वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन और चौथे भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए सिंगापुर रवाना

लगभग 70 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर में बी2बी, जी2बी और संस्थागत स्तर पर वार्तालाप करेगा

श्री गोयल उच्च स्तरीय सरकारी-व्यापारिक बैठकों में भाग लेंगे और भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीईडीए-फेयरप्राइस की पहल का दौरा करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 19 AUG 2026 10:18AM by PIB Delhi


केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) प्रारूप के अंतर्गत उच्च स्तरीय सहयोग की निरंतरता के एक अंग के रूप में 19-21 अगस्त, 2026 तक सिंगापुर की यात्रा पर हैं।

भारत-सिंगापुर के आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 70 वरिष्ठ व्यापारिक प्रमुखों का एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी श्री पीयूष गोयल के साथ सिंगापुर का दौरा कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल में प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर और एआई, विनिर्माण और अभियांत्रिकी, अवसंरचना और स्थिरता, वित्तीय सेवाएं और फिनटेक, स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान, खाद्य और कृषि, रसद, समुद्री और व्यापार तथा पेशेवर सेवाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल बी2बी, जी2बी और संस्थागत स्तर पर कई गतिविधियों में भाग लेगा, जिनमें प्रमुख उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) के साथ वार्तालाप और सिंगापुर के कौशल विकास संस्थानों का दौरा शामिल है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य साझेदारी, निवेश, बाजार पहुंच, प्रौद्योगिकी सहयोग और प्रतिभा विकास है। यह दौरा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन और भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन की बैठकों के समानांतर आयोजित किया जा रहा है।

इस यात्रा के दौरान, श्री पीयूष गोयल 20 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाली चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) में भाग लेंगे। आईएसएमआर भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) को आगे बढ़ाने के लिए सर्वोच्च मंत्रिस्तरीय तंत्र के रूप में कार्य करता है। यह गोलमेज सम्मेलन चौथी भारत-सिंगापुर व्यापार गोलमेज सम्मेलन (आईएसबीआर) के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह और सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री द्वारा आईएसएमआर और आईएसबीआर के सभी प्रतिनिधियों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया जाएगा।

श्री पीयूष गोयल, केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर और केन्‍द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के साथ गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे। इस यात्रा के दौरान मंत्रीगण अपने सिंगापुर के समकक्षों और सिंगापुर के अन्य वरिष्ठ नेतृत्व से वार्तालाप करेंगे।

श्री पीयूष गोयल इस्ताना में सिंगापुर के प्रधानमंत्री श्री लॉरेंस वोंग से भी भेंट करेंगे।

इसके साथ ही, श्री गोयल ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, वाईपीओ ग्लोबल, मिल्केन इंस्टीट्यूट, केप्पल इंफ्रास्ट्रक्चर, टेमासेक होल्डिंग्स और आईएचएच हेल्थकेयर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (एसबीएफ) के अध्यक्ष के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल, टर्नर एंड टाउनसेंड और एसटीटी जीडीसी के साथ सरकार-से-व्यापार (जी2बी) बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित करेंगे। इन बैठकों के बाद एक फैमिली ऑफिस राउंडटेबल का आयोजन होगा।

श्री पीयूष गोयल सिंगापुर की विदेश मामलों और व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री सुश्री गान सिओ हुआंग के साथ सिटी स्क्वॉयर मॉल में एपीईडीए-फेयरप्राइस की एक पहल का संयुक्त दौरा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देना और सिंगापुर के खुदरा बाजार में उनकी उपस्थिति को मजबूत करना है, जो दोनों देशों के बीच कृषि-व्यापार संबंधों को मजबूत बनाने का प्रतीक है।

श्री पीयूष गोयल एफआईसीसी द्वारा आईएनएसईएडी एशिया कैंपस में आयोजित भारत-सिंगापुर व्यापार मंच में भी भाग लेंगे, जहां वे "नए वैश्विक विकास समीकरण में भारत: एशिया और विश्व में व्यवसायों के लिए विकास और अवसर" विषय पर एक अनौपचारिक चर्चा में भाग लेंगे, जिसके बाद भारत और सिंगापुर के व्यापारिक समुदाय के साथ नेटवर्किंग रात्रिभोज होगा।

उनकी इस यात्रा का समापन मरीना बे सैंड्स एक्सपो और कन्वेंशन सेंटर में आयोजित आईसीएआई आसियान सम्मेलन 2026 में मुख्य संबोधन के साथ होगा।

सिंगापुर भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार और निवेश का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में, सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत था, जिसमें 19.8 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई प्रवाह हुआ। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के दौरान सिंगापुर से संचयी एफडीआई प्रवाह 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो भारत के कुल एफडीआई प्रवाह का 24.72 प्रतिशत था।

सिंगापुर, आसियान के भीतर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और बाह्य वाणिज्यिक उधार तथा विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। भारत-सिंगापुर व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) के संपन्न होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2004-05 में 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 36.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।

यह दौरा सिंगापुर के साथ व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। सिंगापुर भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है और उन्नत विनिर्माण, डिजिटलीकरण, कौशल विकास और हरित अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख भागीदार है।

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पीके/केसी/एसएस/एमपी


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