पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि:
28 OCT 2026 7:52AM by PIB Delhi
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में 19 महीने के नर चीते (केएनजी22) की बंदूक के छर्रे लगने से हुई मौत को गंभीरता से लिया है। केंद्र ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लेते हुए प्रोजेक्ट चीता की अहमियत और इस बड़ी बिल्ली की दोबारा बसाई गई आबादी के लिए सुरक्षा के सबसे ऊंचे मानक सुनिश्चित करने की ज़रूरत को देखते हुए घटना की ज़मीनी जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम गठित की।
केंद्रीय टीम में वन महानिरीक्षक, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), अतिरिक्त निदेशक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और क्षेत्रीय उप निदेशक शामिल हैं। टीम को चीते की मौत के हालात की पूरी जांच करने, सभी मौजूद साक्ष्यों की जांच करने और मामले में सख्त और तेज़ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ मिलकर यह काम सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि मृत चीता, चीता निरवा का बच्चा था और वह 25 अक्टूबर 2026 को कुनो राष्ट्रीय उद्यान के सुरक्षित इलाके के बाहर मुरैना के जंगलों में घायल मिला था। मध्य प्रदेश वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक उसे उसी दिन श्योपुर प्रादेशिक वन मंडल से बचाया गया और जबलपुर के पशु चिकित्सा केंद्र में उसकी बेहतरीन चिकित्सा और इमरजेंसी सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे मिले। चिकित्सा मदद के बावजूद चीता ने 27 अक्टूबर 2026 को दम तोड़ दिया। चिकित्सा जांच में पता चला कि बरामद बंदूक के छर्रों से कई अंदरूनी चोटें आई थीं।
राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए पहले ही एक विशेष कार्यबल (एसटीएफ) बना दिया है, जिसमें वन और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। एमओईएफसीसी की भेजी गई केंद्रीय टीम राज्य की मशीनरी के साथ मिलकर काम करेगी। यह सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को लागू करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए की जा रही निगरानी और बचाव के उपायों की भी जांच करेगी। केंद्रीय टीम राज्य सरकार और क्षेत्र अधिकारियों को आगे के निर्देश देने के लिए अपनी जांच और सुझाव मंत्रालय को सौंपेगी।
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