पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav g20-india-2023

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने हरित पत्तन दिशानिर्देश 2023 'हरित सागर' का शुभारंभ किया


'हरित सागर दिशानिर्देश 2023' पत्तन विकास, संचालन और रखरखाव में इकोसिस्टम के साथ कार्य कुशलता बढ़ाने की परिकल्पना पर आधारित है

अनेक बंदरगाह हरित पहल कर रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा घोषित 'पंचामृत' वचनबद्धताओं को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल

विभिन्न पत्तन परिचालन संबंधी मापदंडों में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रमुख बंदरगाहों को 'सागर श्रेष्ठ सम्मान' पुरस्कार भी प्रदान किए गए

Posted On: 10 MAY 2023 4:18PM by PIB Delhi

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने के व्यापक दृष्टिकोण को पूरा करने के उद्देश्य से हरित पत्तन दिशानिर्देश 2023 'हरित सागर' का शुभारंभ किया गया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री श्री श्रीपद वाई. नाइक तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में दिशानिर्देश जारी किए।

हरित सागर दिशानिर्देश- 2023 'प्रकृति के साथ कार्य करने' की अवधारणा के साथ स्वयं को आगे बढ़ाते हुए और पोर्ट इकोसिस्टम के जैविक घटकों पर प्रभाव को कम करने की भावना के साथ बंदरगाह के विकास, संचालन व रखरखाव में इकोसिस्टम की कार्य क्षमता बढ़ाने की परिकल्पना करता है। यह पहल पत्तन संचालन में स्वच्छ/हरित ऊर्जा के उपयोग, भंडारण के लिए बंदरगाह क्षमता विकसित करने, हरित ईंधनों जैसे ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, ग्रीन मेथनॉल/इथेनॉल इत्यादि के कुशल प्रबंधन और सुरक्षित इस्तेमाल करने पर जोर देता है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001YV0K.jpg

ये दिशानिर्देश प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के लक्ष्य के साथ एक रूपरेखा प्रदान करते हैं, जो निर्धारित समयसीमा में कार्बन उत्सर्जन की मात्रा में कमी लाने के संदर्भ में लक्षित परिणामों को प्राप्त करने के उद्देश्य से हरित गतिविधियों पर केंद्रित योजना कार्यान्वयन तथा करीबी निगरानी के माध्यम से और अधिक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए अवसर लेकर आते हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज के आयोजन के दौरान कहा कि बंदरगाह हरित पहल कर रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा घोषित 'पंचामृत' वचनबद्धताओं को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। "हरित सागर" दिशानिर्देश -2023 हमारे प्रमुख पत्तनों के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करते हैं, जो उन्हें निर्धारित समयसीमा में कार्बन उत्सर्जन में मात्रात्मक कमी प्राप्त करने के उद्देश्य से एक व्यापक कार्य योजना बनाने के लिए सशक्त करते हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002G8ZX.jpg

इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य पर्यावरणीय प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर बंदरगाह संचालन से शून्य अपशिष्ट निर्वहन प्राप्त करने और निगरानी को बढ़ावा देने के लिए अपशिष्ट को न्यूनतम करना, पुनः चक्रित करना, पुनरावृत्ति करना और दोबारा इस्तेमाल में लाना है। इसमें बंदरगाहों से संबंधित राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के प्रमुख बिंदु, हरित हाइड्रोजन सुविधा का विकास, एलएनजी का भंडारण, तटीय पवन ऊर्जा का उपयोग आदि शामिल हैं और ग्रीन रिपोर्टिंग इनीशिएटिव (जीआरआई) मानक अपनाने के लिए अवसर प्रदान करता है।

हरित सागर ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस का शुभारंभ हमारे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री श्री श्रीपद वाई. नाइक ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश हमारे सभी बंदरगाहों पर पर्यावरण के अनुकूल कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003YAYM.jpg

इस अवसर पर पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने बताया कि हमारे चार प्रमुख बंदरगाह दीनदयाल पोर्ट, विशाखापत्तनम पोर्ट, न्यू मैंगलोर पोर्ट और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट पहले से ही अपनी मांग से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं। अब से हमारे बंदरगाह पर्यावरणीय संकेतकों पर स्वयं का मूल्यांकन कर सकेंगे और पर्यावरणीय कार्य कुशलताओं में अपनी क्षमताएं पहचान सकेंगे।

प्रमुख बंदरगाहों को वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान उनके परिचालन और वित्तीय मापदंडों पर सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। उच्चतम वृद्धिशील सुधार दर्ज करने वाले बंदरगाहों को भी सम्मानित किया गया और उन्हें साल 2022-23 के दौरान उनके समग्र प्रदर्शन के आधार पर रैंक दी गई। मुख्य बंदरगाहों के बीच उचित एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव उत्पन्न करने और उन्हें आने वाले वर्ष में बेहतर तथा समुचित प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने का विचार का विस्तार किया गया है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0042OON.jpg

वर्ष 2022-23 के लिए सर्वश्रेष्ठ पूर्ण प्रदर्शन का पुरस्कार 137.56 एमएमटी के उच्चतम कार्गो का प्रबंधन करने के लिए कांडला के दीनदयाल पोर्ट को दिया गया है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को टर्न अराउंड टाइम में प्रमुख मील का पत्थर स्थापित करने के लिए पुरस्कार मिला है। पारादीप पोर्ट को शिप बर्थ डे आउटपुट पर बेहतर प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कामराजर पोर्ट को प्री-बर्थिंग डिटेंशन टाइम में सफलता मिली है, जबकि कोचीन पोर्ट को टर्न-अराउंड-टाइम (नॉन-कंटेनर पोर्ट) में बेहतर कार्य निष्पादन की ट्रॉफी दी गई है।

पिछले वर्ष 16.56% की उच्चतम कार्गो वृद्धि दर प्राप्त करने के लिए पारादीप पोर्ट द्वारा सर्वश्रेष्ठ वृद्धिशील प्रदर्शन का पुरस्कार प्रदान किया गया। बढ़ोतरी वाली श्रेणी में मोरमुगाओ पोर्ट को सर्वश्रेष्ठ शिप बर्थ डे आउटपुट के लिए एक और पुरस्कार दिया गया है, जबकि कामराजार पोर्ट को सर्वश्रेष्ठ प्री-बर्थिंग डिटेंशन टाइम के लिए सम्मानित किया गया है।

कार्गो हैंडलिंग, एवरेज टर्नअराउंड टाइम, शिप बर्थडे आउटपुट और आइडल टाइम एट बर्थ, ऑपरेटिंग रेशियो, प्री बर्थिंग डिटेंशन के आधार पर समग्र वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर पारादीप पोर्ट को सर्वश्रेष्ठ बंदरगाह का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

****

एमजी/एमएस/आरपी/एनके/डीके-



(Release ID: 1923202) Visitor Counter : 469