वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

भारत की ओर से मुंबई में किम्बर्ले प्रोसेस अंतरसत्रीय बैठक 2026 का आयोजन


किम्बर्ले प्रोसेस की बैठक निगरानी, अनुपालन और टिकाऊ हीरा व्यापार पर केंद्रित

प्रविष्टि तिथि: 12 MAY 2026 11:19AM by PIB Delhi

मुंबई में भारत की अध्यक्षता में किम्बर्ले प्रोसेस (केपी) की अंतरसत्रीय बैठक 2026 का शुभारंभ हुआ। 11 से 14 मई, 2026 तक आयोजित इस बैठक में किम्बर्ले प्रोसेस के प्रतिभागियों, पर्यवेक्षकों और उद्योग जगत के हितधारकों के प्रतिनिधि वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक हीरों के व्यापार से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्र हुए हैं।

केपी चेयर 2026 श्री सुचिंद्र मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किम्बर्ले प्रोसेस ने शांति को बढ़ावा देने, आजीविका की रक्षा करने और उत्पादक देशों के बीच वैध हीरा व्यापार को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस प्रणाली में विश्वास को और मजबूत करने, प्रतिभागियों के बीच सहयोग बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में किम्बर्ले प्रोसेस प्रासंगिक और प्रभावी बना रहे। उन्होंने यह भी बताया कि प्राकृतिक हीरे टिकाऊ उत्पाद हैं और किम्बर्ले प्रोसेस विश्व स्तर पर सबसे प्रगतिशील प्रमाणन प्रणालियों में से एक बना हुआ है।

अंतरसत्रीय बैठक के दौरान आगामी दिनों में विभिन्न कार्य समूहों और समितियों की चर्चाएं और बैठकें होंगी। इस दौरान होने वाले विचार-विमर्श किम्बर्ले प्रोसेस प्रमाणन योजना के कार्यान्वयन, निगरानी और अनुपालन तंत्र, पारंपरिक और जलोढ़ हीरे के उत्पादन, सांख्यिकी और प्राकृतिक हीरा मूल्य श्रृंखला में विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए उपायों पर केंद्रित होंगे। अंतरसत्रीय बैठक की कार्यवाही 14 मई 2026 तक जारी रहेगी।

इस बैठक में प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों को वैध तरीके से प्राप्त प्राकृतिक हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए उभरती चुनौतियों और सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलने की भी उम्मीद है।

अंतर-सत्रीय बैठक में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किम्बर्ले प्रोसेस में भाग लेने वाले प्रतिनिधि, विश्व हीरा परिषद के सदस्य, नागरिक समाज गठबंधन के सदस्य और अन्य हितधारक भाग ले रहे हैं।

2026 में इस संगठन के लिए भारत की अध्यक्षता का विषय प्राकृतिक हीरा क्षेत्र में 3सी पर केंद्रित है जिनका अर्थ है विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास। इसमें रचनात्मक संवाद और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भविष्य में विश्वसनीय रूप से प्राप्त प्राकृतिक हीरों के व्यवसाय को मजबूत करने पर बल दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प 55/56 (2000) के अंतर्गत स्थापित किम्बर्ले प्रोसेस प्रमाणन योजना (केपीसीएस) एक अंतरराष्ट्रीय पहल है। इसका उद्देश्य संघर्ष वाले क्षेत्रों से अवैध तरीके से प्राप्त हीरों का वैध हीरा व्यापार में प्रवेश रोकना है। अभी किम्बर्ले प्रोसेस में 60 प्रतिभागी 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनमें यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देश एकल समूह के रूप में शामिल हैं।

भारत ने 1 जनवरी 2026 को किम्बर्ले प्रोसेस की अध्यक्षता ग्रहण की। इससे वैश्विक हीरा क्षेत्र में उत्तरदायित्वपूर्ण तरीके से हीरे के स्रोतों के निर्धारण, पारदर्शिता और स्थिरता को सुदृढ़ करने की देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई। भारत हीरे की कटाई और पॉलिश करने के विश्व के अग्रणी केंद्रों में से एक होने के नाते किम्बर्ले प्रोसेस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

***

पीके/केसी/केके/एमयू


(रिलीज़ आईडी: 2260170) आगंतुक पटल : 348
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Gujarati , Tamil , Telugu , Malayalam