पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग

पिछले 3 दिनों में, लगभग 1.40 करोड़ घरेलु एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग हुई जिसमें लगभग 1.39 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड मिनी एलपीजी सिलेंडरों के लिए 11,870 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए, 3 अप्रैल 2026 से इन शिविरों में 2.10 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर की बिक्री हुई

मार्च 2026 से अब तक लगभग 7.03 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया गया, अतिरिक्त 2.72 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार हुआ, लगभग 7.49 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया

भारत के लिए एलपीजी ला रहे दो मालवाहक जहाज, एसवाईएमआई और एनवी सनशाइन, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरे; कांडला और न्यू मैंगलोर में कार्गो की डिलीवरी निर्धारित समय पर निर्धारित

ओमानी जलक्षेत्र में भारतीय पोत के साथ हुई घटना में सभी नाविक दल सुरक्षित; पिछले 72 घंटों में भारतीय जहाजों या भारतीय नाविकों वाले विदेशी जहाजों से संबंधित कोई अन्य घटना नहीं हुई

प्रविष्टि तिथि: 14 MAY 2026 5:12PM by PIB Delhi

पश्चिम एशिया में तेज़ी से बदलती स्थितियों के बीच, भारत सरकार नियमित जानकारी देकर लोगों को सूचित रखने के प्रयास जारी रखे हुए है। इसी क्रम में, आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन, और जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने ईंधन उपलब्धता, समुद्री संचालन और प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के उपायों के बारे में नवीनतम जानकारी दी।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किये जा रहे उपायों की जानकारी देते हुए ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के बारे में सूचित किया। इसमें कहा गयाः

जन परामर्श एवं नागरिक जागरूकता

  • लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास कर रही है।
  • अफवाहों से सावधान रहने और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने को कहा गया है।
  • एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
  • लोगों को वैकल्पिक ईंधन जैसे पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  • सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे मौजूदा स्थिति के दौरान दैनिक उपयोग में ऊर्जा बचाने के आवश्यक प्रयास करें।

सरकारी तैयारी और आपूर्ति प्रबंधन उपाय

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है।
  • वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, औषधि, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल छोटे सिलेंडर की आपूर्ति 2 और 3 मार्च, 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी की गई।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग पर कई युक्तिकरण उपाय पहले ही लागू किए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए निर्धारित क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • घरेलू एलपीजी गैस की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है।
  • राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत राज्य सरकारों को आपूर्ति की निगरानी रखने और जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और विनियमन में प्राथमिक भूमिका निभाने को कहा गया है। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो संदेशों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की पुष्टि की है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 27 मार्च, 2026 और 2 अप्रैल, 2026 को लिख पत्रों के माध्यम से पर्याप्त ईंधन उपलब्धता के संबंध में लोगों को आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जनसंचार की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस संदर्भ में, 2 अप्रैल, 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव की अध्यक्षता में और 6 अप्रैल, 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव के साथ सूचना एवं प्रसारण तथा उपभोक्ता मामलों के सचिवों की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:
  • दैनिक प्रेस ब्रीफिंग करना और नियमित सार्वजनिक सलाह जारी करना।
  • सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय निगरानी और उनका मुकाबला करना।
  • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियान में तेजी लाना और तेल विपणन कंपनियों के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करने को कहा गया।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त उत्तम केरोसिन ऑयल के लिए आवंटन आदेश जारी करना।
  • पीएनजी तथा वैकल्पिक ईंधन अपनाने को बढ़ावा देना।
  • एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देना, विशेष रूप से घरेलू आवश्यकताओं के लिए, और आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण अपनाना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
  • कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं/संचालित कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं। कल देशभर में दो हजार से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई।
  • सरकारी तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और जमाखोरी/कालाबाजारी के मामलों की जांच करने के लिए कल देश भर में लगभग 1160 आरओ और एलपीजी वितरक केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण जारी रखा है और 401 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और कल तक 76 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया गया है।

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की वजह से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
  • घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
  • एलपीजी वितरकों के पास से आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
  • कल ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में लगभग 99 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। डीएसी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है।
  • पिछले 3 दिनों में लगभग 1.40 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग हुई, जिसमें लगभग 1.39 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।
  • कल, लगभग 46.06 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग हुई, जिसमें 49.7 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए।

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आवंटन उपाय:

  • कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन शामिल है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 06 अप्रैल, 2026 के पत्र द्वारा सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (छोटे सिलेंडर) की दैनिक मात्रा को दिनांक 21 मार्च, 2026 के पत्र में उल्लिखित 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक 2-3 मार्च, 2026 के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई औसत दैनिक आपूर्ति (सिलेंडरों की संख्या) के आधार पर दोगुना किया जा रहा है। ये 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं और वे इन्हें तेल विपणन कंपनियों की सहायता से केवल अपने राज्य के प्रवासी श्रमिकों को ही आपूर्ति कर सकती हैं।
  • पिछले 3 दिनों में लगभग 1.90 लाख – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई।
  • कल लगभग 67,600 - 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • 3 अप्रैल 2026 से, सरकारी तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए 11,870 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 2.10 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर भी बेचे गए।
  • कल 214 शिविरों में लगभग 3480 - 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई।
  • इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति, राज्य अधिकारियों और उद्योग निकायों के परामर्श से, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की योजना को अंतिम रूप देती है।
  • 26 मई से अब तक कुल 83,549 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 43.97 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है।
  • पिछले 3 दिनों में कुल 23,820 मीट्रिक टन (19 किलोग्राम के 12.53 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई।
  • कल लगभग 7836 मीट्रिक टन (19 किलोग्राम के 4.12 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई।
  • कल, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा लगभग 357 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी की बिक्री की गई, जबकि 26 जनवरी और 26 फरवरी के दौरान दैनिक औसत लगभग 177 मीट्रिक टन था।

प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी विस्तार पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क आपूर्ति सहित औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में 80 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं को कहा गया है कि वे अपने होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें, ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान हो सके।
  • इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, महानगर गैस लिमिटेड, गेल गैस और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित शहर में गैस वितरण करने वाली कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन राशि की पेशकश कर रही हैं।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक मंज़ूरी देने में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है।
  • भारत सरकार ने 18 मार्च, 2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक कनेक्शन बदलने में सहायता कर सकें।
  • 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीएनजी के विस्तार सुधारों से संबंधित अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त हो रहा है।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिनांक 24 मार्च, 26 के पत्र द्वारा नगर में गैस वितरण आधारभूत ढांचे से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संसाधित करने के लिए 3 महीने की विशेष अवधि के लिए 'कम समयसीमा के साथ सीजीडी अवसंरचना का त्वरित अनुमोदन ढांचा' अपनाया है।
  • भारत सरकार ने 24 मार्च, 2026 के राजपत्र द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है। यह आदेश देश भर में पाइपलाइन बिछाने और इसके विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा है, जिससे अनुमोदन और भूमि उपलब्धता में होने वाली देरी दूर होगी, और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस अवसंरचना का तीव्र विकास सक्षम होगा। इससे प्राकृतिक गैस नेटवर्क विकसित करने में तेजी, आखिरी छोर तक इसकी पहुंच में सुधार होने और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ने में सहायता मिलने की उम्मीद है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ होगी और भारत की गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं को 2026 में घरेलू पाइप नेचुरल गैस कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पाइप्ड नेचुरल गैस के विस्तार में गति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पाइप्ड नेचुरल गैस अभियान के द्वितीय चरण को 30 जून, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) नीति का मॉडल प्रारूप तैयार किया है। इस नीति का उद्देश्य राज्यों को संपीड़ित बायोगैस विकास के लिए अपना स्वयं का निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सक्षम बनाने हेतु व्यापक, स्थिति अनुरूप मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करना है। जो राज्य इसे अपनाएंगे, उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिनांक 07.04.2026 के आदेश द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नगर गैस वितरण नेटवर्क/बुनियादी ढांचे की स्थापना या संचालन के लिए सहमति प्रदान करने हेतु 15 दिनों के भीतर आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश देने को कहा गया है।
  • मार्च 2026 से अब तक लगभग 7.03 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया गया है और अतिरिक्त 2.72 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 9.75 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग 7.49 लाख उपभोक्ताओं (ग्राहकों) ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।
  • 13.05.2026 तक, 57,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट द्वारा अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन

  • सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता के साथ संचालित हैं तथा पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
  • घरेलू खपत पूरी करने के लिए तेलशोधन संयंत्रों में एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
  • घरेलू बाजार के लिए पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह गठित की गई है। इससे भारत सरकार ने दिनांक 01 अप्रैल, 2026 के आदेश द्वारा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित तेल रिफाइनरी कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी उद्योग में, C3 और C4 स्ट्रीम हाइड्रोकार्बन के मिश्रण को संदर्भित करते हैं, जिन्हें क्रूड ऑयल या नेचुरल गैस के प्रसंस्करण के दौरान अलग किया जाता है।
  • औषधि विभाग, रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, फार्मा, रसायन और पेंट क्षेत्र की कंपनियों के लिए एलपीजी पूल से प्रतिदिन 1120 मीट्रिक टन की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
  • 1 मई 2026 से, मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों द्वारा रसायन, फार्मा और पेंट उद्योग को 6700 मीट्रिक टन से अधिक C3-C4 अणु (जिसमें प्रोपलीन और ब्यूटिलीन शामिल हैं) और 2800 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट बेचा गया है।

खुदरा ईंधन उपलब्धता और मूल्य निर्धारण उपाय

  • देश भर में तेल के सभी खुदरा प्रतिष्ठान सामान्य तौर पर संचालित हैं।
  • मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है; लेकिन उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
  • देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल के नियमित खुदरा मूल्य अपरिवर्तित हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और तेल एवं परिवहन कंपनियों के खुदरा दुकानों पर कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

समुद्री सुरक्षा और पोत परिवहन संचालन

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में मौजूदा समुद्री स्थिति पर अद्यतन जानकारी दी, जिसमें क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों का विस्तृत विवरण दिया गया। इसमें बताया गया कि:

  • एलपीजी वाहक एसवाईएमआई तथा मार्शल द्वीप समूह ध्वज वाला जहाज भारत के लिए 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो ला रहा है, जिन पर 21 विदेशी नाविक भी सवार हैं। इन जहाजों ने 13 मई, 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित रूप से पार कर लिया और 16 मई, 2026 को इनके कांडला पहुंचने की संभावना है।
  • एक और जहाज, वियतनामी ध्वज वाला एलपीजी वाहक एनवी सनशाइन भारत के लिए 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो ला रहा है। इस पर विदेशी नाविक दल के 24 सदस्य सवार हैं। इस जहाज ने 14 मई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया और इसके 18 मई, 2026 को न्यू मैंगलोर पहुंचने की उम्मीद है।
  • सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह जा रहे भारतीय मशीनीकृत नौकायन पोत हाजी अली ओमान के जलक्षेत्र में 13 मई, 2026 की सुबह एक घटना का शिकार हो गया, जिससे पोत में आग लग गई और बाद में वह डूब गया।
  • जहाज पर सवार नाविक दल के सभी 14 सदस्यों को ओमान के तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया और वे ओमान के दिब्बा बंदरगाह पहुंच गए हैं। नाविक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
  • भारत सरकार ओमान के अधिकारियों, भारतीय मिशन के अधिकारियों और संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ निकट समन्वय बनाए हुए है।
  • पिछले 72 घंटों में, एमएसवी हाजी अली घटना को छोड़कर, भारतीय जहाजों या भारतीय नाविकों वाले विदेशी जहाजों से संबंधित कोई अन्य घटना नहीं हुई है। क्षेत्र में मौजूद अन्य सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
  • सक्रिय होने के बाद से नौवहन महानिदेशालय नियंत्रण कक्ष को 9,266 कॉल और 20,592 से अधिक ईमेल पर तत्पर कार्रवाई की गई है। पिछले 72 घंटों में कुल 377 कॉल और 834 ईमेल मिले हैं।
  • मंत्रालय ने नौवहन महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 3,158 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है, जिनमें खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पिछले 72 घंटों में 62 नाविकों की सुरक्षित वापसी शामिल है।
  • देश भर के बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय का नाविकों के हित और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय जारी है।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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