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भारतीय नौसेना लक्षद्वीप द्वीप समूह में संयुक्त सेवा बहु-विशेषज्ञता शिविर का आयोजन करेगी।

प्रविष्टि तिथि: 10 JAN 2026 2:45PM by PIB Delhi

भारतीय नौसेना 12 से 16 जनवरी 2026 तक केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में एक संयुक्त सेवा बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का आयोजन कर रही है। यह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सामुदायिक कल्याण और सतत नागरिक-सैन्य सहयोग के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पांच दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का औपचारिक उद्घाटन नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे। इसका उद्देश्य लक्षद्वीप के निवासियों को विशेषज्ञ परामर्श, उपचार सेवाओं और मोतियाबिंद सर्जरी सहित चुनिंदा शल्य चिकित्सा के माध्यम से व्यापक चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है।

यह पहल भारतीय नौसेना के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत नौसेना दिवस के अवसर पर नियमित रूप से शिविर आयोजित करके लक्षद्वीप द्वीप समूह में मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं को सहायता और बढ़ावा दिया जाता है। इन चिकित्सा शिविरों में पिछले कुछ वर्षों में, लक्षद्वीप के अधिकांश द्वीपों में आयोजित विभिन्न प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं और दंत शल्य चिकित्सा सेवाएं शामिल थी। स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रगति, यूटीएल प्रशासन के निरंतर सहयोग और स्थानीय लोगों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया के चलते इस स्वास्थ्य शिविर को बहु-विशेषज्ञता शिविर में परिवर्तित कर दिया गया है।

लक्षद्वीप में एक सुस्थापित सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली है जिसमें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं। यह बहु-विशेषज्ञता स्वास्थ्य शिविर इन सेवाओं के पूरक के रूप में बनाया गया है साथ ही समन्वित और रोगी-केंद्रित तरीके से विशेषज्ञ और अति-विशेषज्ञ चिकित्सा विशेषज्ञता तक पहुंच प्रदान करता है। इसमें सामान्य और दीर्घकालिक बीमारियों के शीघ्र निदान, समय पर उपचार और उचित नैदानिक ​​प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।

यह शिविर अगाटी, कवरत्ती, एंड्रोथ, अमिनी और मिनिकॉय द्वीपों में आयोजित किया जाएगा। इसका संचालन भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के अनुभवी चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों वाले एक संयुक्त सेवा चिकित्सा दल द्वारा किया जाएगा। तीनों सेवाओं के पेशेवरों की भागीदारी से नैदानिक ​​विशेषज्ञता का व्यापक दायरा सुनिश्चित होगा जिससे शिविर की अवधि के दौरान व्यापक और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना संभव होगा।

दंत शल्य चिकित्सा सहित कई बुनियादी विशिष्टताओं और कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी कुछ अति-विशिष्टताओं में चिकित्सा परामर्श प्रदान किए जाएंगे।

बाह्य रोगी परामर्श के अलावा, शिविर के दौरान शल्य चिकित्सा दल द्वारा मोतियाबिंद की सर्जरी और चुनिंदा सामान्य शल्य चिकित्सा की जाएंगी। ये स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से की जाएंगी। शिविर के शल्य चिकित्सा से ऑपरेशन की आवश्यकता वाले रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। द्वीपों में चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा जांच पहले से ही चल रही है।

चिकित्सा दल शिविर की अवधि समाप्त होने के बाद भी उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अनुवर्ती देखभाल संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे। उपचारात्मक और शल्य चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ, शिविर में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष बल दिया जाएगा। चिकित्सा अधिकारी जीवनशैली संबंधी समस्याओं, मातृ एवं शिशु संबंधी स्वास्थ्य मुद्दों, पोषण और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर चर्चा करने के लिए समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे।

भारतीय नौसेना की मानवीय सहायता, आपदा राहत और सामुदायिक सहायता पहलों में योगदान देने की एक लंबी परंपरा रही है। लक्षद्वीप स्वास्थ्य शिविर सेवा और जनसंपर्क की इस परंपरा को आगे बढ़ाता है। उद्घाटन समारोह में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता उपस्थित रहेंगे जिनमें दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और नौसेना चिकित्सा सेवा महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यूटीएल के प्रशासक के सलाहकार और लक्षद्वीप प्रशासन एवं सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

चिकित्सा सहायता कार्यक्रम भारतीय नौसेना की राष्ट्र सेवा की भावना का अभिन्न अंग है। 12 से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस शिविर से बड़ी संख्या में निवासियों को लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे भारतीय नौसेना और लक्षद्वीप के लोगों के बीच साझा विश्वास और सद्भावना को और मजबूती मिलेगी।

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पीके/केसी/पीपी/आर


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