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श्री अश्विनी वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की


विद्यार्थियों को लैम रिसर्च के सेमीवर्स सेमीकंडक्टर प्लेटफॉर्म से प्रशिक्षण मिलेगा

प्रविष्टि तिथि: 11 JUN 2026 5:22PM by PIB Delhi

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर में उन्नत क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम संचार प्रयोगशाला स्थापित किए जाने की घोषणा की।

ये प्रयोगशालाएं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिकी और आईसीटी अकादमिक परियोजना के तहत स्थापित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित संचार विकसित करने के तंत्र क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन, क्वांटम कंप्यूटिंग सिमुलेशन और क्वांटम सेंसिंग हार्डवेयर घटकों में स्वदेशी क्षमता निर्मित करना है।

श्री वैष्णव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक की मौजूदा लहर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) द्वारा संचालित है, वहीं अब अगली प्रमुख तकनीकी लहर क्वांटम प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित होगी।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्य देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। यह प्रयोगशाला क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में भी अनुसंधान करेगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

श्री वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर का आह्वान किया कि वह पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (क्रिप्टोग्राफिक रूप से प्रासंगिक क्वांटम कंप्यूटर की गणना क्षमताओं के विरुद्ध सुरक्षित रहने के लिए डिज़ाइन) के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाए।

लैम रिसर्च का सेमीवर्स प्लेटफॉर्म

श्री वैष्णव ने कहा कि एमएनआईटी जयपुर के छात्रों को प्रशिक्षण में लैम रिसर्च के सेमीवर्स प्लेटफॉर्म की सुविधा मिलेगी, जो डिजिटल ट्विन आधारित सेमीकंडक्टर निर्माण और प्रशिक्षण पारितंत्र है। उन्होंने कहा कि सेमीवर्स के माध्यम से विद्यार्थी अब सेमीकंडक्टर चिप संरचनाओं का 3डी स्वरूप में अध्ययन कर सकते हैं, चिप निर्माण प्रक्रियाओं को समझ सकते हैं और आभासी वातावरण में निर्माण चरणों का अनुकरण कर सकते हैं।

श्री वैष्णव ने कहा कि उद्योग जगत का अनुमान दस लाख से अधिक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन कार्यबल की मांग उत्पन्न होने की है, जिसे भारत आसानी से पूरा कर सकता है। एनवीडिया, क्वालकॉम, एआरएम और एएमडी जैसी कंपनियां पहले से ही भारत में 2 और 3 नैनोमीटर के उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स का डिज़ाइन तैयार कर रही हैं। यह डिज़ाइन बेहतर कार्यबल की उपलब्धता से ही संभव हो रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम के तहत देश भर के 323 से अधिक विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन उपकरण उपलब्ध करा रही है, जो सिनॉप्सिस, कैडेंस और रेनेसास जैसी अग्रणी कंपनियों के अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर डिजाइन उपकरण हैं।

इन उपकरणों का उपयोग करते हुए देश भर के संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए हुए 100 से अधिक चिप्स मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में निर्मित किए गए हैं। श्री वैष्णव ने विद्यार्थियों को इन उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने को कहा।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लैब

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने जयपुर एमएनआईटी में एक एआई लैब स्थापित किए जाने की भी घोषणा की। इस लैब में अनुसंधान और नवाचार के लिए उन्नत कंप्यूटिंग और उपकरणों सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका मुख्य उद्देश्य इसे इंडियाएआई मिशन नेटवर्क से जोड़ना है। इसी सिलसिले में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर के डीपफेक डिटेक्शन तकनीक से संबंधित कार्यों का उल्लेख किया।

मेकर्स लैब उद्घाटन

बाद में, श्री वैष्णव ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर और राजस्थान विधानसभा सदस्य (सिविल लाइंस जयपुर) श्री गोपाल शर्मा के साथ एमएनआईटी जयपुर में मेकर्स लैब का उद्घाटन किया। मेकर्स लैब विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों तकनीकों में प्रायोगिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगी। इसमें सेंसर, एम्बेडेड सिस्टम, कंप्यूटर उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली शामिल होंगे।

इससे पहले श्री वैष्णव ने मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जयपुर के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया। विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, संरचनात्मक अभियांत्रिकी और उत्तर-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्रों में कई परियोजना और अनुप्रयोग प्रदर्शित किए।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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