जनजातीय कार्य मंत्रालय

जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत ट्राइफेड ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और भारतीय डाक विभाग के सहयोग से पूर्वोत्तर के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विपणन तथा संचालन व्यवस्था की शुरुआत की

Posted On: 03 JAN 2021 12:32PM by PIB Delhi

जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत ट्राइफेड द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से कार्यान्वित करने के लिए उनकी पहचान तथा क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के साथ व्यवसायिक संभावनाओं का पता लगाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि जनजातीय लोगों का जीवन बेहतर करने के मिशन में एक बड़ी सफलता प्राप्त की जा सके। इस संदर्भ में एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके अनुसार ट्राइफेड पूर्वोत्तर क्षेत्रों के समृद्ध एवं पारंपरिक जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक सफल विपणन और लॉजिस्टिक प्रक्रिया को लागू करने में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय तथा भारतीय डाक विभाग के साथ सहयोग करेगा। इस पहल का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादों के लिए एक ब्रांड स्थापित करना है, साथ ही इसका लक्ष्य दुनिया भर में ब्रांड के बारे में जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक इसकी पहुंच बनाना है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही अधिक जनजातीय आपूर्तिकर्ताओं को सुविधा तथा सहायता प्राप्त होने के परिणामस्वरूप यहां जनजातीय उद्यमशीलता में वृद्धि होगी, जिससे आय में भी बढ़ोत्तरी होगी और जनजातीय समुदायों के लिए रोज़गार बढ़ेगा।

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नियोजित क्रियाकलापों में शामिल हैं; आपूर्तिकर्ताओं और बुनाई समूहों की पहचान, जनजातीय संसाधनों की खरीद, उनका प्रशिक्षण और विकास, जनजातीय उत्पादों की खरीद एवं एकत्रीकरण तथा ट्राइब्स इंडिया आउटलेट्स को चयनित उत्पादों का परिवहन और वितरण एवं ग्राहकों तक उनकी पहुंच। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय अपनी एजेंसियों के माध्यम से इन गतिविधियों पर काम करेगा और ट्राइफेड घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विपणन तथा ब्रांडिंग के लिए अपने व्यापक नेटवर्क के आउटलेट्स और इसके ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों का उपयोग करेगा।

यह सहयोग विभिन्न स्तरों पर विशाल एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की एक्ट ईस्ट नीति के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर के उत्पादों की बिक्री को 4 गुना तक बढ़ाना है। यह जनजातीय आपूर्तिकर्ताओं की आमदनी को बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा यह आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा स्थानीय आदिवासी खरीद को बढ़ावा देने में वोकल फॉर लोकल मुहिम में भी प्रभावी रूप से योगदान देगा।



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उत्पादों को जीआई टैग करके, उत्पाद की उत्पत्ति के बारे में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है। यह पूर्वोत्तर को दुनिया भर में इस क्षेत्र, इसकी समृद्ध परंपरा और गुणवत्ता के बारे में जागरूकता पैदा करने में भी मदद करेगा। इस पहल के तहत उत्पादों को इधर - उधर पहुंचाने की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारतीय डाक का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया है।


इसके अलावा, जीआई टैग किए गए उत्पादों और जनजातीय वस्तुओं के प्रचार के एक भाग के रूप में ट्राइफेड भारतीय डाक के साथ अन्य पहलों में भी सहयोग करेगा। डाक विभाग द्वारा जनवरी 2021 में एक डाक टिकट प्रदर्शनी की योजना बनाई जा रही है, जिसमें 6 जीआई टैग वाली वस्तुओं का व्यापक रूप से प्रदर्शन और प्रचार किया जाएगा। फरवरी 2021 में जीआई विशिष्ट आदि महोत्सव प्रदर्शनी में ट्राइफेड द्वारा इन्हीं उत्पादों का प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा ट्राइफेड और भारतीय डाक मिलकर गुजरात के अहमदाबाद मुख्य डाकघर में एक आदिवासी प्रदर्शनी की सह-मेजबानी करेंगे। साथ ही वन धन विकास केंद्रों से लाख और गोंद की आपूर्ति करने की योजना बनाई गई है। भारतीय डाक द्वारा भविष्य की सभी उपहार आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिवासी कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों और वस्तुओं की खरीद भी की जाएगी।


इस सहयोग के सफल कार्यान्वयन तथा कई और आगामी परिवर्तनों के साथ, ट्राइफेड इन लोगों के लिए आय बढ़ाने और रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए लगातार कार्यशील है, इतना ही नहीं इससे देश भर में आदिवासियों के जीवन और उनकी आजीविका के पूर्ण परिवर्तन में सहायता प्राप्त होगी।

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