रेल मंत्रालय

रेल विद्युतीकरण कार्य में जोरदार वृद्धि


अजमेर से दिल्ली रेल मार्ग के अहम दिघावाड़ा-बांदीकुई खंड का विद्युतीकरण कार्य पूरा

एनसीआर को रेलवे के डीजल इंजन से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी

केन्द्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने उत्तर-पश्चिमी रेलवे के नये विद्युतीकृत दिघावाड़ा-बांदीकुई खंड का उद्घाटन किया और इस नये विद्युतीकृत रेल मार्ग पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

भारतीय रेलवे ने दिसम्बर 2023 तक बड़ी रेल लाइन नेटवर्क के पूर्ण विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है

बड़ी रेल लाइन मार्ग का 66% से अधिक पहले ही विद्युतीकृत हो चुका है

18065 किमी लाइन के विद्युतीकरण के साथ रेलवे ने 2009-2014 की तुलना में 2014-20 के दौरान 371% अधिक विद्युतीकरण का रिकॉर्ड बनाया

दिसम्बर 2023 तक 28143 किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण पूरा करने का लक्ष्य

41500 किमी पहले ही विद्युतीकृत हो चुका है

66 प्रतिशत से अधिक रेल लाइनों का विद्युतीकरण पहले ही पूरा कर लिया गया है

Posted On: 29 NOV 2020 6:23PM by PIB Delhi

केन्द्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने उत्तर-पश्चिमी रेलवे के नये विद्युतीकृत दिघावाड़ा-बांदीकुई रेल खंड का उद्घाटन किया और दिघावाड़ा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में इस नये विद्युतीकृत रेल मार्ग पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधि और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  श्री पीयूष गोयल ने आज इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि गुरु नानक देव जी की जयंती के पूर्व का यह दिन बहुत विशेष है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय रेलवे तीव्र गति और गुणवत्ता के साथ चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है तथा सभी के सहयोग, टीमवर्क और प्रेरणा से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

रेलवे के कार्यों पर जोर देते हुए श्री गोयल ने कहा कि राजस्थान में कोटा-मुम्बई लाइन का विद्युतीकरण कार्य 35 वर्ष पूर्व किया गया था और उसके बाद किसी ने इस क्षेत्र की ओर ध्यान नहीं दिया। रेलवे में इस पर कार्य करते हुए देशभर में संपूर्ण रेल लाइनों के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राजस्थान के संबंध में उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2009-2014 तक इस क्षेत्र में बिल्कुल भी विद्युतीकरण कार्य नहीं हुआ था जबकि पिछले साढ़े पांच वर्षों में (सितम्बर 2020 तक) 1433 किमी रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो गया है यानी कि प्रति वर्ष 240 किमी रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया गया। श्री गोयल ने कहा कि इन वर्षों के दौरान सोच में परिवर्तन आया है और हमारे काम करने के तरीके में भी बदलाव हुआ है। आज इस रेल मार्ग के विद्युतीकरण के बाद रेवाड़ी से अजमेर के रेल मार्ग का विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है और अब दिल्ली से अजमेर के लिए विद्युतीकृत ट्रेन भी जल्द ही आरंभ होंगी। इन ट्रेनों के संचालन के बाद डीजल ट्रेनें चलना बंद हो जाएंगी जिससे कि प्रदूषण नियंत्रित होगा और बाहर से आयातित ईंधन पर निर्भरता नहीं रहेगी तथा स्वावलम्बी भारत में पैदा होने वाली बिजली से ट्रेनों का संचालन होगा, इससे महत्वपूर्ण राजस्व की भी बचत होगी। इसके अलावा ट्रेनों की औसत गति भी बढ़ेगी तथा उद्योगों, खेती आधारित कारोबार का विकास होगा और ग्रामीणों व किसानों की तरक्की होगी। किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा उनकी कृषि उपज के परिवहन के लिए किसान रेल का परिचालन किया जा रहा है। सरकार किसानों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री गोयल ने सभी से कोविड संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने, मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने और स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की।

विद्युतीकरण का कार्य केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण (सीओरआरई) प्रयागराज द्वारा किया गया है। दिल्ली सराय रोहिल्ला-मदार (अजमेर) के विद्युतीकरण कार्य को सीओआरई द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी और रेल विद्युतीकरण परियोजना, जयपुर के सुपुर्द की गई थी। दिल्ली सराय रोहिल्ला-मदार (अजमेर) के विद्युतीकरण के लिए कुल 23418 फाउंडेशन, 26 स्विचिंग स्टेशन, 6 ट्रैक्शन सब-स्टेशन और सात ओएचई डिपो स्थापित किए गए थे।

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