पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को देखते हुए प्रमुख क्षेत्रों के संबंध में अद्यतन जानकारी
23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलोग्राम के 14.3 लाख से अधिक एफटीएल सिलेंडर की बिक्री
मार्च 2026 से अब तक लगभग 4.40 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति की गई, 4.88 लाख अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण करा
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी में प्राथमिक भूमिका होगी
भारत भर में बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है
विदेश मंत्री ने कुवैत, इज़राइल, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की
भारतीय मिशन और दूतावासों की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन और सक्रिय सहायता प्रदान करना जारी
प्रविष्टि तिथि:
14 APR 2026 4:14PM by PIB Delhi
भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच प्रमुख क्षेत्रों में गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। निम्नलिखित अद्यतन जानकारियों में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए उठाए जा रहे उपायों का विवरण दिया गया है।
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थति को प्रभावित कर रहे घटनाक्रमों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर अद्यतन जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि:
लोक परामर्श एवं नागरिक जागरूकता
- नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराहट और जल्दबाजी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी करने से बचें क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
- अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
- एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
- नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे, पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- वर्तमान स्थिति में सभी नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे अपने दैनिक उपयोग के दौरान ऊर्जा की बचत करें।
सरकार की तैयारी और आपूर्ति के प्रबंधन के उपाय
- वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एलपीजी, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जाय।
- अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को वाणिज्यिक एलपीजी के लिए प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि उद्योगों को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी कर दी गई है ।
- सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों को युक्तिसंगत बनाने के लिए कई उपाय पहले ही लागू कर दिए गए हैं जिनमें तेलशोधक कारखानों में उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
- एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
- कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेणी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है।
- राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संस्थागत तंत्रों के साथ समन्वित प्रयास
- राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के अंतर्गत आपूर्ति की निगरानी करने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति की निगरानी और विनियमन में प्राथमिक भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो संदेशों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के समक्ष इस बात की पुष्टि की है।
- भारत सरकार ने दिनांक 27.03.2026 और 02.04.2026 के पत्रों के माध्यम से पर्याप्त ईंधन उपलब्धता के संबंध में नागरिकों को आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जनसंचार व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इस संदर्भ में 02.04.2026 (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में) और 06.04.2026 (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के साथ सूचना एवं प्रसारण और उपभोक्ता मामलों के सचिवों की अध्यक्षता में) को बैठकें आयोजित की गईं जिनमें निम्नलिखित बातों पर बल दिया गया:
- प्रतिदिन प्रेस वार्ता करना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
- सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी और उनका खंडन करना।
- जिला प्रशासन की ओर से दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और तेल विपणन कंपनियों के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
- अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त एसकेओ के लिए एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना।
- पीएनजी और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाना और उन्हें बढ़ावा देना।
- आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से घरेलू आवश्यकताओं के उद्देश्य से एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देना और 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण।
- सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
- बहुत से राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं/प्रेस वार्ताएं कर रहे हैं।
प्रवर्तन और निगरानी कार्रवाइयां
- एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयां जारी हैं। 13.04.2026 को देशभर में 2,950 से अधिक छापे मारे गए ।
- हाल ही में 11 अप्रैल 2026 को केरल के नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम में अटिंगल स्थित एक निजी गैस एजेंसी के परिसर से अवैध रूप से रखे गए लगभग 500 गैस सिलेंडर जब्त किए। यह छापेमारी एलपीजी की वर्तमान कमी के दौरान उसकी कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी। राज्य के विभाग फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं।
- सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने अचानक निरीक्षणों को मजबूती से जारी रखा है और 232 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है। कल तक 56 एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया गया है।
एलपीजी आपूर्ति
घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:
- मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- एलपीजी वितरकों की ओर से आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
- कल उद्योग जगत के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- धोखाधड़ी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 92 प्रतिशत वृद्धि हुई है। डीएसी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है।
- बुकिंग की तुलना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आवंटन संबंधी उपाय:
- कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन शामिल है।
- भारत सरकार ने दिनांक 06.04.2026 के पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दिनांक 21.03.2026 के पत्र में उल्लिखित 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक, 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई औसत दैनिक आपूर्ति (सिलेंडरों की संख्या) के आधार पर दोगुना किया जा रहा है। इन 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर का वितरण राज्य सरकार के अधीन होगा और वे तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से केवल अपने राज्य में प्रवासी श्रमिकों को ही इनकी आपूर्ति कर सकेंगे।
- 3 अप्रैल 2026 से सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के लिए 4450 से अधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जिनमें 49,300 से अधिक 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री भी की गई है।
- हाल ही में, 12 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के पालघर स्थित बोइसर औद्योगिक क्षेत्र में आईओसीएल की ओर से आयोजित 5 किलोग्राम एफटीएल जागरूकता शिविरों में से एक में अच्छी प्रतिक्रिया देखी गई और उस दिन लगभग 800 सिलेंडरों की बिक्री हुई।
- 23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलोग्राम के 14.3 लाख से अधिक एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई है।
- 13.04.2026 को देशभर में 5 किलोग्राम के लगभग 1.1 लाख एफटीएल सिलेंडर बिके जबकि फरवरी-26 के महीने में औसत 77000 सिलेंडर प्रतिदिन बिके थे।
- आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति वाणिज्यिक एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए राज्यों के अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है।
- 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 1,31,645 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 69.28 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हो चुकी है ।
- 13.04.2026 को 8661 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी (19 किलोग्राम के 4.5 लाख सिलेंडरों से अधिक के बराबर) की बिक्री हुई।
प्राकृतिक गैस आपूर्ति और पीएनजी विस्तार पहल
- डी-पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
- उपलब्ध भंडार और निर्धारित एलएनजी कार्गो आगमन के आधार पर उर्वरक संयंत्रों को कुल गैस आवंटन में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जिससे यह आंकड़ा 09.04.2026 से प्रभावी रूप से उनकी छह महीने की औसत खपत के लगभग 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
- शहरी गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे व्यावसायिक एलपीजी की उपलब्धता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें।
- आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियों ने घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन की पेशकश की है।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है।
- भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन देने की पेशकश की है बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता कर सकें।
- 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पहले से ही पीएनजी विस्तार सुधारों से जुड़ा अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त हो रहा है।
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्राथमिकता के आधार पर आवेदनों के निपटारे के उद्देश्य से 3 महीने के लिए सीजीडी अवसंरचना का त्वरित अनुमोदन ढांचा अपनाया है।
- भारत सरकार ने 24.03.2026 के राजपत्र के माध्यम से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026 को अधिसूचित किया है। यह आदेश देश भर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार करने के लिए सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है, अनुमोदन और भूमि उपलब्धता में होने वाले विलंब को दूर करता है और आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस अवसंरचना के तीव्र विकास को सक्षम बनाता है। इससे प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विकास में तेजी आने, अंतिम व्यक्ति तक संपर्क और पहुंच में सुधार होने और स्वच्छ ईंधन की ओर बदलाव को समर्थन मिलने की उम्मीद है जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सीडीजी संस्थाओं को घरेलू-पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीएनजी के विस्तार में गति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पीएनजी ड्राइव 2.0 को अब 30.06.2026 तक बढ़ा दिया गया है।
- भारत सरकार ने स्वच्छ, अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा के भविष्य को बढ़ावा देने के लिए राज्य कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) नीति का एक मॉडल मसौदा तैयार किया है। इस मॉडल नीति का उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना स्वयं का निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख परिवेश निर्मित करने में सक्षम बनाने के लिए व्यापक और लचीला मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करना है। जो राज्य इसे अपनाएंगे उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त आवंटन की अगली किश्त में प्राथमिकता दी जाएगी।
- मार्च 2026 से अब तक लगभग 4.40 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस का प्रवाह शुरू हो चुका है और लगभग 4.88 लाख अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।
- 13.04.2026 तक, MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से 33,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस कर दिए हैं।
कच्चे तेल की स्थिति और तेलशोधक कारखानों का संचालन
- सभी तेलशोधक कारखाने पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रहे हैं जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार बनाए रखा जा रहा है।
- घरेलू खपत को पूरा करने के लिए तेलशोधक कारखानों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
- भारत सरकार ने दिनांक 01.04.2026 के आदेश के माध्यम से भारत में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित शोधन कंपनियों को फार्मास्युटिकल विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 स्ट्रीम की निश्चित न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। उपरोक्त विभागों से संबंधित कंपनियों के लिए 800 मीट्रिक टन/दिन आपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
खुदरा ईंधन उपलब्धता और मूल्य निर्धारण उपाय
- देश भर में खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
- पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। हालांकि, भारत सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
- भारत सरकार ने 11.04.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 55.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
- खुदरा दुकानों पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है और कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं।
केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
- 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कोई आवश्यकता नहीं बताई है।
समुद्री सुरक्षा और जहाजरानी संचालन
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से इस क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया है कि:
- इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
- जहाजरानी महानिदेशालय के नियंत्रण कक्ष ने सक्रिय होने के बाद से 6,292 कॉल और 13,228 से अधिक ईमेल प्राप्त किए हैं और उनके उत्तर दिए हैं जिनमें पिछले 24 घंटों में 219 कॉल और 361 ईमेल शामिल हैं।
- जहाजरानी महानिदेशालय ने अब तक 2,262 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है जिनमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 85 नाविक शामिल हैं।
- भारत भर में बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
- भारतीय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ लगातार घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए है।
क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
भारतीय मिशन और दूतावास इस पूरे क्षेत्र में भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं और साथ ही उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए सहायता और आवश्यक सलाह जारी करना जारी रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार:
- विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के देशों के साथ अपना संपर्क जारी रखा है।
- विदेश मंत्री ने कुवैत के विदेश मंत्री से बातचीत की है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति और भारतीय समुदाय के कल्याण पर चर्चा की।
- विदेश मंत्री ने इज़रायल के विदेश मंत्री से भी बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
- इसके अतिरिक्त विदेश मंत्री ने सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों से भी बात की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपने विचार साझा किए।
- सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है।
- विदेश मंत्रालय सूचना के बेहतर आदान-प्रदान और समन्वय के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क में रहता है।
- सभी प्रयास क्षेत्रीय स्तर पर भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर ही केंद्रित हैं।
- भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवा प्रदान कर रहे हैं और भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।
- स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा की स्थितियों, कांसुलर सेवाओं और हमारे समुदाय को सहयोग देने के लिए किए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी उपायों की जानकारी सहित अद्यतन सलाह नियमित रूप से जारी की जा रही है।
- हमारे मिशन इस क्षेत्र में भारतीय सामुदायिक संगठनों, पेशेवर समूहों, भारतीय कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
- हमारे मिशन क्षेत्र में जहाजों पर मौजूद भारतीय चालक दल और अन्य सदस्यों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय, कांसुलर सहायता प्रदान करना और भारत लौटने के अनुरोधों को सुविधाजनक बनाना शामिल है।
- जिन देशों का हवाई क्षेत्र खुला है वहां से उड़ानें जारी हैं। 28 फरवरी से अब तक लगभग 9,55,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत की यात्रा कर चुके हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात में परिचालन और सुरक्षा संबंधी विचारों के आधार पर एयरलाइंस संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच सीमित गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए हैं और आज लगभग 100 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
- सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं।
- कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण कतर एयरवेज की ओर से आज भारत के लिए लगभग 10 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद है।
- कुवैत का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है। कुवैत की जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के लिए अनियमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित कर रही हैं। कुवैत से भारत जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सऊदी अरब के रास्ते यात्रा की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है।
- बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। गल्फ एयर जल्दी ही बहरीन से भारत के लिए सीमित उड़ानें शुरू करने वाली है और वर्तमान में सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के लिए अनियमित उड़ानें संचालित कर रही है। बहरीन से भारत जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सऊदी अरब के रास्ते यात्रा की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है।
- तेहरान स्थित दूतावास ने अब तक 2,313 भारतीय नागरिकों को ईरान से आर्मेनिया और अज़रबैजान होते हुए भारत वापस जाने में सहायता प्रदान की है। इनमें 1028 भारतीय छात्र और 657 भारतीय मछुआरे शामिल हैं।
- इज़रायल का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, लेकिन सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। भारतीय नागरिकों को इज़रायल से जॉर्डन और मिस्र होते हुए भारत जाने की सुविधा प्रदान की जा रही है।
- इराक का हवाई क्षेत्र खुला है। इराकी एयरवेज ने भारत के लिए उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। भारतीय नागरिकों के लिए इराक से जॉर्डन और सऊदी अरब होते हुए भारत की यात्रा पहले की तरह सुगम है।
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पीके/केसी/केके/एम
(रिलीज़ आईडी: 2251916)
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