सूचना और प्रसारण मंत्रालय
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लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल की चौथी बैठक में भारत को लाइव इवेंट्स के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में रोडमैप की समीक्षा की गई


लाइव इवेंट्स सेक्टर रोजगार, पर्यटन और संबद्ध क्षेत्रों में आर्थिक विकास का प्रमुख चालक बनने को तैयार है

इंडिया सिने हब पोर्टल पर लाइव इवेंट्स के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस से त्वरित और पारदर्शी अनुमोदन सुनिश्चित होंगे

लाइव इवेंट्स के लिए लाइसेंसिंग और अनुमतियों को सुव्यवस्थित करने हेतु राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 31 मई 2026 तक मॉडल कार्यकारी आदेश अपनाने का आग्रह किया गया है

सरकार ने व्यापार करने में सुगमता, अवसंरचना और कौशल विकास पहलों के माध्यम से लाइव इवेंट्स सेक्टर को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है

प्रविष्टि तिथि: 01 MAY 2026 2:34PM by PIB Delhi

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के सचिव श्री चंचल कुमार की अध्यक्षता में लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (एलईडीसी) की चौथी बैठक 30 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक में 9 केंद्रीय मंत्रालयों, 6 राज्यों और 12 उद्योग सदस्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार, 2025 में 145 अरब रुपयों के साथ भारत का संगठित लाइव इवेंट्स क्षेत्र मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जुलाई 2025 में सूचना एवं प्रसारण सचिव की अध्यक्षता में एक लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (एलईडीसी) की स्थापना की है। इसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, उद्योग निकायों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

एलईडीसी का लक्ष्य संगीत समारोह अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय विकास के प्रमुख चालकों में से एक के रूप में स्थापित करना और वर्ष 2030 तक भारत को लाइव इवेंट्स का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में 15-20 मिलियन अतिरिक्त रोजगार सृजित करना है। अनुमान है कि यह क्षेत्र वर्ष 2028 तक 10 प्रतिशत की दर से बढ़कर 196 अरब रुपये तक पहुंच जाएगा

बैठक के दौरान, सचिव (एमआईबी) ने भारत के लाइव इवेंट उद्योग के विकास के लिए एक समन्वित रोडमैप तैयार करने में एलईडीसी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लाइव इवेंट क्षेत्र मीडिया और मनोरंजन उद्योग के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है, जो रोजगार सृजन, पर्यटन संवर्धन और संबद्ध क्षेत्रों में आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

एलईडीसी की शुरू की गई विभिन्न पहलों की प्रगति को एमआईबी के संयुक्त सचिव (प्रसारण) श्री पृथुल कुमार ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि लाइव इवेंट की अनुमति के लिए इंडिया सिने हब (आईसीएच) पोर्टल पर एक सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम विकसित किया गया है। राज्यों द्वारा आईसीएच पोर्टल को अपनाने से लाइव इवेंट की अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी और समय पर, पारदर्शी और कुशल अनुमोदन सुनिश्चित होंगे।

इसके अतिरिक्त, भारत में लाइव इवेंट्स के लिए लाइसेंसिंग और परमिशन को सुव्यवस्थित करने हेतु "मॉडल एग्जीक्यूटिव ऑर्डर, 2026" को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जिसकी लक्ष्य समयसीमा 31 मई, 2026 निर्धारित की गई थी और जिसे 13 मार्च, 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया था। इस ढांचे का उद्देश्य भारत में लाइव इवेंट्स उद्योग के लिए एक सरलीकृत और मानकीकृत नियामक प्रणाली स्थापित करना है।

एलईडीसी ने "ग्रीनफील्ड वेन्यू डेवलपमेंट" और लाइव इवेंट्स सेगमेंट के लिए कौशल विकास पहलों पर मसौदा अवधारणा नोट पर भी चर्चा की। यह जानकारी दी गई कि भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), एमईएससी और ईईएमए के सहयोग से जल्द ही लाइव इवेंट्स में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा।

इस कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री चंचल कुमार ने कहा, “केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की ओर से मैं आश्वस्त करता हूं कि लाइव कार्यक्रमों के आयोजन की प्रक्रियाओं को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा, “एलईडीसी के सभी सदस्यों का उद्देश्य एक ही है, अब ध्यान प्रभावी कार्यान्वयन पर केंद्रित होना चाहिए।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय देश में लाइव इवेंट्स सेक्टर के लिए एक सहायक और विकासोन्मुखी परितंत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

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पीके/केसी/एके/एमयू


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