रक्षा मंत्रालय

भारतीय नागरिकों को लेकर भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईएनएस जलाश्व’ मालदीव से कोच्चि (भारत) पहुंचा

प्रविष्टि तिथि: 10 MAY 2020 8:49PM by PIB Delhi

“ऑपरेशन समुद्र सेतु” के तहत ‘आईएनएस जलाश्व’ मालदीव में फंसे महिलाएँ, बुजुर्गों और बच्चों सहित कुल 698 भारतीय नागरिकों को लेकर 10 मई की सुबह करीब 10 बजे कोच्चि बंदरगाह पहुंचा। निकासी की सभी औपचारिकताएं पूरी कर जहाज मालदीव से 8 मई की देर शाम रवाना हुआ था। संबंधित टीमों द्वारा सभी आवश्यक उपाय किए गए ताकि कम-से-कम सामाजिक संपर्क के साथ सुरक्षित यात्रा पूरी किया जा सके। यात्रा के दौरान वृद्ध लोगों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए पर्याप्त देखभाल की व्यवस्था गई। सभी यात्रियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण के साथ प्रशिक्षित भारतीय नौसेना कर्मियों द्वारा देखभाल किया गया था। निकासी संचालन भारत सरकार द्वारा जारी सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया था।

कोचीन पोर्ट ट्रस्ट के क्रूज टर्मिनल पर मौजूद नौसैनिकों और राज्य प्रशासन के अधिकारियों द्वारा यात्रियों की आगवानी की गई। क्रूज टर्मिनल पर कोविड अनुवीक्षण (स्क्रीनिंग) और आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सीमा शुल्क, आव्रजन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, बीएसएनएल और जिला प्रशासन के लिए चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार टर्मिनल पर ग्लास काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था के तहत कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) से सामान (बैगेज) ट्रॉलियों को लाया गया था जिसका उद्देश्य सभी को तेजी से भेजना, सामाजिक दूरी अपनाते हुए कार्य करना और सभी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा औपचारिकताओं को एक कुशल तरीके से पूरा करना था।

भारतीय नौसेना के निकासी प्रयासों तथा प्रमुख मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों में विशाखापत्तनम स्थित आईएनएस जलाश्व सबसे आगे रहा है। जहाज को मूलत: सैनिकों को लाने-ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन इस निकासी के लिए जहाज को विशेष तौर पर संशोधित किया गया था। इस ऑपरेशन के लिए भारतीय नौसेना की प्रशिक्षित चिकित्सा टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया था।

आज इस प्रत्यावर्तन ऑपरेशन का पहला हिस्सा पूरा हुआ, और यह आगे जारी रहते हुए कोच्चि स्थित दूसरा जहाज ‘आईएनएस मगर’ 202 भारतीय नागरिकों के साथ माले, मालदीव से रवाना हुआ। कोविड-19 महामारी फैलने के कारण भारत सरकार के “वंदे भारत मिशन” के तहत मध्य पूर्व और मालदीव में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापस लाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। 

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एएम/पीकेपी–


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