पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता


औद्योगिक संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर करने के लिए डीपीआईआईटी द्वारा नियामक और सुविधा उपायों में तेजी लाई गई

25 मार्च 2026 से सीएनजी और सीबीजी वितरण स्टेशनों के लिए 467 से अधिक आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया गया; गैस अवसंरचना के विस्तार में तेजी लाई गई

41 बायोगैस सिलेंडर भरने और भंडारण संयंत्रों के लिए अनुमोदन प्रदान किए गए, वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता को बढ़ावा दिया गया

निर्बाध ईंधन आपूर्ति और अंतिम-मील वितरण सुनिश्चित करने के लिए एसकेओ भंडारण, एलपीजी अनलोडिंग और एलएनजी फिलिंग के लिए अस्थायी नियामक छूट दी गई

डायवर्जन को रोकने के लिए डीएसी आधारित डिलीवरी लगभग 94 प्रतिशत तक बढ़ाई गई

23 मार्च 2026 से अब तक 20.08 लाख से अधिक - पांच किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए

लगभग 5.10 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया गया और अतिरिक्त 2.56 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया, साथ ही लगभग 5.77 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया

भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर देश गरिमा, जिसमें 31 भारतीय नाविक सवार हैं, के शाम 1800 बजे मुंबई पहुंचने की उम्मीद

28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 11.91 लाख यात्रियों ने भारत की यात्रा की

प्रविष्टि तिथि: 22 APR 2026 5:42PM by PIB Delhi

पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बारे में मीडिया को लगातार सूचित रखने के अपने प्रयासों के तहत, भारत सरकार ने आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और प्रमुख सेक्‍टरों में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने भी प्रेस वार्ता के दौरान अपडेट साझा किए।

औद्योगिक कार्यकलाप और सेक्‍टर-वार अपडेट:

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच औद्योगिक गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करने, आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने और प्रमुख विनिर्माण की सहायता करने के लिए कई नियामक और सुविधात्मक उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है।

इन उपायों का उद्देश्य उद्योग द्वारा सामना की जा रही परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करते हुए ईंधन और आवश्यक सामग्रियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है। डीपीआईआईटी हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क में है और उल्लिखित कार्यवाहियां अब तक उठाए गए कदमों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

ईंधन और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सुविधा प्रदान करने वाले उपाय

पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने मौजूदा संकट के बीच ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुविधापूर्ण और सुरक्षा उन्मुख उपाय किए हैं:

  • पीईएसओ को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) वितरण स्टेशनों के लिए कुल 467 आवेदन प्राप्त हुए और 25 मार्च 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक इन सभी का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया गया। 467 मामलों में से 157 मामलों में अंतिम लाइसेंस जारी किए गए और 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी वितरण स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व स्वीकृति प्रदान की गई।
  • मार्च 2026 से अब तक 41 बायोगैस सिलेंडर भरने और भंडारण संयंत्रों को मंजूरी दी जा चुकी है और इसके परिणामस्वरूप 14 संयंत्रों को लाइसेंस जारी किए गए हैं।
  • उच्च गुणवत्ता वाले केरोसिन तेल (एसकेओ) के लिए अस्थायी भंडारण छूट प्रदान की गई, जिससे 2,500 लीटर तक भंडारण की अनुमति मिली (12.03.2026) और अंतिम मील वितरण की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए पीडीएस केरोसिन के लिए 5,000 लीटर तक की एकमुश्त छूट दी गई (13.03.2026)।
  • घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 18.03.2026 को अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था।
  • क्रायोजेनिक सिलेंडरों में एलएनजी भरने की अनुमति देने वाले दिशानिर्देश विकेंद्रीकृत एलएनजी आपूर्ति को बढ़ावा देने और व्यवधानों के दौरान ईंधन लचीलेपन को बढ़ाने के लिए जारी किए गए थे।
  • बुनियादी ढांचे के संवर्धन में तेजी लाने के लिए, पीईएसओ ने 20 मार्च 2026 को सीएनजी स्टेशनों और डीकंप्रेशन इकाइयों के आवेदनों के समयबद्ध निपटान (10 दिनों के भीतर) के लिए निर्देश जारी किए।
  • आपूर्ति संबंधी तात्कालिक बाधाओं को दूर करने के लिए, पोरबंदर जेटी पर एलपीजी उतारने की अनुमति 14.03.2026 को दी गई थी।
  • पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, पीडीएस केरोसिन और डीजल की आपूर्ति के लिए पीईएसओ द्वारा अनुमोदित कंटेनर निर्माताओं और उनकी क्षमताओं की सूची 01.04.2026 को पीईएसओ वेबसाइट पर अपलोड की गई थी।
  • वितरण स्टेशनों के संचालन में तेजी लाने के लिए 01.04.2026 को सीएनजी/सीबीजी कंप्रेसर के लिए अनुमोदन आवश्यकताओं से छह महीने की अस्थायी छूट जारी की गई थी।

वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित दीर्घकालिक पहल लागू की गईं:

  • भूमि की कमी को दूर करने और गैस वितरण अवसंरचना का विस्तार करने के लिए सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों पर जिला दबाव विनियामक स्किड (डीपीआरएस) की स्थापना के लिए 25.03.2026 को दिशानिर्देश जारी किए गए थे।
  • 25.03.2026 को दिशानिर्देश जारी किए गए थे, जिसमें क्रायोजेनिक सिलेंडरों में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भरने की अनुमति दी गई थी, जिससे दूरस्थ या गैर-पाइपलाइन क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में सुविधा हुई।
  • सफल प्रोटोटाइप परीक्षणों के बाद डाइमिथाइल ईथर (डीएमई) जंबो सिलेंडरों के लिए 25.03.2026 (कॉम्बिनेशन वाल्व के लिए) और 27.03.2026 (प्रेशर रिलीफ वाल्व के लिए) को मंजूरी दी गई, जो डाइमिथाइल ईथर को एक वैकल्पिक औद्योगिक ईंधन के रूप में उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • 2 अप्रैल 2026 को दिशानिर्देश जारी किए गए थे, जिनमें विशेष रूप से एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों के लिए रात्रिकालीन संचालन की अनुमति दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप परिचालन घंटे बढ़ेंगे और इस प्रकार उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
  • 30.03.2026 को पेट्रोनेट एलएनजी को दाहेज टर्मिनल पर अतिरिक्त 5 एमएमटीपीए री-गैसिफिकेशन क्षमता के लिए चालू करने की अनुमति दी गई, जिससे कुल क्षमता बढ़कर 22.5 एमएमटीपीए हो गई और सीजीडी नेटवर्क के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता में सुधार हुआ।

 

तेल की खपत कम करने के उपाय (बॉयलर)

  • बॉयलर अधिनियम, 2025 की धारा 38 की उपधारा (3) के तहत 07.04.2026 को राज्य सरकारों को निम्नलिखित कार्रवाइयों के साथ एक परामर्श जारी किया गया था:
  • विद्युत संयंत्रों और अन्य उच्च क्षमता वाले बॉयलरों (100 टीपीएच) के लिए बॉयलर प्रमाणपत्रों का तीन महीने का अस्थायी विस्तार, परिचालन मापदंडों के सत्यापन और सक्षम व्यक्तियों द्वारा संतोषजनक बाहरी निरीक्षण के अधीन है।
  • रिफाइनरियों, पेट्रोकेमिकल्स और उर्वरक संयंत्रों सहित प्रमुख तेल और गैस इकाइयों में उच्च क्षमता वाले बॉयलरों के लिए बॉयलर प्रमाणपत्रों का तीन महीने का अस्थायी विस्तार, निर्धारित सुरक्षा उपायों, पैरामीटर सत्यापन और संतोषजनक बाहरी निरीक्षण के अधीन है।
  • ईंधन के उपयोग में विविधता को बढ़ावा देना, औद्योगिक क्षेत्रों में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करना।

कुकटॉप / इंडक्शन कुकटॉप सेक्टर

  • इंडक्शन कुकटॉप सेक्‍टर में मांग-आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और आपूर्ति और कीमतों को स्थिर करने के लिए आवश्यक तत्काल उपायों का आकलन करने के लिए वाणिज्य विभाग और विद्युत मंत्रालय के समन्वय से डीपीआईआईटी द्वारा हितधारकों के साथ परामर्श आयोजित किए गए।
  • वि निर्माताओं द्वारा पूर्व की समयसीमाओं को पूरा करने में आ रही कठिनाई को देखते हुए, इंडक्शन कुकटॉप के लिए अनिवार्य ऊर्जा दक्षता और गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) की समयसीमा बढ़ा दी गई है, और इसके अनुरूप संशोधन और ई-गजट अधिसूचनाएं 06.04.2026 को जारी की गईं।

 

पेंट उद्योग

 

अंतर-मंत्रालयी परामर्श और संयुक्त कार्य समूह की बैठक के आधार पर, निम्नलिखित उपाय किए गए:

 

  • कच्चे माल की कमी को दूर करने के लिए दिनांक 01.04.2026 की अधिसूचना के माध्यम से एचडीपीई, एलएलडीपीई और पीपीसीपी (एचएसएन 3901 और 3907) पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) को घटाकर शून्य कर दिया गया था।
  • 8 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आदेश के अनुसार, औद्योगिक एलपीजी का आवंटन मार्च 2026 से पहले की थोक गैर-घरेलू एलपीजी खपत के 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • डीपीआईआईटी ने दिनांक 08.04.2026 के पत्र के माध्यम से पेंट उद्योग की कच्चे माल की आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी एमओपीएनजी को दी, जिसके बाद एमओपीएनजी ने आईओसीएल (मथुरा और वडोदरा) को 0.2 टीएमटी/दिन प्रोपलीन के समतुल्य ब्यूटाइल एक्रिलेट की आपूर्ति करने का निर्देश दिया। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुरोध के अनुसार, डीपीआईआईटी ने 13.04.2026 को पॉलीप्रोपलीन कोपोलिमर की आवश्यकता और खरीदारों की जानकारी प्रदान की।

 

  • इसके अलावा, डीपीआईआईटी ने दिनांक 16.04.2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को लिखे पत्र के माध्यम से पेंट उद्योग के लिए पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और पैकेजिंग कच्चे माल की आवश्यकता का उद्योगवार आवंटन प्रदान किया है।
  • घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से, डीसीपीसी द्वारा 10 अप्रैल 2026 को ब्यूटाइल एक्रिलेट पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) में 10 जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए ढील दी गई थी।

 

कागज उद्योग

 

  • महत्वपूर्ण रसायनों की कमी को दूर करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को स्टाइरीन, मेथनॉल और एबीएस पर मूल सीमा शुल्क घटाकर शून्य कर दिया गया, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित हुई।

 

टायर उद्योग

 

  • महत्वपूर्ण रसायनों की कमी को दूर करने के लिए, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन ब्यूटाडीन रबर और टायर निर्माण में कच्चे माल के रूप में उपयोग किए जाने वाले रेजिन जैसे रसायनों और सॉल्वैंट्स पर मूल सीमा शुल्क को घटाकर शून्य कर दिया गया।
  • मार्च 2026 में, टायरों के लिए रोडटेप दर को उसके मूल स्तर (~1.3 प्रतिशत) पर बहाल कर दिया गया, जबकि फरवरी 2026 में इसे 50 प्रतिशत घटाकर ~0.6-0.7 प्रतिशत कर दिया गया था।

 

कांच उद्योग

फर्मेस के निर्बाध संचालन की आवश्यकता को स्‍वीकार करते हुए:

  • 9 मार्च 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पिछले छह महीनों की औसत खपत के 80 प्रतिशत के बराबर पीएनजी के आवंटन की अधिसूचना जारी की गई थी।
  • 8 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आदेश के अनुसार, औद्योगिक एलपीजी का आवंटन मार्च 2026 से पहले की थोक गैर-घरेलू एलपीजी खपत के 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है।

 

चमड़ा और फुटवेयर सेक्‍टर

  • सीमा शुल्क अधिसूचना संख्या 12/2026, जो 01.04.2026 को जारी की गई थी, के माध्यम से ईवीए, पीवीसी, पीयू और एसबीएस जैसे महत्वपूर्ण इनपुट पर मूल सीमा शुल्क में छूट को बढ़ाया गया था।
  • उद्योग जगत के हितधारकों द्वारा उठाए गए पीवीसी पेस्ट रेजिन (39041010 के अंतर्गत आने वाले) की कीमत में वृद्धि और आपूर्ति की कमी के मुद्दों पर ध्‍यान देने के लिए 21.04.2026 को इस मामले को व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) को एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी) में कमी पर विचार करने के लिए भेजा गया है।

 

सिरेमिक सेक्‍टर

 

  • मोरबी में, लगभग 80 प्रतिशत सिरेमिक इकाइयां प्रोपेन/एलपीजी का उपयोग कर रही थीं, जबकि केवल लगभग 20 प्रतिशत इकाइयां गुजरात गैस द्वारा आपूर्ति की जाने वाली पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस का उपयोग कर रही थीं। 09.03.2026 को, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पिछले छह महीनों की औसत खपत के 80 प्रतिशत के बराबर एलपीजी के आवंटन की अधिसूचना जारी की, जिससे मौजूदा गैस उपयोगकर्ताओं (लगभग 20 प्रतिशत इकाइयों) के लिए आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित हुई।
  • गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने उद्योग जगत के हितधारकों से परामर्श करके शेष लगभग 80 प्रतिशत इकाइयों के लिए आपूर्ति व्यवस्था सुगम बनाई, जो पहले पाइपलाइन के माध्यम से गैस का उपयोग नहीं कर रही थीं। गैस की कीमतों में असमानता की समस्या को भी सभी उपयोगकर्ताओं, यानी मौजूदा और नए उपयोगकर्ताओं के लिए कीमतों को तर्कसंगत बनाकर हल किया गया है।

 

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। मंत्रालय के अनुसार:

सार्वजनिक परामर्श एवं नागरिक जागरूकता

  • नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी करने से बचें क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
  • अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
  • एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
  • नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे कि पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे वर्तमान स्थिति में अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करें।

सरकारी तैयारी और आपूर्ति प्रबंधन उपाय

  • मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की शत-प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।
  • वाणिज्यिक एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि सेक्‍टरों को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी कर दी गई है।
  • सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है।
  • राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।

 

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत राज्य सरकारों को आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और विनियमन में प्राथमिक भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो संदेशों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात को दोहराया है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 और 02.04.2026 के पत्रों के माध्यम से पर्याप्त ईंधन उपलब्धता के संबंध में नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जनसंचार की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस संदर्भ में, 02.04.2026 (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में) और 06.04.2026 (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के साथ सूचना एवं प्रसारण एवं उपभोक्ता मामलों के सचिवों की अध्यक्षता में) को बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:
    • प्रतिदिन प्रेस वार्ता जारी करना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
    • सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करना और उनका खंडन करना।
    • जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
    • अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
    • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त एसकेओ के लिए एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना।
    • पीएनजी में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाना और उन्हें बढ़ावा देना।
    • एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देना, विशेष रूप से घरेलू जरूरतों के लिए, और आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण अपनाना।
  • सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
  • कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं/संचालित कर रहे हैं।

प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां

  • एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं। कल देशभर में 3200 से अधिक छापे मारे गए, जिनमें लगभग 285 सिलेंडर जब्त किए गए।
  • पीएसयू ओएमसी ने औचक निरीक्षणों को मजबूत और जारी रखा है और 290 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है। कल तक 68 एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया गया है।

 

एलपीजी आपूर्ति

घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:

  • व्‍याप्‍त भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
  • घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
  • एलपीजी वितरकों में आपूर्ति में कमी होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
  • कल उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 98 प्रतिशत हो गई है।
  • हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित वितरण में लगभग 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। डीएसी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है।
  • 21.04.2026 को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

 

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आवंटन उपाय:

  • कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन शामिल है।
  • भारत सरकार ने दिनांक 06.04.2026 के पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दिनांक 21.03.2026 के पत्र में उल्लिखित 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई औसत दैनिक आपूर्ति (सिलेंडरों की संख्या) के आधार पर दोगुना किया जा रहा है। ये 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं और वे इन्हें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से केवल अपने राज्य के प्रवासी श्रमिकों को ही आपूर्ति कर सकती हैं।
  • 3 अप्रैल 2026 से, पीएसयू ओएमसी ने 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए 7800 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 1,17,000 से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं। कल, 350 से अधिक शिविरों के माध्यम से 8112 पांच किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • हाल ही में, आईओसीएल द्वारा 21 अप्रैल 2026 को तुरबे (नवी मुंबई) में आयोजित 5 किलोग्राम एफटीएल जागरूकता शिविरों में से एक में अच्छी प्रतिक्रिया देखी गई और उस दिन लगभग 410 - 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • 21.04.2026 को लगभग 80,000 – पांच किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
  • 23 मार्च 2026 से अब तक 20.08 लाख से अधिक पांच किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
  • आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए राज्य अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है।
  • अप्रैल-26 के महीने के दौरान (21.04.26 तक), कुल 1,31,879 मीट्रिक टन (19 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडरों के 69.4 लाख से अधिक के बराबर) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है।
  • 21.04.2026 को 8199 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी (4.3 लाख - 19 किलोग्राम सिलेंडरों से अधिक के बराबर) बेची गई।

प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी विस्तार पहल

  • डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • उर्वरक संयंत्रों को आवंटित कुल गैस की मात्रा को बढ़ाकर उनकी छह महीने की औसत खपत के लगभग 95 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
  • इसके अतिरिक्त, सीजीडी नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति सहित अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक सेक्‍टरों को गैस की आपूर्ति में 80 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
  • सीजीडी संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी सरकारी क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें, ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता से संबंधित चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन राशि की पेशकश कर रही हैं।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है।
  • भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता कर सकें।
  • 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीएनजी के विस्तार सुधारों से संबंधित अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त हो रहा है।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिनांक 24.03.26 के पत्र के माध्यम से सीजीडी अवसंरचना से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संसाधित करने के लिए 3 महीने की विशेष अवधि के लिए 'कम समयसीमा के साथ सीजीडी अवसंरचना के लिए त्वरित अनुमोदन ढांचा' अपनाया है।
  • भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026 को अधिसूचित किया है। यह आदेश देश भर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार करने के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है, अनुमोदन और भूमि उपलब्धता में होने वाली देरी को दूर करता है, और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस अवसंरचना के तीव्र विकास को सक्षम बनाता है। इससे प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विकास में तेजी आने, अंतिम-मील कनेक्टिविटी में सुधार होने और स्वच्छ ईंधन की ओर संक्रमण को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • पीएनजीआरबी ने सीजीडी संस्थाओं को डी-पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीएनजी के विस्तार में गति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पीएनजी ड्राइव 2.0 को 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है।
  • स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार ने राज्य वाणिज्यिक गैस (सीबीजी) नीति का एक मॉडल मसौदा तैयार किया है। इस मॉडल नीति का उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना स्वयं का निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख इकोसिस्‍टम बनाने में सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक, लचीला मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करना है। जो राज्य इसे अपनाएंगे, उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिनांक 07.04.2026 के आदेश के माध्यम से सीपीसीबी को सीजीडी नेटवर्क/बुनियादी ढांचे की स्थापना या संचालन के लिए सहमति प्रदान करने हेतु एसपीसीबी/पीसीसी को 15 दिनों के भीतर आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।
  • मार्च 2026 से अब तक लगभग 5.10 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है और अतिरिक्त 2.56 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 7.66 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग 5.77 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।
  • 21.04.2026 तक, 40,600 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

 

कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन

  • सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।
  • घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
  • घरेलू बाजार के लिए पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है। इसके फलस्वरूप, भारत सरकार ने दिनांक 01.04.2026 के आदेश द्वारा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित तेल रिफाइनरी कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।
  • औषधि विभाग, रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग (डीसीपीसी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर, फार्मा और रसायन क्षेत्र की कंपनियों के लिए एलपीजी पूल से प्रतिदिन 1000 मीट्रिक टन की आपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
  • 9 अप्रैल 2026 से, मुंबई, कोच्चि और मथुरा की रिफाइनरियों द्वारा रासायनिक और फार्मा उद्योग को 5600 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपलीन बेची जा चुकी है।

 

खुदरा ईंधन उपलब्धता और मूल्य निर्धारण उपाय

  • देश भर में खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
  • मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है; हालांकि, उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
  • भारत सरकार ने 11.04.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 55.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
  • पेट्रोल और डीजल के नियमित खुदरा मूल्य अपरिवर्तित हैं और पीएसयू ओएमसी कंपनियों के खुदरा दुकानों पर कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय

  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
  • 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कोई आवश्यकता नहीं बताई है।

समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी संचालन

पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा फारस की खाड़ी में वर्तमान समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि:

  • आरोप लगाया गया है कि सनमार हेराल्ड नामक जहाज के कप्तान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के अधिकार के बदले में आईआरजीसी नौसेना का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को अमेरिकी डॉलर में भुगतान किया और बाद में साइबर अपराध का शिकार हो गए। मंत्रालय ने जहाज के मालिक से बात की है और पुष्टि की है कि ऐसा कोई भुगतान नहीं किया गया था और न ही ऐसी कोई घटना घटी थी। इसलिए, इस संबंध में प्रसारित हो रही खबरें झूठी हैं और वास्तविकता को नहीं दर्शाती हैं।
  • पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय करना जारी रखता है।
  • इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
  • पोत संबंधी अपडेट: भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर देश गरिमा 18 अप्रैल 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर गया। 31 भारतीय नाविकों को ले जा रहे इस पोत के 22 अप्रैल 2026 लगभग 1800 बजे मुंबई पहुंचने की उम्मीद है
  • डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम अपडेट: सक्रिय होने के बाद से कंट्रोल रूम ने 7,242 कॉल और 15,319 से अधिक ईमेल हैंडल हैं। पिछले 24 घंटों में 156 कॉल और 344 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
  • स्वदेश वापसी संबंधी अपडेट: मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) के माध्यम से अब तक 2,615 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं।
  • बंदरगाह संचालन: भारत भर में बंदरगाह संचालन सामान्य बना हुआ है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। सूचित किया गया कि:

  • विदेश मंत्रालय में समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष कार्यरत हैं और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।
  • विदेश मंत्रालय सूचनाओं के आदान-प्रदान और प्रयासों के बेहतर समन्वय के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क में है।
  • भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवा प्रदान कर रहे हैं और भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।
  • स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा की स्थितियों, कांसुलर सेवाओं और हमारे समुदाय को सहयोग देने के लिए किए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी उपायों की जानकारी सहित अद्यतन सलाह नियमित रूप से जारी की जा रही है।
  • भारतीय दूतावास स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। राजदूत नियमित रूप से भारतीय समुदाय के संगठनों, संस्थाओं, पेशेवर समूहों और भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत करते हैं ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके।
  • सरकार इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दे रही है। भारतीय दूतावास उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय, कांसुलर सहायता और भारत लौटने के अनुरोधों में सहायता शामिल है।
  • जिन देशों का हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से इस क्षेत्र के लिए भारत हेतु उड़ानें जारी हैं। 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 11,91,000 यात्री भारत की यात्रा कर चुके हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरात में, परिचालन और सुरक्षा संबंधी विचारों के आधार पर एयरलाइंस संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच सीमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं और आज संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच लगभग 110 उड़ानें होने की उम्मीद है।
  • सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं।
  • कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण, कतर एयरवेज भारत में विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है।
  • कुवैत का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है। सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के लिए जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज की गैर-अनुसूचित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं।
  • बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। गल्फ एयर बहरीन से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है।
  • इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ान संचालन के साथ क्षेत्र के गंतव्यों के लिए खुला है, जिसका उपयोग भारत की आगे की यात्रा के लिए किया जा सकता है।
  • मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते भारत जाने वाले भारतीय नागरिकों की आवाजाही में सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है।
  • इजराइल: इजराइल का हवाई क्षेत्र खुला है और क्षेत्र में स्थित गंतव्यों के लिए सीमित उड़ान संचालन फिर से शुरू हो गया है, जिसका उपयोग भारत की आगे की यात्रा के लिए किया जा सकता है।

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पीके/केसी/एसकेजे/एसएस


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