उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

वर्षान्त  समीक्षा 2020 - (उपभोक्ता मामले विभाग) उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

Posted On: 21 DEC 2020 12:38PM by PIB Delhi

वर्ष 2020 के दौरान उपभोक्ता मामले विभाग की प्रमुख उप‍लब्धियां इस प्रकार हैं:

  1. उपभोक्ता संरक्षण
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के स्‍थान पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, जुलाई, 2020 में अधिसूचित किया गया। ई-कॉमर्स नियमों सहित संबद्ध नियम और विनियम, जो विक्रेताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं के कर्तव्यों और दायित्वों को निर्दिष्ट करते हैं, भी अधिसूचित किए गए।
  • नियमों की अधिसूचना के साथ, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन, व्यापार के अनुचित तरीकों और झूठे या भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित मामलों पर नियंत्रण करने और एक वर्ग के रूप में उपभोक्ताओं के अधिकारों को बढ़ावा देने, उनकी रक्षा करने और उन्हें लागू करने में सक्रिय हो गया है।
  • उपभोक्ता संरक्षण (उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग) नियम, 2020 के नियम 8 के अनुसरण में,राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में उपभोक्ता शिकायतों को इलेक्ट्रनिक तरीके से दर्ज़ करने के लिए 7 सितंबर, 2020 को एक ऑनलाइन पोर्टल https://edaakhil.nic.in शुरू किया गया।

 

  1. कोविड -19 संबंधित पहल

 

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत

  • मास्क (2 प्लाई और 3 प्लाई सर्जिकल मार्क्स, एन95 मास्‍क) और हैंड सैनिटाइज़र को अनिवार्य वस्‍तु अधिनियम के तहत 30.6.2020 तक की अवधि के लिए अनिवार्य वस्‍तुओं की सूची में शामिल किया गया ताकि उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और उनकी जमाखोरी की रोकथाम की जा सके और कम आपूर्ति की समस्‍या हल की जा सके।
  • हैंड सैनिटाइज़र के निर्माण में प्रयुक्त अल्‍कोहल की कीमतों को विनियमित किया गया।
  • मास्क (2 प्लाई और 3 प्लाई), पिघले हुए गैर-बुने कपड़े और हैंड सेनिटाइज़र की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके दाम की अधिकतम सीमा तय की गई।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

  • कोविड-19 से हुए आर्थिक व्यवधान के कारण गरीबों को होने वाली कठिनाइयां दूर करने के लिए आर्थिक उपाय के एक हिस्से के रूप में, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के नाम से एक विशेष पैकेज जारी किया गया। इसके अंतर्गत अप्रैल से जून 2020 की अवधि में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए)के लाभार्थियों को प्रति परिवार एक किलो मूंग, तुअर, चना और उड़द जैसी दालें प्रदान की गईं ताकि गरीबों के लिए प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित हो सके।   18.3 करोड़ लाभार्थी परिवारों को 5.48 एलएमटी वितरित किया गया।
  • जून में, पीएमजीकेएवाई पैकेज को 3 महीने की शुरुआती अवधि से नवंबर, 2020 के अंत तक आगे बढ़ाया गया। पांच महीने की इस अवधि के दौरान, एनएफएसए लाभार्थियों के प्रत्येक परिवार को प्रति माह 1 किलो चना मुफ्त प्रदान किया गया। इन 5 महीनों में  लगभग 6.57 एलएमटी वितरित किया गया था।

आत्मनिर्भर भारत पैकेज

  • आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत, प्रवासी श्रमिकों के कष्ट कम करने के लिए, प्रति प्रवासी श्रमिक परिवार जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शामिल नहीं थे या वे जो किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में राशन कार्ड के बिना फंसे हुए थे, को सरकारी सुरक्षित भंडार से 2 किलो चने की आपूर्ति का प्रावधान किया गया। 1.66 करोड़ लाभार्थी परिवारों में1.66 एलएमटी वितरित किया गया। 
  1. व्यापार करने में आसानी
  • कोविड-19 के दौरान, उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए, दो चरणों में छह महीने की अवधि के लिए परामर्शी जारी कि गई। इस दौरान माप और तौल के सत्यापन और मुद्रांकन के लिए समय की अनुमति दी गई।
  • कोविड-19 की स्थिति के कारण, निर्माताओं/पैकर्स को ऐसी पैकेजिंग सामग्री / आवरण का उपयोग 30.09.2020 तक विनिर्माण की पूर्व-मुद्रित तारीख के साथ करने की अनुमति दी गई, जो नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर इस्तेमाल नहीं की जा सकती थी।
  • कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की असाधारण स्थिति के कारण और उद्योग की कठिनाइयों को कम करने के लिए, बीआईएस ने बीआईएस के लाइसेंस धारियों के लिए एमएसएमई विनिर्माण क्षेत्र में छूट और आवेदन शुल्क में कमी के माध्यम से लगभग 54.38 करोड़ का विशेष लाभ प्रदान करने सहित बीआईएस विनियम, योजनाओं और दिशानिर्देशों के प्रावधानों में अस्थायी छूट दी।
  • आभूषण विक्रेताओं के पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और परख एवं हॉलमार्क केन्‍द्रों को मान्यता प्रदान करने और पूर्व प्रदत्‍त मान्‍यता के नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई।
  • ईसी अधिनियम के तहत लाइसेंस का नवीकरण – ईसी अधिनियम के तहत लाइसेंस की वार्षिक/आवधिक नवीकरण की आवश्यकता के बारे में चिंताओं को कम करने और व्यापार सुगमता की स्थिति में सुधार के साथ-साथ 'मेक इन इंडिया' पर बल देने के लिए, सभी संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों ने आवश्यक आदेश जारी किए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाइसेंस की वैधता,जारी करने की तारीख से कम से कम पांच साल के लिए हो।
  • आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन: आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद 27 सितंबर, 2020 को अधिसूचित किया गया। अनाज, खाद्य तेलों, दालों, तिलहन, आलू और प्याज के भंडारण नियमों को नियंत्रित करने वाले 65 वर्ष पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन एक दूरदर्शी कदम है, जिससे अनुबंध कृषि खरीददारों कोछूट प्रदान करने और ईसी अधिनियम के तहत लाइसेंस की वैधता में वृद्धि के माध्‍यम से किसानों की आय और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं में मूलभूत बदलाव आया है। इससे कृषि-बागवानी उत्पादों की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और किसानों की आय और आर्थिक वृद्धि दोगुना करने में मदद मिलेगी, जिससे समूचे कृषि-क्षेत्र का कायाकल्‍प होगा। भारतीय मानक ब्यूरो से कहा गया है कि वह गोदामों और भंडारण ढांचे के लिए मानक विकसित करे ताकि उक्त कृषि-खाद्य पदार्थों के अविनियमन के बाद आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में निवेश को बढ़ावा मिले।
  • संबद्ध राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के कृषि उत्पादन और पशुधन संविदा खेती और सेवा (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम के तहत पंजीकृत अनुबंध कृषि क्रेता कोस्टॉक सीमा से लेकर अनुबंध खेती के तहत खरीदी गई मात्रा तक छूट देने के लिए दिनांक 29.09.2016 के आदेश में संशोधन करने का निर्णय किया गया। इससे कृषि और कृषि प्रसंस्करण उद्योग में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसान की आय दोगुनी करने का लक्ष्‍य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
  1. मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसअफ)
  • पीएसएफ के तहत, प्रभावी बाजार हस्तक्षेप के लिए 20 लाख मीट्रिक टन तक के दालों के सुरक्षित भंडार के निर्माण को मंजूरी दी गई और भंडारण के लिए एमएसपी पर दालों की खरीद के माध्यम से लगभग 8.5 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया।
  • सुरक्षित भंडार से दालें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्याह्न भोजन योजना और एकीकृत बाल विकास योजना के लिए उपयोग की गईं।
  • सुरक्षित भंडार से दलहन का उपयोग सेना और केंद्रीय अर्ध-सैन्य बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी किया गया। इससे सुरक्षित भंडार के निपटान में नियमित चैनल को संस्‍थागत रूप देने और सोर्सिंग, गुणवत्ता, नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करनेमें मदद मिलेगी।
  • दालों की उपलब्धता और कीमतों में सुधार लाने के लिए खुले बाजार में दालें जारी की गईं।
  • मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत प्याज के बफर स्टॉक का 1 एलएमटी खरीदा गया।
  • कीमतों को कम करने के लिए सफ़ल, केंद्रीय भंडार और राज्य एजेंसियों जैसी संस्‍थाओंके माध्यम से बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति की गई।
  1. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस)
  • आत्मनिर्भर भारत और व्‍यापार करने में सुगमता जैसे सरकार के कार्यक्रमों के अनुरूप उपभोक्ताओं, उद्योग, प्रयोगशालाओं आदि विभिन्न हितधारकों के लिए ई-बीआईएस परियोजना (www.manakonline.in) के तहत सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों/ऑनलाइन पोर्टलों के विकास और कार्यान्वयन के माध्यम से बीआईएस ने अपनी सभी गतिविधियों को स्वचालित करने की दिशा में सक्रिय रूप से प्रगति की। ई-बीआईएस की परिकल्पना बीआईएस की सभी गतिविधियों और डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, प्रभावी निगरानी के लिए बेहतर एमआईएस, उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस आदि उन्नत सुविधाओं के साथ की गई है।
  • मानक निर्माण प्रक्रिया के डिजिटलीकरण के लिए एक मानक पोर्टल विकसित किया गया है। पोर्टल ने हितधारकों के लिए मानकों को सुलभ और मुक्त बना दिया है।
  • मानकों और गुणवत्ता मानदंडों को मुख्यधारा में लाने के लिए, बीआईएस ने तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम में मानकों के एकीकरण के लिए आईआईटी के साथ मिलकर प्रयास है।"
  • गुणवत्ता नियंत्रण आदेश या तकनीकी विनियम, दोनों, मानक या अनिवार्य शर्त के अनुपालन कीआवश्यकताएं निर्दिष्ट करते हैं। विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों द्वारा जारी किए गए गुणवत्‍ता नियंत्रण आदेशोंके तहत वर्तमान में, 270 भारतीय मानकों को कवर करने वाले 263 उत्पाद बीआईएस द्वारा अनिवार्य प्रमाणन (आईएसआई मार्क) के अंतर्गत आते हैं।
  • इले‍क्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नए और नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओज) के तहत 61 सूचना प्रौद्योगिकी और सौर उत्पादों को बीआईएस की अनिवार्य पंजीकरण योजना के तहत कवर किया गया है।
  • सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग के लिए गुणवत्‍ता नियंत्रण आदेश, स्‍वर्ण और स्‍वर्ण निर्मित्‍त शिल्‍पकृतियां हॉलमार्किंग आदेश, 2020 अधिसूचित किया गया। इसमें सोने के आभूषणों और शिल्‍पकृतियों की हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया गया है, जो 1 जून, 2021 से लागू होगा।
  1. मीडिया गतिविधियाँ
  • वर्ष के दौरान, अखिल भारतीय स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण और भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ प्रिंट मीडिया में महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान क्रमश: संपत्ति पर मोबाइल टॉवर स्थापित करने के लिए धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों और एक ही मूल्यवर्ग में विभिन्न डिजाइनों में सिक्के स्वीकार करने के प्रस्तावों के खिलाफ चलाया गया।
  • कोविड-19 महामारी के प्रकोप के दौरानरसद के प्रबंधन के लिए आवश्यक आपूर्ति बनाए रखने से संबंधित मामलों पर शिकायत निवारण तंत्र के बारे में आम जनता को जागरूक करने के लिए प्रिंट मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसने COVID-19 लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन के लिए आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और ध्‍यान दी जाने वाली बातों की जानकारी निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं को प्रदान की।
  • विभाग ने एनएफएसए के लाभार्थियों को योजना के लाभों के बारे में प्रचार और जागरूकता बढ़ाने के लिए पंचायतों में पीएमजीकेएवाई पर एक वीडियो फिल्म वितरित की और उसे प्रदर्शित किया गया।राज्य सरकारों और पंचायती राज विभाग, भारत सरकार ने स्थानीय भाषाओं में पंचायतों में वीडियो फिल्म चलाने में मदद की।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 पर पोस्टर, ऑडियो-क्लिपिंग और वीडियो फिल्मों के माध्यम से विशेष उपभोक्ता जागरूकता अभियान चलाए गए और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने के तरीके पंचायती राज विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, डाकघरों और राज्य की मदद से इमारतों पर सामग्री के जरिएप्रदर्शित किए गए।
  1. राष्ट्रीय परीक्षण शाला
  • नेशनल टेस्ट हाउस जो विभिन्न इंजीनियरिंग सामग्रियों और तैयार उत्पादों के परीक्षण, मूल्यांकन और गुणवत्ता नियंत्रण के क्षेत्र में काम करता है, ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में उच्च प्रौद्योगिकी परीक्षण सुविधाओं का निर्माण किया। इसने नए उपकरणों जैसे पॉवर क्वालिटी एनालाइज़र, सीमेंट आटोक्लेव, थर्मल एंड्योरेंस चैंबर, डीसी हाई वोल्टेज इंसुलेशन टेस्टर आदि की भी खरीद की है।

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