उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खाद्य तेलों के विभिन्न पैक आकारों पर हितधारकों के साथ बैठक की


उद्योग संघों के बीच प्रमुख खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार शुरू करने पर सहमति बनी

विभाग उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता में सुधार व कीमतों में तुलना को आसान बनाने के लिए खाद्य तेलों हेतु मानक पैक आकार निर्धारित करने की जांच रहा संभावना

सुझावों में 200 मिलीलीटर से 20 लीटर तक के मानक पैक आकार शामिल

प्रविष्टि तिथि: 25 MAY 2026 7:04PM by PIB Delhi

उपभोक्ता मामले विभाग देश के लगभग 90 प्रतिशत खाद्य तेल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उद्योग संघों से मिले सुझावों के बाद, लीगल मेट्रोलॉजी ढांचे के तहत खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार शुरू करने की संभावना की जांच कर रहा है।

बाजार में उपलब्ध पैकेटों के आकारों की बढ़ती संख्या और इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं द्वारा विभिन्न उत्पादों की कीमतों की तुलना करने में आने वाली दिक्कतों पर चर्चा करने के लिए 20 मई 2026 को उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव की अध्यक्षता में प्रमुख खाद्य तेल उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी।

इस बैठक में इंडियन वेजिटेबल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए), सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए), सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसओपीए), सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) और मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (एमओपीए) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन संघों ने जानकारी दी कि वे सामूहिक रूप से देश के खाद्य तेल क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

बैठक के दौरान, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान में खाद्य तेल कई तरह की पैकेट मात्राओं जैसे कि 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मात्रा वाले एक जैसे दिखने वाले पैकेटों के कारण उपभोक्ताओं के लिए कीमतों की तुलना करना और सोच-समझकर सही उत्पाद चुनना संभावित रूप से भ्रामक हो सकता है।

विभाग ने प्रमुख खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार शुरू करने पर संयुक्त रूप से चर्चा की।

संघों द्वारा सुझाए गए पैक आकार इस प्रकार हैं:

· 200 मिली

· 500 मिली

· 1 लीटर

· 2 लीटर

· 3 लीटर

· 4 लीटर

· 5 लीटर

· 15 लीटर/15 किग्रा

· 20 लीटर/20 किग्रा

संघों ने संयुक्त रूप से प्रमुख खाद्य तेलों को दायरे में लाने का अनुरोध किया,

· पाम ऑयल/पामोलीन

· सोयाबीन ऑयल

· सनफ्लावर ऑयल

· सरसो/रेपसीड ऑयल

· मूंगफली का तेल

· तिल का तेल

· राइस ब्रान ऑयल

· बिनौले का तेल

· मक्के का तेल

· मिश्रित खाद्य तेल

संघ द्वारा दिए गए सुझाव:

· उपभोक्ताओं के लिए किफायती छोटे पैकेटों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 200 मिलीलीटर से कम के पैकेटों को मानकीकरण के दायरे से बाहर रखा जा सकता है।

· कम उपयोग होने वाले खाद्य तेलों  को इस प्रस्तावित आवश्यकता से छूट दी जा सकती है।

· निर्माताओं को आवश्यक बदलाव करने में सक्षम बनाने के लिए लगभग तीन महीने की संक्रमण अवधि दी जा सकती है।

· जो निर्माता प्रस्तावित पैक आकारों को पहले से ही अपनाने के इच्छुक हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है।

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यदि ऐसी कोई आवश्यकता लागू की जाती है, तो वह घरेलू स्तर पर निर्मित और आयातित दोनों तरह के खाद्य तेलों पर समान रूप से लागू होगी। उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने कहा कि पारदर्शिता सुधारने, उपभोक्ताओं के लिए कीमतों की तुलना को आसान बनाने और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संघों से प्राप्त सुझावों का परीक्षण किया जा रहा है।

उपभोक्ता मामले विभाग परामर्श के दौरान प्राप्त विचारों की समीक्षा कर रहा है और संतुलित तथा व्यावहारिक नीतिगत उपायों के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने एवं बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

******

पीके/केसी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2265126) आगंतुक पटल : 140
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Gujarati