नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
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दिसंबर 2026 तक 75 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य : केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी


वंचित परिवारों के बीच उपयोग में तेजी लाने के लिए यूटिलिटी-लिंक्ड एग्रीगेशन मॉडल पेश किया गया: श्री जोशी

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने 'पीएम सूर्य घर' का लोगो और व्हाट्सएप बॉट लॉन्च किया

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के दो वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया

प्रविष्टि तिथि: 04 JUN 2026 6:13PM by PIB Delhi

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने आज यहां आयोजित ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के दो साल: 1 करोड़ छतों तक सोलर होम का विस्तार’ कार्यक्रम के दौरान एक बातचीत में हिस्सा लेते हुए कहा, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने 2 साल के भीतर ही 40 लाख घरों का आंकड़ा पार कर लिया है, और मुझे उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक हम 75 लाख घरों का आंकड़ा भी पार कर लेंगे।”

श्री जोशी ने कहा कि यूटिलिटी-लिंक्ड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल को विशेष रूप से वंचित परिवारों के बीच कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मॉडल के तहत, राज्यों में लगभग 30 लाख रूफटॉप सोलर लगाने की योजना पहले ही बनाई जा चुकी है, जिसमें यूटिलिटी कंपनियां इसे तेजी से अपनाने और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल से विशेष रूप से उन परिवारों को फायदा होगा जो 1 किलोवाट से 3 किलोवाट के बीच बिजली की खपत करते हैं, और इससे सस्ती व स्वच्छ ऊर्जा तक अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। 65 लाख से अधिक आवेदनों के साथ, इस योजना को पूरे देश में लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है और इसे अभूतपूर्व गति मिली है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पहले 50 गीगावॉट तक पहुंचने में 96 महीने लगे। अगले 50 गीगावॉट के लिए 36 महीने लगे, और 100 गीगावॉट से 150 गीगावॉट तक पहुंचने में सिर्फ 14 महीने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि मई 2026, पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के शुरू होने के बाद से सबसे अच्छा महीना रहा; इस एक महीने में रिकॉर्ड 3.16 लाख रूफ़टॉप सोलर लगाए गए और सिर्फ एक दिन में 15,000 घर  इस योजना से जुड़े।

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि इस योजना को अपनाने की गति अपने-आप बढ़ गई है; जहां पहले 1 लाख घरों को जोड़ने में 118 दिन लगते थे, वहीं आज यह समय घटकर 8 दिन से भी कम हो गया है। उन्होंने बताया कि 22,750 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिसमें सिर्फ मई 2026 में दी गई 2,743 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी शामिल है। उन्होंने कहा, "पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाते हुए दुनिया के सबसे बड़े आवासीय सौर बाज़ारों में से एक का निर्माण कर रही है।"

श्री जोशी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा संबंधी अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सुदृढ़ता को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से पहले जहां हर महीने लगभग 7,000 घरों में रूफटॉप सोलर लगाए जाते थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर हर महीने तीन लाख से भी अधिक हो गई है। 17 लाख से भी अधिक घरों का बिजली बिल अब शून्य हो गया है, जिससे परिवारों को सीधे तौर पर पैसों की बचत हो रही है।

मंत्री महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक हर घर में रूफटॉप सोलर की सुविधा होगी, और उन्होंने कहा, "पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक जन-आंदोलन बन जाएगी।" केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में, जैसे-जैसे स्टोरेज की लागत कम होगी, हम बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को एकीकृत करेंगे और मॉडल सोलर विलेज पहल के माध्यम से इसके उपयोग को बढ़ाएंगे।

इस कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव श्री संतोष सारंगी भी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।

13 फरवरी 2024 को 75,021 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू की गई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर कार्यक्रम बन गया है। नेशनल पोर्टल पर 1 करोड़ से अधिक परिवारों ने पंजीकरण कराया है, और मई 2026 तक 33 लाख से ज़्यादा रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे 12 गीगावॉट से अधिक क्षमता बढ़ गई है। अब रूफटॉप सोलर, आवासीय सौर क्षमता का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है, और 2024–2026 के दौरान इसके लगाए जाने में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह योजना 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भारत की प्रगति में योगदान देती है और मार्च 2026 तक कुल सौर क्षमता 150 गीगावॉट से अधिक हो गई है। साथ ही यह ऊर्जा तक पहुंच को बेहतर बनाती है और डिस्कॉम पर सब्सिडी के बोझ को कम करती है।

श्री जोशी ने पीएम सूर्य घरका लोगो और व्हाट्सएप बॉट लॉन्च किया। उन्होंने मई 2026 में  "सौर माह" अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के साथ-साथ, सर्वश्रेष्ठ  प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, डिस्कॉम, बैंकों, वेंडरों और अन्य हितधारकों को पीएम सूर्य घरपुरस्कारों से सम्मानित किया।

केंद्रीय मंत्री ने सीईईडब्ल्यू (काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर) की दो रिपोर्ट भी लॉन्च कीं: (i) “भारतीय घरों में रूफटॉप सोलर लगाने के निर्णयों के पीछे क्या वजहें होती हैं? भारत भर में किए गए एक सर्वे के माध्यम से घरों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझना”, और (ii) “एक मज़बूत ओ एंड एम इकोसिस्टम बनाकर रूफटॉप सोलर की उपयोगिता को अधिकतम करना – भारत के रेजिडेंशियल आरटीएस सेगमेंट में कई अरब डॉलर का बाज़ार अवसर”, जिसमें बेहतर रखरखाव की ज़रूरत और जैसे-जैसे इसका विस्तार होगा, हर साल 3.3 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होने की संभावना पर जोर दिया गया है।

इस कार्यक्रम में दो उच्च-स्तरीय पूर्ण सत्र भी हुए, जिनमें भारत में रूफटॉप सोलर की भविष्य की दिशा पर ध्यान केंद्रित किया गया। पहला पूर्ण सत्र, "40 लाख से 1 करोड़ तक: पीएम सूर्य घर की यात्रा", में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत और वित्त मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस सत्र में 1 करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर को पहुंचाने के लिए ज़रूरी नीतियों, वित्तपोषण और कार्यान्वयन की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। दूसरा पूर्ण सत्र, "सबनेशनल फ्रंटियर्सः पावरिंग द स्टेट-लेड सोलर सर्ज", में राज्यों के ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों को बुलाया गया। इस सत्र में राज्यों के बीच आपसी सीख, नए प्रोत्साहन मॉडल और रूफटॉप सोलर के विस्तार को डिस्कॉम की स्थिरता और राज्य-स्तरीय ऊर्जा प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।

 

 

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पीके/केसी/एसके/डीए


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