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डॉ. जितेंद्र सिंह और फ्रांस के मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट ने वर्चुअल माध्यम से बैठक की; बैठक में आगामी 'इंटरनेशनल स्पेस समिट' और 'बेंगलुरु स्पेस एक्सपो' में फ्रांस की भागीदारी पर चर्चा हुई


मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत प्रौद्योगिकियों और उद्योग सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने से भारत-फ्रांस अंतरिक्ष साझेदारी को गति मिलेगी

इसरो के अध्यक्ष को पेरिस समिट में 'लो अर्थ ऑर्बिट' में भारत की भावी मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान पर मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया

फ्रांस के मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट इस महीने के आखिर में बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र का दौरा करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 04 SEP 2026 4:33PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट के साथ वर्चुअल माध्यम से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियां और दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों व उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय शामिल है।

ये चर्चा पेरिस में 9-10 सितंबर, 2026 को होने वाले इंटरनेशनल स्पेस समिट और 7-9 सितंबर 2026 को होने वाले बेंगलुरु स्पेस एक्सपो से पहले हुई। दोनों पक्षों ने पेरिस समिट में भारत की भागीदारी और बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में फ्रांस की भागीदारी के साथ-साथ इस महीने के आखिर में प्रोफेसर बैप्टिस्ट की भारत यात्रा पर भी चर्चा की।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत इंटरनेशनल स्पेस समिट में भाग लेने और फ्रांस के साथ अपने दीर्घकालिक अंतरिक्ष सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि समिट का अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और एप्लीकेशंस, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था तथा सुरक्षित अंतरिक्ष पर ध्यान केंद्रित करना, भविष्य के अंतरिक्ष क्षेत्र पर अंतर्राष्ट्रीय संवाद और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

भारत ने बाह्य अंतरिक्ष के संधारणीय उपयोग, अंतरिक्ष-आधारित वैज्ञानिक डेटा की पहुंच, खुलेपन और अखंडता तथा आवृत्ति प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के विनियामक ढांचे के समर्थन पर प्रस्तावित समिट के परिणामों का स्वागत किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इन पहलों को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान फ्रांस के साथ विचार-विमर्श करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की।

इस चर्चा का मुख्य केंद्र पेरिस समिट में भारत का योगदान था। इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव को लो अर्थ ऑर्बिट (पृथ्वी की निचली कक्षा) में भारत की भावी मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान पर मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि यदि फ्रांस को यह उपयोगी लगे, तो भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अंतरिक्ष में डिज़ाइन और विनिर्माण प्रौद्योगिकियों, अंतरिक्ष से कनेक्टिविटी और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अतिरिक्त  अन्वेषण सहित अन्य क्षेत्रों पर भी प्रस्तुतियां दे सकते हैं।

प्रोफेसर फिलिप बैप्टिस्ट ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच मौजूदा सहयोग को और अधिक मजबूत करने एवं उसे गति देने की फ़्रांस की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने समिट हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित वीडियो संदेश के लिए भारत के प्रति आभार प्रकट किया तथा इस समिट में अपनाए जाने वाले घोषणापत्रों पर भारतीय पक्ष के साथ निरंतर विचार-विमर्श का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में फ्रांस की भागीदारी और दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों, उद्योगों तथा उभरते अंतरिक्ष इकोसिस्टम के बीच बेहतर तालमेल के अवसरों पर भी चर्चा की।

प्रोफेसर बैप्टिस्ट 28-30 सितंबर, 2026 के बीच भारत का दौरा करेंगे और उन्होंने बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र का दौरा करने तथा डॉ. जितेंद्र सिंह से मिलने की इच्छा व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि उनकी संबंधित टीमें सहयोग के संभावित क्षेत्रों और पेरिस समिट के लिए प्रस्तावित अन्य प्रस्तुतियों पर विचार-विमर्श जारी रखेंगी।

भारत और फ्रांस की अंतरिक्ष साझेदारी को लगभग छह दशक हो चुके हैं। इसरो और फ्रांस के  सीएनईएस के बीच सहयोग में मेघा-ट्रॉपिक्स और सरल जैसे संयुक्त उपग्रह मिशन शामिल रहे हैं। साथ ही दोनों देश पृथ्वी अवलोकन तथा जलवायु संबंधी अनुप्रयोगों में भी आपसी सहयोग को और  बढ़ा रहे हैं।

यह बैठक इस संकल्प के साथ समाप्त हुई कि दोनों देश नवाचार, अनुसंधान, मानव युक्त अंतरिक्ष उड़ान, प्रौद्योगिकी विकास और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और मजबूत करेंगे।

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पीके/केसी/एसके

 


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