेत्र से अधिक मांग को देखते हुए कोलकाता को एक अतिरिक्त एम्बार्केशन पॉइंट (यात्रा शुरू करने का स्थान) के तौर पर इसमें शामिल किया गया है।
यह नीति चिकित्सा जांच को सऊदी अरब के चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाती है। इसमें जांच को और सख्त किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गंभीर या पुरानी बीमारी वाले लोगों को हज पर जाने की मंज़ूरी न मिले, जिससे हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा बनी रहे।
मंत्रालय हज यात्रियों के प्रबंधन को शुरू से आखिर तक बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कई नए उपाय भी अपना रहा है। इनमें एआई की मदद से चलने वाले ऐप्स, यात्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन, अलग-अलग जगहों से उड़ानों के लिए मांग मॉडलिंग और शिकायतों को रियल-टाइम में ट्रैक करना और आगे बढ़ाना शामिल है। सरकार की प्रौद्योगिकी-आधारित हज की पहल के तहत इन उपायों को चरणों में लागू करने की योजना है।
इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हज यात्रियों के लिए बातचीत करने वाला एआई असिस्टेंट है। इसे हिंदी, उर्दू और मुख्य क्षेत्रीय भाषाओं में चौबीसों घंटे मदद देने के लिए बनाया गया है, ताकि यात्री अपनी भाषा में आसान आवाज़ या टेक्स्ट के ज़रिए प्रश्न पूछ सकें और जानकारी प्राप्त कर सकें। इसका उद्देश्य आवेदन फ़ॉर्म भरने और उसे जमा करने से लेकर भुगतान,उड़ान, रहने के स्थान और सामान के बारे में जानकारी पाने, शिकायतें दर्ज करने और आपातकाल में मदद मांगने तक जैसे प्रत्येक चरण में हज यात्रियों की मदद करना है। इससे आवेदन फ़ॉर्म में त्रुटियों और अस्वीकृतियों को कम किया जा सकेगा, बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और पहली बार हज करने वाले तथा बुजुर्ग हज यात्रियों के लिए सटीक जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। सऊदी नुसुक प्लेटफ़ॉर्म के साथ भी इसे जोड़ने की योजना है, ताकि भारतीय और सऊदी सिस्टम में हज यात्रियों की सेवाएं बिना किसी रुकावट के एक साथ कारगर हो सकें और हज यात्रियों को अपनी पूरी यात्रा के दौरान लगातार और वास्तविक समय की जानकारी मिलती रहे।
केंद्रीय मंत्री ने सभी योग्य हज यात्रियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया और हज कमेटी ऑफ़ इंडिया तथा सभी संबंधित एजेंसियों को आवेदन की प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने फिर कहा कि भारत सरकार प्रत्येक भारतीय हज यात्री के लिए सुरक्षित, आरामदायक, पारदर्शी और सम्मानजनक हज सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पीके/केसी/एमके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2276855)
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