पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के परिप्रेक्ष्य में प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित अद्यतन जानकारी
एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध जारी, बीते कल 52.3 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों का वितरण
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज किए, 219 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया, 56 की डिस्ट्रीब्यूटरशिप निलंबित किए गए
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज किए, 219 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया, 56 वितरकों के डिस्ट्रीब्यूटरशिप निलंबित किए गए
मार्च 2026 से अब तक 4.24 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन शुरू, 4.66 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया
देशभर में बंदरगाहों का परिचालन सामान्य, कहीं से भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं
क्षेत्र में मौजूद भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए प्रयास तेज
28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 8.97 लाख यात्रियों का भारत आगमन
प्रविष्टि तिथि:
12 APR 2026 4:51PM by PIB Delhi
पश्चिम एशिया की उभरती परिस्थितियों को देखते हुए, भारत सरकार लगातार वहां के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कदम उठा रही है। निम्नलिखित विवरण ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए किए जा रहे उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है:
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की निर्बाध उपलब्धता
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर जानकारी साझा की है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावित करने वाले हालिया घटनाक्रमों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों की रूपरेखा दी गई है। इसमें निम्नलिखित बातों को रेखांकित किया गया है:
जनहित में परामर्श और नागरिकों के लिए जागरूकता
- नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के अनावश्यक भंडारण से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
- एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।
- नागरिकों को पीएनजी और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- सभी नागरिकों से आग्रह है कि वर्तमान स्थिति के दौरान अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा का संरक्षण करें।
सरकार की कार्ययोजना और सुचारू आपूर्ति के उपाय
- मौजूदा जियो पॉलिटिकल स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उच्च प्राथमिकता सुनिश्चित की है।
- सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई सुधारात्मक उपाय लागू किए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग अंतराल को शहरी क्षेत्रों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना तथा आपूर्ति के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का निर्धारण करना शामिल है।
- एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए मिट्टी के तेल (केरोसिन) और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
- कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को निर्देश दिया है कि वे लघु एवं मध्यम श्रेणी के उपभोक्ता को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करें।
- राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करें।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वित प्रयास और संस्थागत तंत्र
- राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सशक्त बनाया गया है।
- भारत सरकार ने 27.03.2026 और 02.04.2026 के अपने पत्रों के माध्यम से नागरिकों को ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता के प्रति आश्वस्त करने के लिए सक्रिय जन-संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी संदर्भ में, 02.04.2026 (सचिव, एमओपीएनजी की अध्यक्षता में) और 06.04.2026 (सचिव, एमओपीएनजी के साथ सूचना एवं प्रसारण और उपभोक्ता मामलों के सचिवों की अध्यक्षता में) बैठकें बुलाई गईं, जिनमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया:
- दैनिक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करना और नियमित रूप से सार्वजनिक परामर्श जारी करना।
- सोशल मीडिया पर फ़ेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों की सक्रियता से निगरानी करना और उनका खंडन करना।
- जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय में छापेमारी और निरीक्षण जारी रखना।
- अपने संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त केरोसिन के लिए आवंटन आदेश जारी करना।
- पीएनजी अपनाने और वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देना।
- एलपीजी आपूर्ति, विशेष रूप से घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना और आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों का लक्षित वितरण अपनाना।
- सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियों का गठन किया है।
- वर्तमान में, 24 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग जारी कर रहे हैं।
प्रवर्तन और निरंतर निगरानी की कार्यवाही
- एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देश भर में कार्यवाही जारी है। 11.04.2026 को पूरे देश में 2700 से अधिक छापेमारी की गई।
- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण की प्रक्रिया को और मजबूत करते हुए इसे जारी रखा है। अब तक 219 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है और 56 वितरकों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित कर दिया गया है।
एलपीजी आपूर्ति
घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति:
- मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है।
- एलपीजी वितरकों के पास स्टॉक खत्म होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
- पूरे उद्योग में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग बढ़कर लगभग 98 प्रतिशत हो गई है।
- आपूर्ति के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी बढ़कर लगभग 93 प्रतिशत हो गई है।
- घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है।
- 11.04.2026 को देश भर में 52.3 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति और आवंटन के उपाय:
- कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को बढ़ाकर संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबद्ध आवंटन शामिल है।
- भारत सरकार ने 06.04.2026 के पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरण के लिए उपलब्ध 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को दोगुना किया जा रहा है। यह वृद्धि 21.03.2026 के पत्र में उल्लिखित 20 प्रतिशत की सीमा से ऊपर है और इसका आधार 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई औसत दैनिक आपूर्ति है। ये 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर तेल विपणन कंपनियों की सहायता से केवल प्रवासी श्रमिकों को आपूर्ति करने हेतु राज्य सरकार के पास उपलब्ध रहेंगे।
- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पिछले 8 दिनों के दौरान 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों के लिए लगभग 3300 जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 35,800 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री भी हुई।
- फरवरी-2026 के 77,000 के दैनिक औसत के मुकाबले 11.04.2026 को देश भर में 1 लाख से अधिक 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई।
- 23 मार्च 2026 से अब तक 13 लाख से अधिक 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री की जा चुकी है।
- आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति वाणिज्यिक एलपीजी वितरण की योजना बनाने के लिए राज्य अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है।
- 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 1,20,898 एमटी (जो 19 किलो के 63.6 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई है।
- 11.04.2026 को 7665 एमटी वाणिज्यिक एलपीजी (जो 19 किलो के 4 लाख से अधिक सिलेंडरों के बराबर है) की बिक्री की गई।
प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और पीएनजी नेटवर्क विस्तार के प्रयास
- उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन के लिए शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
- उपलब्ध इन्वेंट्री और निर्धारित एलएनजी कार्गो के आगमन के आधार पर, उर्वरक संयंत्रों को कुल गैस आवंटन में 5 प्रतिशत की और वृद्धि की जा रही है, जिससे यह 09.04.2026 से उनके छह महीने के औसत उपभोग के लगभग 95 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा।
- सीजीडी संस्थाओं को सलाह दी गई है कि वे होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें, ताकि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता संबंधी चिंताओं को दूर किया जा सके।
- आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन दे रही हैं।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी नेटवर्क के विस्तार के लिए आवश्यक अनुमोदनों में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है।
- भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन की पेशकश की है, बशर्ते वे एलपीजी से पीएनजी की ओर दीर्घकालिक परिवर्तन में सहायता करें।
- 21 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पहले से ही पीएनजी विस्तार सुधारों से जुड़ा अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन प्राप्त कर रहे हैं।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने आवेदनों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के लिए तीन महीने हेतु सीजीडी बुनियादी ढांचे के लिए एक त्वरित अनुमोदन ढांचा अपनाया है।
- भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत 24.03.2026 को 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से) आदेश, 2026' अधिसूचित किया है। यह आदेश देश भर में पाइपलाइन बिछाने और विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है, इससे अनुमोदन प्राप्त करने और भूमि अधिग्रहण की बाधाएं दूर होंगी, जिससे कार्य में तेजी आएगी। इससे आवासीय क्षेत्रों सहित प्राकृतिक गैस बुनियादी ढांचे के तेजी से विकास में मदद मिलेगी।
- पीएनजीआरबी ने पीएनजी विस्तार की गति को बनाए रखने के लिए 'नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0' को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है।
- एक स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य को प्रोत्साहित करने के लिए, भारत सरकार ने एक 'मॉडल ड्राफ्ट स्टेट सीबीजी पॉलिसी' विकसित की है। इस मॉडल नीति का उद्देश्य राज्यों को सीबीजी विकास के लिए अपना निवेशक-अनुकूल और कार्यान्वयन-उन्मुख इकोसिस्टम बनाने में सक्षम बनाना है। जो राज्य इसे अपनाएंगे, उन्हें वाणिज्यिक एलपीजी के अगले अतिरिक्त आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।
- मार्च 2026 से अब तक 4.24 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन शुरू किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 4.66 लाख से अधिक ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
- 11.04.2026 तक, 30,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
कच्चे तेल की उपलब्धता और रिफाइनरियों की परिचालन स्थिति
- सभी रिफाइनरियां कच्चे तेल के पर्याप्त भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।
- घरेलू खपत को सहारा देने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि की गई है।
- भारत सरकार ने 01.04.2026 के आदेश के माध्यम से पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित भारत की रिफाइनिंग कंपनियों को फार्मास्यूटिकल्स विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए C3 और C4 स्ट्रीम की निश्चित न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। उपरोक्त विभागों से संबंधित कंपनियों के लिए 800 एमटी प्रतिदिन का प्रावधान किया गया है।
ईंधन की खुदरा उपलब्धता और कीमतों पर नियंत्रण हेतु उठाए गए कदम
- देश भर के खुदरा आउटलेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
- मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है; हालाँकि, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।
- भारत सरकार ने 11.04.2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से डीजल पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 55.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, ताकि घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
- पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और खुदरा आउटलेट्स पर कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
केरोसिन की उपलब्धता और वितरण के उपाय
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 केएल केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन प्रदान किया गया है।
- 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने किसी भी आवश्यकता न होने का संकेत दिया है।
समुद्री सुरक्षा और शिपिंग परिचालन
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा क्षेत्र में परिचालन कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि:
- क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना नहीं मिली है।
- शिपिंग कंट्रोल रूम 24x7 क्रियाशील है और सक्रिय होने के बाद से इसने 6,053 कॉल और 12,787 से अधिक ईमेल का समाधान किया है। पिछले 24 घंटों में, 80 कॉल और 112 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
- मंत्रालय ने शिपिंग महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,084 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों के दौरान खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से लौटे 75 नाविक शामिल हैं।
- पूरे भारत में बंदरगाह संचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं से भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
- मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ समन्वय जारी रखे हुए है।
क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
पूरे क्षेत्र में, भारतीय मिशन और पोस्ट भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं, साथ ही उनकी सुरक्षा और कुशलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सहायता प्रदान कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र के घटनाक्रमों की लगातार बारीकी से निगरानी कर रही है।
- सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान और समन्वय के लिए विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क में है।
- सभी प्रयास इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
- भारतीय मिशन और पोस्ट चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं और भारतीय नागरिकों की सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं।
- स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा की स्थिति तथा कांसुलर सेवाओं की जानकारी सहित अद्यतन परामर्श नियमित रूप से जारी किए जा रहे हैं।
- हमारे मिशन इस क्षेत्र में भारतीय सामुदायिक संगठनों, पेशेवर समूहों, भारतीय कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
- उन देशों से उड़ानें संचालित हो रही हैं जहाँ हवाई क्षेत्र खुला है। 28 फरवरी से अब तक, क्षेत्र से लगभग 8,97,000 यात्री भारत आ चुके हैं।
- यूएई में, एयरलाइंस परिचालन और सुरक्षा कारणों के आधार पर भारत और यूएई के बीच सीमित विशेष व्यावसायिक उड़ानें संचालित कर रही हैं, आज लगभग 95 उड़ानों की उम्मीद है।
- सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं।
- कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला होने के कारण, कतर एयरवेज द्वारा आज भारत के लिए लगभग 8-10 उड़ानें संचालित किए जाने की उम्मीद है।
- कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद है। कुवैत की जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के लिए सीमित विशेष व्यावसायिक उड़ानें संचालित कर रही हैं। कुवैत से भारतीय नागरिकों की यात्रा सऊदी अरब के माध्यम से सुगम बनाई जा रही है।
- बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। गल्फ एयर द्वारा जल्द ही बहरीन से भारत के लिए सीमित उड़ानें शुरू किए जाने की उम्मीद है; वर्तमान में यह सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के लिए गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही है। बहरीन से भारतीय नागरिकों की यात्रा को सऊदी अरब के रास्ते भारत के लिए सुगम बनाया जा रहा है।
- ईरान का हवाई क्षेत्र बंद है। हम आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों की भारत वापसी की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
- इजरायल का हवाई क्षेत्र बंद है। भारतीय नागरिकों की यात्रा जॉर्डन और मिस्र के माध्यम से सुगम बनाई जा रही है।
- इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ान संचालन के साथ खुला है। यहाँ से भारतीय नागरिकों की यात्रा जॉर्डन और सऊदी अरब के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2251338)
आगंतुक पटल : 231
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