रेल मंत्रालय
भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने पूर्व सैनिकों और सेवारत सैन्य कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद के करियर के अवसरों को और बेहतर बनाने के लिए 'सहयोग का ढांचा' शुरू किया
स्तर-1 और स्तर-2/ऊपर के पदों पर पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण के साथ रोजगार को बढ़ावा
रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए रेलवे संविदा आधार पर 5,000 से ज्यादा पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में भर्ती करेगा
2024-25 के दौरान रेलवे की रिक्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद अधिसूचित किए गए
प्रविष्टि तिथि:
26 FEB 2026 6:48PM by PIB Delhi
संस्थागत सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने "सहयोग ढांचा" शुरू किया है। इसका मकसद अग्निवीरों और सेवारत सैन्य कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है, जो बतौर आम नागरिक वे बेहतर जीवन बिता सकें।
सेना और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सैन्य से नागरिक करियर में सरल बदलाव सुनिश्चित करना है। इससे रेलवे में रोजगार की संभावनाओं के बारे में जागरूकता भी बढ़ेगी और सेवानिवृत्त कर्मियों की सहायता के लिए एक समर्पित सहायता प्रणाली भी तैयार होगी।
यह सहयोगात्मक ढांचा पूर्व सैनिकों को सार्थक दूसरा करियर मार्ग प्रदान करने और व्यापक राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों का समर्थन करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के प्रमुख अवसर
सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के कर्मियों का कल्याण और पुनर्वास, भारतीय रेलवे की नीतिगत संरचना का एक ज़रुरी घटक है।
पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु:
- स्तर-2/उससे ऊपर के पदों में 10% और स्तर-1 के पदों में 20% क्षैतिज आरक्षण पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित किया गया है।
- इसके अलावा, स्तर-2/उससे ऊपर के पदों में 5% और स्तर-1 के पदों में 10% आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किया गया है।
वर्ष 2024 और 2025 में, रेलवे की रिक्तियों की अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद आरक्षित किए गए थे, जिनमें शामिल हैं:
- स्तर-1 में 6,485 पद
- स्तर-2/ऊपर के पदों में 8,303 पद
स्तर-1 (पूर्ववर्ती ग्रुप डी) और स्तर-2/ऊपर के पदों पर भर्ती क्रमशः रेलवे भर्ती केंद्रों (आरआरसी) और रेलवे भर्ती बोर्डों (आरआरबी) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाती है।
संविदात्मक नियुक्तियों के ज़रिए तत्काल भर्ती
पूर्व सैनिकों की त्वरित भर्ती को बढ़ावा देने और रिक्त पदों को भरने के लिए, रेल मंत्रालय ने नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक भारतीय रेलवे में संविदा आधार पर पूर्व सैनिकों को 'पॉइंट्समैन' के रूप में भर्ती करने का फैसला किया है।
वर्तमान में जोनल और मंडल स्तर पर 5,000 से अधिक लेवल-1 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अब तक, 9 मंडलों ने पॉइंट्समैन की भर्ती के लिए संबंधित सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
सहयोगात्मक ढांचा, सेना भर्ती संगठनों से रेलवे मंडलों के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर इन पदों को शीघ्रता से भरने का आह्वान करता है।
राष्ट्र निर्माण के लिए सामूहिक शक्तियों का उपयोग
भारतीय रेलवे और भारतीय सेना सेवाकाल के दौरान विकसित बहुमूल्य कौशल, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व गुणों को साझा करते हैं, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बड़ी संख्या में सैनिक अपेक्षाकृत कम उम्र में ही समृद्ध परिचालन और प्रबंधकीय अनुभव, दृढ़ अनुशासन और राष्ट्रवाद की भावना के साथ सेवानिवृत्त होते हैं।
भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच सहयोग रसद और कर्मियों की आवाजाही में अहम भूमिका निभाता है। समर्पित माल गलियारों और उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक जैसी रणनीतिक परियोजनाओं ने सैनिकों और उपकरणों की त्वरित तैनाती क्षमताओं को बढ़ाया है। गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के ज़रिए कौशल साझाकरण पहलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह ढांचा मौजूदा भर्ती प्रणाली के भीतर ही पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों की सुनियोजित भागीदारी को बढ़ावा देता है और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करता है। यह पहल राष्ट्रीय अवसंरचना और सुरक्षा समन्वय को मजबूत करते हुए सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के अनुभव और अनुशासन का लाभ उठाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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पीके/केसी/एनएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2233240)
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