प्रविष्टि तिथि:
22 SEP 2026 6:55PM by PIB Delhi
आयुष मंत्रालय कल नागपुर में “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय के तहत 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह की मेजबानी करेगा। पूरे भारत और विश्वभर में आयोजित समारोहों में आयुर्वेद संस्थान, चिकित्सक और हितधारक भाग लेंगे।
नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में “आयुष सेवा क्षेत्र” पर पहली बार तैयार की गई रिपोर्ट का शुभारंभ होगा, जिसे विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली (आरआईएस) ने तैयार किया है, जो आयुष सेवा क्षेत्र का आकलन प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में गोक्षुर (Tribulus terrestris) और चंद्रसूर (Lepidium sativum) पर सुरक्षा डोजियर, त्वचा विकारों पर मानक उपचार दिशानिर्देश तथा आयुर्वेद में साक्ष्य, अनुसंधान, नवाचार और सामुदायिक कल्याण को मजबूत करने के उद्देश्य से अन्य पहल और प्रकाशनों का भी शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम में “पारंपरिक ज्ञान से वैश्विक नेतृत्व तक: आयुष विजन 2030” रिपोर्ट, भारत में आयुष-संबंधित आविष्कारों पर स्थिति रिपोर्ट और सीसीआरएएस- अग्नि (केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद– आयुर्वेद ज्ञान नैपुण्य पहल) आकलन स्केल वेब पोर्टल का भी शुभारंभ होगा।
कार्यक्रम में दो वैज्ञानिक सत्र होंगे। वैज्ञानिक सत्र I का शीर्षक “शाश्वतम से विश्वास तक - स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद और 2047 की ओर मार्ग” और वैज्ञानिक सत्र II का शीर्षक “2027 तक एनसीडी (गैर-संचारी रोग) के बोझ को कम करने के लिए उपचारों का एकीकरण आवश्यक” होगा।
आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, परिषदों के प्रतिनिधि और विभिन्न आयुष संस्थानों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। समारोह आयुर्वेद पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा, जिससे ज्ञान के आदान-प्रदान और व्यापक सहभागिता के लिए एक मंच उपलब्ध होगा।
11वें आयुर्वेद दिवस समारोह आयुर्वेद को मजबूत करने और सामुदायिक कल्याण को आगे बढ़ाने में साक्ष्य, अनुसंधान और नवाचार के महत्व को रेखांकित करेंगे। देशभर और विश्वभर में होने वाला आयोजन स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित करने को और मजबूत करेगा।
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