राष्ट्रपति सचिवालय
महामहिम राष्ट्रपति ने साइप्रस के राष्ट्रपति का स्वागत किया
प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत-साइप्रस संबंधों के सबसे दूरदर्शी क्षेत्रों के रूप में उभरकर सामने आए हैं: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
प्रविष्टि तिथि:
22 MAY 2026 9:23PM by PIB Delhi
महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (22 मई, 2026) राष्ट्रपति भवन में साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस का स्वागत किया। उन्होंने साइप्रस के राष्ट्रपति के सम्मान में भोज भी आयोजित किया।

राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच विश्वास और सद्भावना पर आधारित घनिष्ठ संबंध हैं। हमारे द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया है, जो भारत-साइप्रस संबंधों की बढ़ती परिपक्वता, गहराई और पारस्परिक विश्वास को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत-साइप्रस संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं, कनेक्टिविटी तथा समुद्री सहयोग जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि साइप्रस भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रमुख स्रोतों में बना हुआ है। साइप्रस की कंपनियाँ भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार में लगातार बढ़ती दिलचस्पी दिखा रही हैं। भारत का विशाल बाजार, डिजिटल परिवर्तन, अवसंरचना और विनिर्माण क्षमताएँ साइप्रस की कंपनियों और निवेशकों के लिए अपार अवसर प्रदान करती हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार भारत-साइप्रस संबंधों के सबसे दूरदर्शी क्षेत्रों के रूप में उभरकर सामने आए हैं। भारत की युवा प्रतिभा, तकनीकी क्षमताएँ और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, साइप्रस के नवाचार इकोसिस्टम के पूरक बन सकते हैं। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष, सतत विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोपीय संघ परिषद की अपनी अध्यक्षता के दौरान साइप्रस विशेष रूप से, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के बाद, भारत और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग को और अधिक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्रपति ने सीमा-पार आतंकवाद और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साइप्रस के समर्थन की सराहना की। उन्होंने साइप्रस की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के अटूट समर्थन को दोहराया।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और साइप्रस के बीच घनिष्ठ सहयोग हमारे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।
राष्ट्रपति का भाषण देखने के लिए कृपया यहां क्लिक कीजिए -
***
पीके/केसी/आरके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2264423)
आगंतुक पटल : 76