महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
भारत ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र में भाग लिया
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने "समन्वित, न्यायसंगत और समावेशी नीतियों के माध्यम से सामाजिक विकास और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने" पर राष्ट्रीय वक्तव्य दिया
श्रीमती सावित्री ठाकुर ने भारत के अधिकार-आधारित और समग्र समाज-केंद्रित सबका साथ-सबका विकास दृष्टिकोण का उल्लेख किया
प्रविष्टि तिथि:
03 FEB 2026 2:54AM by PIB Delhi
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक विकास आयोग (सीएसओसीडी) के 64वें सत्र में समावेशी और अधिकार-आधारित सामाजिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि भारत में सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण संवैधानिक गारंटियों पर आधारित हैं और देश के दीर्घकालिक दृष्टिकोण "विकसित भारत 2047" के अनुरूप हैं।
उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास" के मार्गदर्शक सिद्धांत का उल्लेख किया जिसमें सरकार और समाज के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी पीछे न छूटे।
श्रीमती ठाकुर ने व्यापकता, समावेशिता और अंतिम सिरे तक वितरण को प्रदर्शित करने वाली प्रमुख राष्ट्रीय पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की:
- दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय बुनियादी ढांचा और आवासीय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों और लड़कों की शिक्षा में समान भागीदारी सुनिश्चित करना।
- पाइप द्वारा पेयजल, स्वच्छ खाना पकाने की ऊर्जा और स्वच्छता सुविधाओं सहित बुनियादी सेवाओं का व्यापक स्तर पर विस्तार, जिससे महिलाओं और कमजोर समुदायों को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे।
- करोड़ों बैंक खातों के माध्यम से वित्तीय समावेशन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया गया है, जिसमें महिलाएं उद्यमिता और ऋण योजनाओं की प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरी हैं।
- समर्पित हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी सुरक्षा और सहायता तंत्र।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के व्यापक कार्यक्रम 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच रहे हैं।
- बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असंगठित श्रमिकों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विस्तारित सामाजिक सुरक्षा और लक्षित योजनाएं।
भारत ने सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की भूमिका का उल्लेख किया।
वैश्विक चुनौतियों के लिए सामूहिक प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत ने सामाजिक विकास मॉडलों पर प्रगति में तेजी लाने के लिए मजबूत बहुपक्षीय सहयोग, क्षमता निर्माण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए समर्थन व्यक्त किया।
64वें सत्र की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टीना हायोविशन ने की। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव सुश्री अमीना जे मोहम्मद, महासभा की अध्यक्ष महामहिम अन्नालेना बेरबॉक, ईकोसोका की अध्यक्ष और नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत लोकबहादुर थापा, डीईएसए की नीति समन्वय सलाहकार सुश्री ब्योर्ग सैंडकेयर और सामाजिक विकास पर एनजीओ समिति की अध्यक्ष सुश्री जिलियन डिसूजा-नाजारेथ ने सत्र को संबोधित किया। सत्र में 100 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने भाग लिया।
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पीके/केसी/एसएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2222449)
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