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केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 (एनएमपी  2.0) का शुभारंभ किया


एनएमपी 2.0, विकसित भारत पहल की अवसंरचना विकास योजनाओं के अनुरूप है: केंद्रीय वित्त मंत्री

एनएमपी 2.0 ने 16.72 लाख करोड़ रुपये की मुद्रीकरण क्षमता का अनुमान लगाया है

प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2026 7:49PM by PIB Delhi

केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के दूसरे चरण - 'राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 (एनएमपी 2.0)' का शुभारंभ किया। अवसंरचना से जुड़े मंत्रालयों की सलाह से, नीति आयोग ने ‘परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना 2025-30' के कार्यादेश के आधार पर पाइपलाइन के दूसरे चरण को विकसित किया है, जिसके बारे में केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषणा की गयी थी।

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एनएमपी 2.0 ने वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 तक की पांच वर्षीय अवधि के लिए ₹16.72 लाख करोड़ की कुल मुद्रीकरण संभावनाओं का अनुमान लगाया है, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत निजी क्षेत्र के निवेश का ₹5.8 लाख करोड़ शामिल है।

एनएमपी 2.0 आज नीति आयोग के सीईओ और पाइपलाइन में शामिल अवसंरचना से संबंधित मंत्रालयों — सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नागरिक उड्डयन, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, दूरसंचार, पर्यटन, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, खनन, कोयला और आवास एवं शहरी कार्य के सचिवों — के साथ-साथ वित्त मंत्रालय के सचिव, विधि सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार की उपस्थिति में जारी किया गया।

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शुभारंभ कार्यक्रम के अपने संबोधन में, केंद्रीय वित्त मंत्री ने एनएमपी 1.0 के कार्यान्वयन में 4 वर्षों के लिए निर्धारित 6 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य का लगभग 90% पूरा करने के लिए सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों और नीति आयोग की सराहना की।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि एनएमपी 2.0 तेज़ी से अवसंरचना विकास के माध्यम से विकसित भारत हासिल करने के मिशन के अनुरूप है और कि एनएमपी के पास भारत की विकास गति को बढ़ावा देने की क्षमता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि एनएमपी 1.0 अपने प्रकार की पहली बड़े पैमाने की पाइपलाइन थी और इस दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा सीखे गए सर्वोत्तम अभ्यासों का लाभ एनएमपी 2.0 में उठाया जाना चाहिए। श्रीमती सीतारमण ने उल्लेख किया कि एनएमपी 1.0 के अनुभव और सीख, मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी ताकि संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग कर समयबद्ध तरीके से परिणाम प्राप्त किए जा सकें। केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी विभागों से कहा कि वे प्रक्रिया सरलीकरण और मानकीकरण पर ध्यान दें ताकि मुद्रीकरण निर्बाध और सहज अनुभव बन सके।

श्रीमती सीतारमण ने यह भी उल्लेख किया कि पांच साल के परिसंपत्ति मुद्रीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 16.7 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो एनएमपी 1.0 के लक्ष्य से 2.6 गुना अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय/विभाग को सक्रिय प्रयासों के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को पार करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

परिसंपत्ति मुद्रीकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि एनएमपी उत्पादक सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्चक्रण की सुविधा देता है, जिससे नई परियोजनाओं और पूंजीगत व्यय के लिए के लिए संसाधन प्राप्त होते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि यह दृष्टिकोण सार्वजनिक संपत्तियों में पूंजीगत व्यय के लिए फंड की कुशल उपलब्धता को सुगम बनाता है, जबकि सरकार की बजटीय निकासी को न्यूनतम करता है।

एनएमपी 2.0; नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और संबंधित मंत्रालयों द्वारा किए गए बहु-हितधारक परामर्शों के माध्यम से प्राप्त अंतर्दृष्टि, प्रतिक्रिया और अनुभवों की परिणति है। नीति आयोग द्वारा हितधारकों के साथ कई दौर की चर्चाएँ आयोजित की गई हैं। यह संपूर्ण सरकार की एक पहल है।

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में संपत्ति मुद्रीकरण पर सचिवों का एक सशक्त कोर समूह (सीजीएएम) परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी करेगा। सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि बेहतर अवसंरचना गुणवत्ता और संचालन एवं रखरखाव के माध्यम से परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम को सार्वजनिक क्षेत्र और निजी निवेशकों/विकासकर्ताओं, दोनों के लिए मूल्य संवर्धक प्रस्ताव बनाया जाए,।

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राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 के बारे में

पहले परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन की सफलता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बजट 2025-26 ने सार्वजनिक संपत्तियों, जो परिचालन में हैं, के मुद्रीकरण की पहचान सतत अवसंरचना वित्तपोषण के एक प्रमुख साधन के रूप में की। इसके लिए, बजट ने 'राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 (एनएमपी P 2.0)' तैयार करने की व्यवस्था की। नीति आयोग ने अवसंरचना से संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से एनएमपी 2.0 पर रिपोर्ट तैयार की है।

एनएमपी 2.0 का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति मालिकों के लिए कार्यक्रम का एक मध्यम-अवधि का रोडमैप प्रदान करना है; साथ ही निजी क्षेत्र के लिए संभावित संपत्तियों की दृश्यता भी उपलब्ध कराना है। एनएमपी 2.0 पर रिपोर्ट की संरचना एक मार्गदर्शन पुस्तक के रूप में तैयार की गयी है, जिसमें कार्यप्रणाली और मुद्रीकरण के लिए रोडमैप का विवरण दिया गया है।

फ्रेमवर्क: एनएमपी 2.0, व्यापक रूप से एनएमपी 1.0 में प्रस्तुत परिसंपत्ति मुद्रीकरण की अवधारणा का पालन करेगा। परिसंपत्ति मुद्रीकरण में निम्नलिखित तत्व शामिल होंगे, जैसे सीमित अवधि के लिए संपत्तियों का हस्तांतरण, अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए सूचीबद्ध संस्थाओं के हिस्सों का विनिवेश, नकदी प्रवाह का प्रतिभूतिकरण या रणनीतिक व्यावसायिक नीलामी।

एनएमपी 2.0 के तहत मुद्रीकरण की संभावनाओं के अनुमान के लिए दृष्टिकोण को पांच चरणों में विभाजित किया गया है:

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परिसंपत्ति मुद्रीकरण परियोजनाओं से प्राप्त आय को चार अलग-अलग मदों में आवंटित किया जाता है, जो परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी के साथ-साथ परियोजना के मुद्रीकरण के तरीके पर निर्भर करता है।

भारत की संचित निधि: केंद्रीय मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित मुद्रीकरण परियोजना से किसी भी प्रकार का सरकारी राजस्व (उदाहरण के लिए, राजस्व हिस्सेदारी, प्रीमियम, पट्टा किराया, रॉयल्टी) भारत की संचित निधि में जमा किया जाएगा।

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/पत्तन प्राधिकरण आवंटन: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किए गए मुद्रीकरण गतिविधियों से प्राप्त होने वाली आय संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को प्राप्त होगी (प्रमुख पत्तन प्राधिकरणों के लिए समान नियम लागू होंगे)।

राज्य संचित निधि: एनएमपी 2.0 के तहत कुछ परियोजनाओं से राज्य सरकारों, विशेष रूप से खानों और कोयला क्षेत्रों (रॉयल्टी भुगतान) से संबंधित, को राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। यह आय राज्य संचित निधि में जमा होगी।

प्रत्यक्ष निवेश (निजी): इस मद में उन मुद्रीकरण परियोजनाओं में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए निवेश को शामिल किया जाएगा, जिनमें निर्माण और/या बड़े पैमाने के रखरखाव घटक शामिल हैं।

एनएमपी 2.0 लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026-2030 की पांच साल की अवधि के लिए एनएमपी 2.0 के तहत कुल परिसंपत्ति पाइपलाइन का अनुमानित मूल्य 16.72 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 5.8 लाख करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश शामिल है। शामिल किए गए क्षेत्र हैं: राजमार्ग (एमएमएलपी, रोपवे सहित), रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नागरिक उड्डयन, पत्तन, गोदाम और भंडारण, शहरी अवसंरचना, कोयला, खनन, दूरसंचार और पर्यटन।

निम्नलिखित तालिकाएँ - तालिका-1 और तालिका-2 क्रमशः पूरे पांच साल की अवधि के लिए एनएमपी 2.0 के तहत क्षेत्रीय लक्ष्यों का विवरण और एनएमपी 2.0 लक्ष्यों का क्षेत्रवार वार्षिक चरणबद्ध विवरण प्रदान करती हैं।

सारणी-1: वित्त वर्ष 2026-30 के दौरान एनएमपी 2.0 का क्षेत्र-वार लक्ष्य (करोड़ रुपये में)

क्रमांक

क्षेत्र

कुल मुद्रीकरण मूल्य (टीएमवी)

कुल का प्रतिशत

1.

राजमार्ग, एमएमएलपी, रोपवे

4,42,000

26%

2.

रेलवे

2,62,300

16%

3.

विद्युत

2,76,500

17%

4.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

16,300

1%

5.

नागरिक उड्डयन

27,500

2%

6.

पत्तन

2,63,700

16%

7.

भंडारण और गोदाम

10,000

1%

8.

शहरी अवसंरचना

52,000

3%

9.

कोयला

2,16,000

13%

10.

खान

1,00,000

6%

11.

दूरसंचार

4,800

0.3%

12.

पर्यटन

1,200

0.1%

 

कुल

   

 

सारणी 2: एनएमपी 2.0; कुल मुद्रीकरण मूल्य  का चरणबद्ध वितरण, वित्त वर्ष 26 – वित्त वर्ष 30

क्रमांक

क्षेत्र

वित्त वर्ष 26

वित्त वर्ष 27

वित्त वर्ष 28

वित्त वर्ष 29

वित्त वर्ष 30

कुल

1.

राजमार्ग, एमएमएलपी, रोपवे

59,140

68,770

91,800

1,04,430

1,17,860

4,42,000

2.

रेलवे

40,580

58,451

50,464

59,214

53,591

2,62,300

3.

विद्युत

49,900

54,450

62,700

54,725

54,725

2,76,500

4.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

4,240

4,288

4,658

1,557

1,557

16,300

5.

नागरिक उड्डयन

-

9,083

5,537

4,034

8,846

27,500

6.

पत्तन

40,854

55,729

55,729

55,729

55,659

2,63,700

7.

भंडारण और गोदाम

4,318

1,813

1,941

958

970

10,000

8.

शहरी रियल एस्टेट

-

5,000

5,000

21,000

21,000

52,000

9.

कोयला

31,540

48,170

47,580

45,230

43,480

2,16,000

10.

खान

18,101

18,986

19,963

20,940

22,010

1,00,000

11.

दूरसंचार

820

875

940

1,035

1,130

4,800

12.

पर्यटन

-

820

-

-

380

1,200

 

कुल

2,49,493

3,26,435

3,46,312

3,68,852

3,81,208

16,72,300

 

अनुमान है कि एनएमपी 2.0 के तहत प्राप्त होने वाली आय का सबसे बड़ा हिस्सा भारत की संचित निधि में जाएगा, इसके बाद सीधा निवेश (निजी), पीएसयू या पत्तन प्राधिकरण आवंटन और राज्य संचित निधि का हिस्सा होगा।

एनएमपी 2.0 के तहत पहचान की गयी परिसंपत्तियों और लेनदेन को विभिन्न साधनों के माध्यम से लागू किये जाने की उम्मीद है, जिसमें प्रत्यक्ष संविदात्मक साधन जैसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी संविदाएँ, पूंजी बाजार साधन जैसे अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इन्विट) आदि शामिल हैं। साधन का चयन; क्षेत्र, परिसंपत्ति का प्रकार, लेनदेन का समय (बाज़ार पर विचार सहित), लक्षित निवेशक प्रोफ़ाइल और परिचालन/निवेश नियंत्रण का स्तर, जो परिसंपत्ति धारक के पास होने की उम्मीद है, आदि पर निर्भर करेगा।

एनएमपी 2.0 के तहत मूल्यांकित मुद्रीकरण संभावनाएँ संकेतात्मक हैं और वास्तविक लेनदेन के समय परिवर्तन के अधीन हैं।

पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें: https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-02/National-Monetisation-Pipeline.pdf

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पीके/केसी/जेके    


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