संचार मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारतीय डाक सेवा द्वारा तिरंगा की पहली ड्रोन डिलीवरी का शुभारंभ किया


स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन पहले, भारतीय डाक सेवा ने हिमाचल प्रदेश में मंडी मुख्य डाकघर से रेहरधर शाखा डाक कार्यालय तक ड्रोन के ज़रिए तिरंगा पहुँचाया

प्रविष्टि तिथि: 14 AUG 2026 7:46PM by PIB Delhi

देशभक्ति, जनसेवा और तकनीकी नवाचार के एक अनोखे जश्न के तौर पर, डाक विभाग ने आज हिमाचल प्रदेश में मंडी मुख्य डाकघर से रेहरधर शाखा डाक कार्यालय तक ड्रोन के ज़रिए राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' पहुँचाया। यह भारतीय डाक सेवा की ओर से तिरंगे की पहली ड्रोन डिलीवरी थी।

इस पहल की शुरुआत और संचालन केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मंडी मुख्य डाकघर से ड्रोन को उड़ान भरते देखा और डाक अधिकारियों तथा ड्रोन ऑपरेटर से बातचीत की। इसके बाद ड्रोन रेहरधर शाखा डाक कार्यालय पहुँचा, जहाँ डाक विभाग की टीम ने तिरंगे वाला पार्सल लिया और उसे औपचारिक रूप से सेना के एक पूर्व सैनिक को सौंपा, जिससे इस मौके का महत्व और बढ़ गया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001PZV6.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002IS98.jpg

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आसमान में तिरंगे का सफर एक नए भारत की भावना को दर्शाता है, जो भौगोलिक बाधाओं को पार कर हर नागरिक तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता दिवस और भी विशेष है क्योंकि देश 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने का उत्सव मना रहा है, जो राष्ट्रीय गौरव, सेवा की भावना और 'विकसित भारत' के लिए भारत की आकांक्षाओं को एक सूत्र में पिरो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि तिरंगा न केवल हर घर में, बल्कि हर भारतीय के दिल में भी होना चाहिए। इसी भावना के साथ, भारतीय डाक सेवा विभाग 'हर घर तिरंगा' अभियान में योगदान दे रहा है। वह देश भर के नागरिकों तक राष्ट्रीय ध्वज पहुँचा रहा है, जिससे लोग अपने घरों से ही राष्ट्रीय गौरव के इस जश्न में शामिल हो सकें।

मंडी से रेहरधार तक ड्रोन डिलीवरी यह दर्शाती है कि कैसे नई तकनीक इंडिया पोस्ट के बड़े भौतिक नेटवर्क को बेहतर बना सकती है और 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (अंतिम छोर तक पहुँच) को मज़बूत कर सकती है, खासकर दूर-दराज़ और मुश्किल इलाकों में। ड्रोन-आधारित डाक सेवा की संभावनाओं को तलाशकर, डाक विभाग ऐसे नए समाधान खोज रहा है जिनसे डाक और सार्वजनिक सेवाएँ उन नागरिकों तक भी पहुँच सकें जहाँ पारंपरिक परिवहन के साधनों से पहुँचना मुश्किल होता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के तकनीकी रूप से उन्नत, समावेशी और जुड़े हुए 'विकसित भारत' के विज़न को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश और असम में 150 चिन्हित रूटों पर ड्रोन-आधारित डाक सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य कनेक्टिविटी को मज़बूत करना और मुश्किल इलाकों में भी आसानी से डाक पहुँचाना है। यह "डाक सेवा, जन सेवा" की स्थायी भावना और नागरिकों को जोड़ने व देश की सेवा करने के लिए नवाचार और तकनीक का इस्तेमाल करने की लगातार कोशिशों को भी दर्शाता है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003BOTG.jpg

******

पीके/केसी/जेएस


(रिलीज़ आईडी: 2299732) आगंतुक पटल : 102
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Assamese , Gujarati , Tamil , Telugu , Malayalam