वित्‍त मंत्रालय

वित्त वर्ष 2021-22 में प्रत्यक्ष करों के शुद्ध संग्रह में 100% से भी अधिक का इजाफा हुआ है


वित्त वर्ष 2021-22 में अग्रिम कर संग्रह 28,780 करोड़ रुपये का हुआ है जो लगभग 146% की उल्‍लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है                                                    
कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में आए व्यवधान के बावजूद वित्त वर्ष 2021-22 में प्रत्यक्ष करों का शुद्ध संग्रह काफी तेज गति से बढ़ा है

वित्त वर्ष 2021-22 में 30,731 करोड़ रुपये की राशि के रिफंड जारी किए गए हैं

Posted On: 16 JUN 2021 4:44PM by PIB Delhi

वित्त वर्ष 2021-22 में 15.06.2021 तक प्रत्यक्ष करों के संग्रह के आंकड़ों से यह पता चलता है कि शुद्ध संग्रह 1,85,871 करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 92,762 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह की तुलना में 100.4% की उल्‍लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। प्रत्यक्ष करों के शुद्ध संग्रह में 74,356 करोड़ रुपये (रिफंड के बाद) का कॉरपोरेशन टैक्‍स (सीआईटी) और 1,11,043 करोड़ रुपये (रिफंड के बाद) का प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) सहित व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) शामिल हैं।  

 

वित्त वर्ष 2021-22 में प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (रिफंड के लिए समायोजन से पहले) 2,16,602 करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,37,825 करोड़ रुपये था। इसमें 96,923 करोड़ रुपये का कॉरपोरेशन टैक्‍स (सीआईटी) और 1,19,197 करोड़ रुपये का प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) सहित व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) शामिल हैं। लघु मद-वार कर संग्रह में 28,780 करोड़ रुपये का अग्रिम कर; 1,56,824 करोड़ रुपये का टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती); 15,343 करोड़ रुपये का स्व-आकलन कर; 14,079 करोड़ रुपये का नियमित आकलन कर; 1086 करोड़ रुपये का लाभांश वितरण कर; और 491 करोड़ रुपये का ‘अन्य लघु मदों के अंतर्गत कर’ शामिल हैं।

 

नए वित्त वर्ष के बेहद चुनौतीपूर्ण शुरुआती महीनों के बावजूद वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में अग्रिम कर संग्रह 28,780 करोड़ रुपये का हुआ है, जो इससे ठीक पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में हुए 11,714 करोड़ रुपये के अग्रिम कर संग्रह की तुलना में लगभग 146% की वृद्धि को दर्शाता है। इसमें 18,358 करोड़ रुपये का कॉरपोरेशन टैक्‍स (सीआईटी) और 10,422 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) शामिल हैं। बैंकों से अभी और जानकारियां मिलने के बाद यह राशि बढ़ जाने की उम्मीद है।

 

वित्त वर्ष 2021-22 में 30,731 करोड़ रुपये की राशि के रिफंड भी जारी किए गए हैं।

  

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