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एआईआईए में स्वच्छता ही सेवा 2026 का समापन; विशेष अभियान 6.0, 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा

प्रविष्टि तिथि: 04 OCT 2026 10:08AM by PIB Delhi

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली ने 2 अक्टूबर, 2026 को स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2026 का समापन किया। एआईआईए के स्वस्थवृत्त और योग विभाग द्वारा आयोजित यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक "स्वच्छता में सभा, स्वच्छ भारत, विकसित भारत" विषय के तहत चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य संस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।

समापन दिवस पर, कार्यक्रम में एआईआईए के निदेशक प्रो. (डॉ.) पी.के. प्रजापति; डीयू की डीन प्रो. (डॉ.) मंजुषा राजगोपाला; अनुसंधान डीन प्रो. (डॉ.) राजगोपाला; डॉ. राजा राम महतो, एएमएस, और संस्थान के संकाय सदस्य उपस्थित थे।

समापन कार्यक्रम के अंतर्गत एआईआईए में परिसरव्यापी स्वच्छता अभियान चलाया गया। सभा को संबोधित करते हुए एआईआईए के निदेशक प्रो. (डॉ.) पी.के. प्रजापति ने स्वच्छता और साफ-सफाई को एक साझा जिम्मेदारी बताते हुए सभी को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

एआईआईए के सहभागी सदस्यों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने और स्वच्छ, स्वस्थ और सतत पर्यावरण को बनाए रखने में योगदान देने की शपथ ली।

संस्थान में स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने में उनके समर्पित और निरंतर योगदान को मान्यता देते हुए सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया।

विभाग ने पर्यावरण स्थिरता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनटीपीसी क्षेत्र में "एक पेड़ मां के नाम" पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। इस वृक्षारोपण अभियान में प्रो. (डॉ.) मंजुषा राजगोपाला; प्रो. (डॉ.) महेश व्यास, डीन; प्रो. (डॉ.) राजगोपाला, डीन रिसर्च; और डॉ. राजा राम महतो, एएमएस, के साथ-साथ एआईआईए के वरिष्ठ संकाय सदस्य और शोधार्थी उपस्थित थे। संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों की भागीदारी स्वच्छता और पर्यावरण स्थिरता के आदर्शों के प्रति संस्थान की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

दो सप्ताह तक चले इस अभियान में संकाय सदस्यों, पीएचडी शोधार्थियों, स्नातकोत्तर शोधार्थियों, कर्मचारियों, रोगियों और उनके परिचारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान, अस्पताल के प्रतीक्षा कक्षों में रोगियों और उनके परिचारकों के लिए अपशिष्ट पृथक्करण, घरेलू खाद निर्माण, कम करें-पुन: उपयोग करें-पुनर्चक्रण करें (3 आर) और एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

श्रमदान गतिविधियों के अंतर्गत, संस्थान के कार्यालय परिसर और आंतरिक क्षेत्रों की सफाई की गई, जिससे स्वैच्छिक सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बल मिला। स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थानों पर अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए परिसर के भीतर और आसपास के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान भी चलाए गए।

संस्थान, "ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान" विषय के साथ चल रहे और 31 अक्टूबर, 2026 तक जारी रहने वाले विशेष अभियान 6.0 के माध्यम से स्वच्छता और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखेगा।

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पीके/केसी/एमके


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