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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ के प्रोत्साहन राशि का वितरण किया


प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को सशक्त बनाना तथा युवाओं और उद्योग जगत के बीच एक सेतु बनाना है: प्रधानमंत्री

हमारे युवाओं की आकांक्षा, कौशल और क्षमता ही विकसित भारत की दिशा तय करती हैं: पीएम 

आने वाले वर्षों में भारत के युवा वैश्विक विकास, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहेंगे: पीएम

भारत अग्रिम पंक्ति में नेतृत्व करने के लिए तैयार है: पीएम

21वीं सदी में अवसर उन देशों को मिलेंगे, जो कुशल प्रतिभा को बढ़ावा देंगे, नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे: पीएम

वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए हमें गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को पूरा करना होगा: पीएम

प्रविष्टि तिथि: 19 JUN 2026 7:49PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से जुड़े लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और हितधारकों को संबोधित किया और भारत के युवाओं को सशक्त बनाने तथा पूरे देश में रोजगार सृजन को तेज करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया, जो पीएम-वीबीआरवाई के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पीएम-वीबीआरवाई भारत सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रमुख प्रोत्साहन योजना है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार कर रही है। इस प्रोत्साहन से पूरे देश में रोजगार के 15 लाख अवसरो के सृजन में मदद मिली है।

फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी यात्रा से लौटने के तुरंत बाद सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं को उनकी प्रतिभा, कौशल और क्षमता के लिए वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व पहचान मिल रही है। प्रधानमंत्री जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने और विश्व के राजनेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर थे। उन्होंने कहा कि दुनिया युवा भारतीयों की क्षमताओं को पहचान रही है और इस बात पर जोर दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर युवा को अपनी क्षमता को सफलता में बदलने का अवसर मिले।

श्री मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक रोजगार योजना से कहीं अधिक है। यह पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं की आकांक्षाओं को मजबूत करने और उद्योग तथा कार्यबल के बीच एक मजबूत सेतु बनाने के लिए तैयार की गई एक पहल है।" उन्होंने कहा कि जहाँ कई योजनाएँ आमतौर पर कर्मचारियों या नियोक्ताओं पर केंद्रित होती हैं, वहीं यह कार्यक्रम एक साथ दोनों का समर्थन करता है। सरकार उन युवाओं के साथ खड़ी है, जो अपने पेशेवर सफर की शुरुआत कर रहे हैं और उन संस्थाओं को प्रोत्साहित करती है, जो नए रोजगार के अवसर पैदा करती हैं।

योजना की उपलब्धियों को साझा करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि अब तक लगभग 70 लाख नई नौकरियां सृजित की गई हैं और इतनी ही संख्या में पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि लगभग 20 लाख युवा पहली नौकरी में छह महीने पूरे कर चुके हैं, जबकि इस उपलब्धि को पूरा करने पर लगभग 10 लाख लाभार्थियों को योजना के तहत पहले ही प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की गयी है। इस सहायता को वित्तीय मदद से अधिक बताते हुए, श्री मोदी ने कहा कि यह देश के युवाओं की मेहनत को मान्यता देने और देश का उनके भविष्य में विश्वास का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने योजना के तहत रोजगार के अवसर पैदा करने वाले संस्थानों और उद्यमों की भागीदारी पर भी संतोष व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, जब सरकार, उद्योग और युवा मिलकर काम करते हैं, तो रोजगार सृजन में तेजी आती है। यह पहल एक नए भारत की झलक है जहां युवाओं को अवसर मिलते हैं, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है और रोजगार सृजन एक राष्ट्रीय मिशन बन जाता है।”       

भारत की जनसांख्यिकीय ताकत को रेखांकित करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा स्वाभाविक रूप से देश की युवा शक्ति की आकांक्षाओं, कौशल और क्षमताओं से जुड़ी होती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर युवा भारतीय अपनी प्रतिभा और महत्वाकांक्षा के अनुसार आगे बढ़ सके। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि पिछले बारह वर्षों में सरकार ने रोजगार के हर रास्ते को मजबूत करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा, "अवसंरचना और नवाचार से लेकर निर्माण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप्स तक, सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने के प्रयास और मिशन निर्माण जैसी पहलों ने रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए अवसरों का विस्तार किया है।"

श्री मोदी ने बताया कि सरकार का अवसंरचना में 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मदद ने लाखों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में सक्षम बनाया है। महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा जैसी पहलों  ने छोटे उद्यमियों, रेहड़ी विक्रेताओं और पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री ने तेजी से बढ़ते ड्रोन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नई तकनीकें रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। दवाइयों की डिलीवरी और कृषि कार्यों से लेकर स्वामित्व योजना के तहत भूमि मानचित्रण और रक्षा अभियानों तक, ड्रोन तकनीक को अपनाने से युवा भारतीयों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में श्री मोदी ने गिग अर्थव्यवस्था, प्लेटफॉर्म-आधारित सेवा, कंटेंट निर्माण और तकनीक-आधारित उद्यमों के उदय को रोजगार और आय के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में रेखांकित किया। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "जो अवसर पहले असंभव लगते थे, वे अब लाखों युवा भारतीयों के लिए जीविकोपार्जन का जरिया बन गए हैं। यही बदलाव भारत के जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी दिखाई दे रहा है, जो लगातार नवाचार को बढ़ावा दे रहा है, रोजगार पैदा कर रहा है और देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की असाधारण वृद्धि को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पहले देश में केवल लगभग 500 स्टार्टअप थे, जबकि आज 2,00,000 से अधिक पंजीकृतस्टार्टअप कार्यरत हैं, जो देश के लगभग हर जिले में मौजूद हैं। श्री मोदी ने कहा, वैश्विक समुदाय भारत के भविष्य के प्रति उत्साहित है और उसे इसके युवाओं की क्षमताओं में अत्यधिक विश्वास है।अपनी हाल की फ्रांस यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने इंडिया इनोवेट्सकार्यक्रम के सफल आयोजन को याद किया, जिसने भारतीय स्टार्टअप और वैश्विक निवेशकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक, हरित ऊर्जा और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए एक साझा मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत के नवाचार इकोसिस्टम में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि और भविष्य की तकनीकों को आकार देने में इसके बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।

श्री मोदी ने आगे कहा कि भारत सक्रिय रूप से दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ नए व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने बताया कि ये समझौते भारतीय उद्योगों के लिए नए बाजार खोल रहे हैं और भारतीय पेशेवरों के लिए नये अवसर बना रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, जब पूरी दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी कर रही है, भारत इसका नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है। जैसे-जैसे देश भविष्य की तकनीकों की ओर बढ़ रहे हैं, भारत अपने युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल और क्षमताओं से लैस करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने पिछले बारह वर्षों में भारत के रोजगार इकोसिस्टम में हुए महत्वपूर्ण बदलाव की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसे अक्सर कम महत्व दिया जाता है, लेकिन यह विकसित भारत की यात्रा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। श्री मोदी ने उल्लेख किया, सरकार का ध्यान हमेशा रोजगार को सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक संरक्षण से जोड़ने पर रहा है। कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को आधुनिक बनाने, पेंशन प्रणाली को सरल बनाने और लाखों श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार द्वारा किये गये श्रम सुधारों के पीछे भी यही सोच है।"

प्रधानमंत्री ने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में महिलाओं के बढ़ते योगदान पर भी ज़ोर दिया। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, रात्रि-पाली रोजगार से जुड़े सुधार, घर-से-काम (वर्क-फ्रॉम-होम) के अवसर बढ़ानाऔर कार्यस्थल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, इन सबका उद्देश्य महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को और बढ़ाना है।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने 21वीं सदी में आर्थिक सफलता तय करने में कुशल प्रतिभा, नवाचार और गुणवत्ता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन देशों के पास ये खूबियां होंगी, उन्हें सबसे ज़्यादा मौके मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत के पास इन तीनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व क्षमता है। श्री मोदी ने कहा, दुनिया तेजी से भारत के लिए दरवाजे खोल रही है और लगभग चालीस देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए जा चुके हैं। ये समझौते नए बाजार बना रहे हैं, वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ा रहे हैं, और मेक इन इंडिया पहल के तहत बने ब्रांड्स के लिए नई संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं।

श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि जब कोई देश वैश्विक दृष्टिकोण अपनाता है, तो सफलता की सीमाएँ स्वाभाविक रूप से विस्तृत हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि इक्कीसवीं सदी में प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और इंटर्नशिप अब विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य के कार्यबल के लिए अनिवार्य घटक हैं। श्री मोदी ने रेखांकित किया, विकसित भारत की ओर यात्रा केवल निवेश से आगे नहीं बढ़ेगी। बल्कि यह प्रतिभा, कौशल और नवाचार की ताकत से संचालित होगी। राष्ट्रीय विकास के हर क्षेत्र में गुणवत्ता ही मुख्य पैमाना होना चाहिए। वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने और सफल होने के लिए, भारत को लगातार सबसे ऊँचे अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना होगा और उनसे भी आगे निकलना होगा।

श्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया भारत से बड़ी उम्मीदें रखती है। देश के युवाओं में विश्वास व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा कि युवा भारतीय न केवल इन उम्मीदों को पूरा करेंगे बल्कि अपनी लगन, रचनात्मकता और क्षमताओं के माध्यम से उन्हें पार भी कर जाएंगे। उन्होंने इस विश्वास को 'विकसित भारत' की असली ताकत और भारत के युवा शक्ति की विशाल क्षमता का प्रतिबिंब बताया। प्रधानमंत्री ने युवाओं को यह कहकर प्रोत्साहित किया कि वे असफलताओं या बाधाओं से निराश न हों। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, हर असफलता में एक कीमती सबक होता है और यह व्यक्तिगत विकास और भविष्य की सफलता में योगदान देता है। एक युवा मन की सच्ची पहचान इसके चुनौतियों से निरंतर सीखने, सपनों को उपलब्धियों में बदलने, और हर उपलब्धि के बाद नए लक्ष्य बनाने की क्षमता में होती है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं और उनमें मौजूद उद्यमिता की ऊर्जा में अटूट विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया और दोहराया कि भारत विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा सरकार देश के युवा नागरिकों की आकांक्षाओं, नवाचार और महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

 

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पीके/केसी/जेके/डीके


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