सूचना और प्रसारण मंत्रालय
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया
देश भर में 4,710 गतिविधियां आयोजित की गईं; 74,000 से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ लक्ष्य का 160% हासिल
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 7:15PM by PIB Delhi
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026' अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चला और 'स्वच्छ भारत दिवस' पर इसका समापन हुआ। "स्वच्छता में सबकी भागीदारी; स्वच्छ भारत, विकसित भारत" की थीम पर संचालित इस अभियान ने स्वच्छ और विकसित भारत के विजन और संकल्प को आगे बढ़ाने में हर व्यक्ति की सामूहिक भूमिका और जिम्मेदारी पर बल दिया। इसका उद्देश्य 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमवाली, 2026' के बारे में जागरूकता बढ़ाना, स्वच्छता में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करना और सामूहिक स्वामित्व व जन-भागीदारी को बढ़ावा देना भी था।
मंत्रालय ने अपनी सभी मीडिया इकाइयों और उनके क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ मिलकर, अभियान के विभिन्न पहलुओं के अंतर्गत देश भर में 4,710 कार्यक्रम आयोजित किए। 2,943 के लक्ष्य की तुलना में, इस तरह निर्धारित लक्ष्य का 160 प्रतिशत हासिल किया गया। इन गतिविधियों में कुल 74,483 लोगों ने भाग लिया।

सूचना और प्रसारण, रेल तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के अंतर्गत पहली अक्टूबर को तीनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।
इस अवसर पर अधिकारियों को संबोधन में श्री वैष्णव ने बल दिया कि स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे स्थायी आदत बनाना चाहिए जो रोजमर्रा की जिंदगी और काम का स्वाभाविक हिस्सा बन जाए। उन्होंने आग्रह किया कि स्वच्छता का संदेश हर कार्यालय और जमीनी स्तर पर मौजूद हर इकाई, यहां तक कि सबसे छोटे क्षेत्रीय कार्यालय तक भी पहुँचे।
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) में "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया और सभी से स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने मीडिया इकाइयों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों के साथ कार्य की प्रगति की समीक्षा की। सचिव ने उन्हें अभियान में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने के निर्देश दिए।
इन गतिविधियों में सफ़ाई और लोगों की भागीदारी के विभिन्न पहलू शामिल थे। स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों' (सीटीयू) का कायाकल्प और साफ़-सुथरी सार्वजनिक जगह के अंतर्गत, मुश्किल और गंदी जगहों और ज़्यादा भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों की पहचान की गई, उन्हें मैप किया गया और निर्धारित समय में साफ़ किया गया। कुल 2,864 सीटीयू का कायाकल्प किया गया और सार्वजनिक जगहों की सफ़ाई की गई।
'स्वच्छ पाठशाला: स्वच्छता के लिए युवा' के अंतर्गत, विद्यार्थियों और युवाओं को सफ़ाई के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाया गया। इसके लिए 'स्वच्छता ज्ञान यात्रा', ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं के दौरे और 'स्वच्छता एवं जल संचय संवाद' जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन संवादों में सफ़ाई, बारिश के पानी को एकत्र करने और पानी के प्रबंधन पर बातचीत और चर्चा शामिल थी। इस हिस्से के अंतर्गत कुल 219 कार्यक्रम आयोजित किए गए।

'सफ़ाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर' के अंतर्गत, सफ़ाई मित्रों/स्वच्छग्रहियों/सफ़ाई कर्मचारियों के लिए सिंगल-विंडो कैंप लगाए गए। इन शिविरों में केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत योग्य लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना, बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच और पीपीई किट/सुरक्षा उपकरण बांटना शामिल था। सफ़ाई के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए स्थानीय स्तर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किए गए। इस हिस्से के अंतर्गत कुल 139 कार्यक्रम आयोजित किए गए।

'स्वच्छता के लिए जन भागीदारी' वाले हिस्से में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को जोड़ने की पहल पर ध्यान दिया गया। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के बारे में जागरूकता, कचरे को चार तरह से अलग-अलग करने और खाद बनाने को बढ़ावा देना शामिल था। साथ ही, 'स्वच्छता के लिए खेल', 'स्वच्छ पर्व', 'हरित पर्व' और 'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत पौधे लगाने जैसे अभियान भी चलाए गए। इस हिस्से के तहत कुल 1,418 कार्यक्रम आयोजित किए गए।

'स्वच्छता से समृद्धि' के अंतर्गत, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके लिए "कबाड़ से जुगाड़ - वेस्ट टू वेल्थ" और "कबाड़ से कला - वेस्ट टू आर्ट" जैसी पहल की गईं। इसके साथ ही पुरानी किताबें, खिलौने और कपड़े दान करने के अभियान भी चलाए गए। इस पहल के तहत 70 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मंत्रालय ने 27 सितंबर 2026 को 'विश्व पर्यटन दिवस' और पहली अक्टूबर 2026 को "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" के अंतर्गत विशेष गतिविधियां आयोजित कीं। इसमें एक घंटे की स्वैच्छिक स्वच्छता सेवा का योगदान दिया गया। इसके अलावा, 2 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छ भारत दिवस' पर विशेष सफाई अभियान चलाए गए, जिनमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मंत्रालय ने अपनी मीडिया इकाइयों और क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी और निरंतर चलने वाले जन-आंदोलन के रूप में बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया। इसमें देश भर के अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, सफाई मित्रों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।
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पीके/केसी/आरटी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2321029)
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