कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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'ऑयलसीड्स किसान मित्र' - तिलहन किसानों के लिए भारत की पहली देशव्यापी वट्सऐप आधारित एआई परामर्श सेवा


बहुभाषी चैटबॉट सभी भारतीय भाषाओं में मुफ़्त और अनुसंधान आधारित सलाह देता है

'ऑयलसीड्स किसान मित्र'– आईसीएआर-आईआईओआर और सहयोगी संस्थानों की ओर से बहुभाषी, अनुसंधान आधारित सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध होने वाली सेवा

प्रविष्टि तिथि: 11 JUN 2026 5:56PM by PIB Delhi

जिस तरह भारत खरीफ़ की बुवाई के मौसम में घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता कम करने पर नए सिरे से ध्यान दे रहा है, आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ऑयलसीड्स रिसर्च (आईसीएआर-आईआईओआर), हैदराबाद द्वारा विकसित वट्सऐप-आधारित एआई परामर्श सेवा 'ऑयलसीड्स किसान मित्र' एक शक्तिशाली टूल के रूप में उभर रही है। यह सेवा तिलहन की खेती के बारे में भरोसेमंद और अनुसंधान आधारित जानकारी सीधे किसानों के मोबाइल फ़ोन पर, कभी भी और उनकी अपनी भाषा में उपलब्ध कराती है।

इस सेवा को 6 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन के दौरान डीएआरई सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक ने शुरू किया था। यह आईसीएआर की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत वह खेती करने वाले समुदाय के सीधे फ़ायदे के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। यह पहल भारत के किसी भी तिलहन किसान को बिना कोई अतिरिक्त ऐप डाउनलोड किए, सीधे वट्सऐप के ज़रिए मुफ़्त, भरोसेमंद और तुरंत फ़सल संबंधी सलाह पाने में मदद करती है; वट्सऐप एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जिससे लाखों किसान पहले से ही परिचित हैं।

किसान वट्सऐप पर +91 4024598180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ के तौर पर सेव कर सकते हैं और मूंगफली, सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन, नाइजर और अन्य तिलहन फ़सलों के बारे में किसी भी भारतीय भाषा में सवाल पूछ सकते हैं। एआई-पावर्ड चैटबॉट किस्म के चयन, फ़सल प्रबंधन, कीट और रोग नियंत्रण, सिंचाई और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं पर अनुसंधान-आधारित सलाह के साथ तुरंत जवाब देता है। यह सर्विस हफ़्ते के सातों दिन, 24 घंटे मुफ़्त उपलब्ध है।

आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ऑयलसीड्स रिसर्च, हैदराबाद के निदेशक डॉ. आर.के. माथुर ने कहा कि ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ आईसीएआर के तिलहन से जुड़े अनुसंधान का ऐसा पहला प्रयास है, जो देश के हर किसान तक उनकी अपनी भाषा में और ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचाया गया है जिसका वे पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें आईसीएआर-आईआईओआर, एनएसआरआई, आईआईजीआर, आईआईआरएमआर और पीसी-यूनिट (तिल और नाइजर) की वैज्ञानिक जानकारी को वट्सऐप पर एक बहुभाषी एआई एजेंट के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि हमने लैब और किसान के खेत के बीच दूरी, भाषा और लागत की पुरानी रुकावटों को दूर कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि खरीफ़ की बुवाई शुरू होने के साथ ही, हम सभी तिलहन किसानों और दूसरे साझेदारों से अपील करते हैं कि वे ‘किसान मित्र’ को सेव करें और सातों दिन 24 घंटे अपने सवाल पूछें।

ऑयलसीड्स किसान मित्र तक कैसे पहुँचें

स्टेप 1: अपने फ़ोन में +91 40245 98180 को ‘आयलसीड किसान मित्रके तौर पर सेव करें।

स्टेप 2: वट्सऐप खोलें और अपनी पसंदीदा भारतीय भाषा में मैसेज भेजें।

स्टेप 3: अपनी तिलहन फ़सल के लिए अनुसंधान पर आधारित सलाह तुरंत और मुफ़्त में पाएँ, जो सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध है।

यह कैसे काम करता है

एडवांस्ड एआई और कई आईसीएआर संस्थानों की मिली-जुली वैज्ञानिक जानकारी से बने मज़बूत नॉलेज बेस का इस्तेमाल करके, ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ क्षेत्रीय भाषाओं में टाइप किए गए या भेजे गए सवालों को समझता है और फसल के हिसाब से सटीक जवाब देता है। किसानों को किसी खास ऐप या इंटरनेट ब्राउज़र की ज़रूरत नहीं है; बस जाने-पहचाने वट्सऐप इंटरफ़ेस की ज़रूरत है। यह चैटबॉट फसल के पूरे चक्र को कवर करता है, जिसमें किस्म का चुनाव, खेती के तरीके, कीट और बीमारी से बचाव, सिंचाई का समय तय करना, और फसल कटाई के बाद की सलाह और बीज की उपलब्धता शामिल है।

यह नॉलेज बेस आईसीएआर-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंदौर (आईसीएआर-एनएसआरआई), आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ग्राउंडनट रिसर्च, जूनागढ़ (आईसीएआर-आईआईजीआर), आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ रेपसीड एंड मस्टर्ड रिसर्च, भरतपुर (आईसीएआर-आईआईआरएमआर) और पीसी-यूनिट (तिल और नाइजर) के साथ मिलकर बनाया गया है, ताकि भारत के अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में सभी मुख्य तिलहन फसलों की पूरी जानकारी मिल सके।

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पीके/केसी/केपी/डीए


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