नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कोविड-19 के कारण लॉकडाउन से पहुंचे अवरोध के कारण नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का समय 24.08.20 तक बढ़ाया

प्रविष्टि तिथि: 14 AUG 2020 7:14PM by PIB Delhi

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह निर्धारित किया है कि लॉकडाउन की तिथि 25 मार्च 2020 तक मंत्रालय की नवीकरणीय ऊर्जा क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से अथवा मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को 25 मार्च 2020 से 24 अगस्त 2020 तक 5 महीने का कालावधि विस्तार दिया जाएगा। विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर के सिंह द्वारा इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। मंत्रालय के दिनांक 13.08.20 के ताज़ा ऑफिस मेमोरेंडम के ज़रिये यह निर्णय दिया गया।  नवीकरणीय ऊर्जा के डेवलपर्स ने मंत्रालय से कहा कि लॉकडाउन के कारण (कोविड-19 की वजह से) उनको एक सामान्य कालावधि विस्तार दिया जा सकता है एवं लॉकडाउन के बाद सामान्यीकरण के लिये ज़रूरी अतिरिक्त समय प्रदान किया जा सकता है। विषय की समीक्षा के पश्चात मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिया गया।

     वैसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सभी नवीकरणीय ऊर्जा क्रियान्वयन एजेंसियां कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन को अप्रत्याशित घटना की तरह लेती हैं। यदि नवीकरणीय ऊर्जा डेवेलपर द्वारा यह विस्तार लगाया जाता है, तो यह केस-टू-केस परीक्षण के बग़ैर प्रदान किया जाएगा एवं इस प्रकार के विस्तार के लिये किसी दस्तावेज़/प्रमाण के बारे में नहीं पूछा जाएगा।  किसी परियोजना के अंदर क्रमशः निहित उपलब्धियों को कमीशनिंग के लिये मुहैया कराए गए कालावधि विस्तार के अंदर एक विस्तार प्रदान किया जा सकता है।

     परियोजना के डेवलपर इस प्रकार के कालावधि विस्तार का लाभ वैल्यू चेन में अन्य हिस्सेदारों जैसे इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन कॉंन्ट्रैक्टर्स, मैटेरियल, इक्विपमेंट सप्लायर्स, ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स (ओइएम) इत्यादि को, इसी प्रकार का समय विस्तार देकर, भी प्रदान कर सकते हैं ।

     ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (राज्यों के नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ा कामकाज देखने वाले विद्युत/ऊर्जा विभागों के अंतर्गत आने वाली एजेंसियों समेत) भी कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन को अप्रत्याशित स्थिति मानकर इस लॉकडाउन के कारण समुचित समय विस्तार प्रदान कर सकते हैं।

     इससे पूर्व मंत्रालय ने एसइसीआई, एनटीपीसी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, प्रदेश सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के विद्युत/ऊर्जा/नवीकरणीय ऊर्जा विभागों के सचिव/ प्रशासन को यह दिशानिर्देश दिये थे कि चीन अथवा अन्य किसी देश में कोरोना वायरस के प्रसार के कारण आपूर्ति श्रृंखला में पैदा व्यवधान से हुई देरी को अप्रत्याशित स्थिति माना जाए तथा यह कहा था कि संबंधित डेवलपर द्वारा परियोजनाओं की पूर्ति में हुई देरी के संबंध में प्रमाण दिये जाने के पश्चात परियोजनाओं के लिये समुचित कावालधि विस्तार दिया जा सकता है।     

 

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एमजी/एम/एबी/एसएस


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