आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 की तैयारियों की समीक्षा की
अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा
‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ होगा स्वच्छता ही सेवा 2026 का विषय
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से व्यापक जनभागीदारी और स्वच्छता के स्पष्ट परिणाम सुनिश्चित करने का आग्रह
प्रविष्टि तिथि:
10 SEP 2026 6:00PM by PIB Delhi
आवासन और शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल ने आज राज्यो के शहरी विकास मंत्रियों, प्रधान सचिवों, शहरी विकास विभाग के अधिकारियों और राज्य मिशन निदेशकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्वच्छता ही सेवा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस वर्ष अभियान का विषय ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखा गया है। यह विषय स्वच्छ और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी की भूमिका को रेखांकित करता है।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के प्रमुख क्षेत्रों में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों और अधिक भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों का कायाकल्प, स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता, सफाईमित्र सुरक्षा और सम्मान शिविर, स्वच्छता के लिए जनभागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि शामिल हैं। स्वच्छता से समृद्धि के अंतर्गत चक्रीय अर्थव्यवस्था और कचरे से संपदा जैसी पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अभियान के प्रमुख क्षेत्रों और देशभर में समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। अभियान के दौरान व्यापक नागरिक भागीदारी, स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन और स्वच्छता के स्पष्ट परिणाम सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। राज्य विभागों से अपने-अपने कार्यालय परिसरों, पर्यटन स्थलों और जल निकायों में स्वच्छता अभियान चलाने में अग्रणी भूमिका निभाने को कहा गया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लोगों से 17 सितंबर को अपने घर से स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से स्वयं अपने घर की सफाई करने और शाम को घर में दीप जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दीप स्वच्छ घर, स्वस्थ परिवार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होगा और हासिल की गई स्वच्छता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान को ‘सेवा संकल्प’ की भावना से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि स्वच्छता केवल एक महीने की गतिविधि न रहकर निरंतर जन-भागीदारी का संकल्प बने।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि अभियान 17 सितंबर, प्रधानमंत्री के जन्मदिन से शुरू हो रहा है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री की सेवा भावना और संकल्प को स्वच्छता के उद्देश्य से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में दिए संदेश का उल्लेख करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि जब किसी स्थान को स्वच्छ रखने का संकल्प वहां के लोग स्वयं लेते हैं, तो बदलाव केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान को भी बदल देता है। उन्होंने कहा कि इसलिए स्वच्छता को लोगों का सामूहिक संकल्प बनाने का प्रयास होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर समाज के सभी वर्गों में स्वच्छता अभियान चलाए जाने चाहिए। इनमें समावेशिता और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने ने राज्यों से 1 अक्टूबर तक व्यापक योजना और जागरूकता गतिविधियां चलाने को कहा, ताकि देशभर में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान आयोजित किया जा सके। राज्य के शिक्षा और खेल विभागों से युवाओं और खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ने को कहा गया है। उन्होंने सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों, महापौरों, उप महापौरों, वार्ड पार्षदों, नगर आयुक्तों और राज्यों की प्रमुख हस्तियों से अपने-अपने क्षेत्रों और निर्वाचन क्षेत्रों में इस राष्ट्रव्यापी श्रमदान का नेतृत्व करने तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने नगर निकायों से आवासीय सोसाइटियों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों-आरडब्ल्यूए को भी अभियान से जोड़ने को कहा। इसके लिए वार्डों और आरडब्ल्यूए के बीच स्वच्छता प्रतियोगिताएं आयोजित करने और प्रमुख आरडब्ल्यूए स्थानों पर स्वच्छता से जुड़े संदेशों का प्रचार करने का सुझाव दिया गया।
2 अक्टूबर स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर शहरी स्थानीय निकायों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर विशेष परिषद बैठकें और स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया जाएगा।
बैठक में सफाई कर्मियों के कल्याण, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविरों के महत्व पर भी बल दिया गया। इन शिविरों के माध्यम से पात्र सफाई कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, स्वास्थ्य जांच कराने और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अधिक प्रभाव के लिए ऐसे शिविर पूरे वर्ष नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने का भी आग्रह किया।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत जनभागीदारी, खेल आयोजनों, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक गीतों तथा स्वच्छता गीतों के माध्यम से प्रभावी और नए तरीकों से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। अभियान के दौरान की गई गतिविधियों की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और स्वच्छता अभियान के जमीन पर मापने योग्य परिणाम तथा प्रत्येक नागरिक के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कदम उठाने की सलाह दी गई। हालांकि अभियान आधिकारिक रूप से 17 अक्टूबर को समाप्त होगा, राज्यों से पूरे वर्ष स्वच्छता की इस गति को बनाए रखने का आग्रह किया गया है।
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पीके/केसी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2308856)
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