स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जनहित में 16 निश्चित खुराक संयोजनों (एफडीसी) के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया है।
यह निर्णय जनस्वास्थ्य की रक्षा करने और केवल वैज्ञानिक रूप से उचित दवा संयोजनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रविष्टि तिथि:
20 JUN 2026 12:42PM by PIB Delhi
जनस्वास्थ्य की रक्षा और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी कर 16 निश्चित खुराक संयोजनों (एफडीसी) के निर्माण, बिक्री और मानव उपयोग के लिए वितरण पर रोक लगा दी है। ये अधिसूचनाएं तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसमें देश में उपलब्ध निश्चित खुराक संयोजनों (फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन) की व्यापक समीक्षा अनिवार्य की गई थी। इन निर्देशों के अनुपालन में, औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) ने विभिन्न एफडीसी की जांच करने और उन एफडीसी की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जो तर्कहीन हैं, चिकित्सीय औचित्य का अभाव रखते हैं, या मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
वैज्ञानिक मूल्यांकन और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर, सरकार ने 16 ऐसे प्रतिबंधित निश्चित खुराक संयोजन (एफडीसी) के खिलाफ कार्रवाई की है जिनका चिकित्सीय औचित्य नहीं पाया गया और जिनका निरंतर उपयोग संभावित जोखिमों के संदर्भ में लाभकारी नहीं माना गया। प्रतिबंधित एफडीएसी विभिन्न चिकित्सीय श्रेणियों से संबंधित हैं, जिनमें कुछ त्वचा संबंधी दवाएं, दर्द निवारक और ऐंठनरोधी दवाएं तथा एंटीबायोटिक-आधारित दवाएं शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के उन निरंतर प्रयासों के अनुरूप है जिनके तहत जनता को केवल सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं ही उपलब्ध कराई जाती हैं। पहले भी, विस्तृत वैज्ञानिक समीक्षा के बाद कई तर्कहीन एफडीसी पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो रोगी सुरक्षा और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
तदनुसार, मानव उपयोग के लिए चिन्हित 16 एफडीसी का बिक्री हेतु निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध और आपूर्ति पूरे देश में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित होगी।
सभी राज्य औषधि नियंत्रकों, नियामक प्राधिकरणों और प्रवर्तन एजेंसियों को अधिसूचनाओं का कड़ाई से कार्यान्वयन और अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निर्माताओं, आयातकों, वितरकों और अन्य हितधारकों को भी कानून के प्रावधानों का अनुपालन करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने की सलाह दी गई है।
इस संबंध में ई-राजपत्र इस लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है:
https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/273649.pdf
प्रतिबंधित निश्चित खुराक संयोजनों की विस्तृत सूची निम्नलिखित है:
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क्र.सं.
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एफडीसी की संरचना
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अनुशंसा
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1
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एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड + एथोहेप्टाज़ीन
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औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत निषेध के लिए अनुशंसा।
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2
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एलोवेरा का अर्क + एलेंटोइन + अल्फाटोकोफेरोल एसीटेट + डी-पेंथेनॉल + विटामिन ए
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3
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एलोवेरा का अर्क + विटामिन ई + डाइमेथिकोन + ग्लिसरीन
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4
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एलो वेरा + जोजोबा तेल + विटामिन ई
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5
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एलोवेरा + ऑरेंज ऑयल
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6
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एलोवेरा + जोजोबा तेल + व्हीट जर्म ऑयल + टी ट्री तेल
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7
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एलोवेरा + विटामिन ई + हर्बल
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8
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डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड
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9
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डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड + क्लोर्डियाज़ेपॉक्साइड
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10
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ग्लिक्लाजाइड + क्रोमियम पिकोलीनेट
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11
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पैरासिटामोल + लिग्नोकेन
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12
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एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज़ + लैक्टोबैसिलस स्पोरोजेन्स
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13
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एमोक्सिसिलिन + क्लोक्सासिलिन + लैक्टिक एसिड बैसिलस + सेराटियोपेप्टिडेज़
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14
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एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज़
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15
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सेफैड्रोक्सिल + प्रोबेनेसिड
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16
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सेफ्यूरोक्सिम + सेराटियोपेप्टिडेज़
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पीके/केसी/एमके/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2275629)
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